शामली व मोदीनगर मिल पर प्रशासन का हंटर: 10 करोड़ की चीनी नीलामी का नोटिस — किसानों के खातों में सीधे पहुंचेगा बकाया

शामली / गाजियाबाद / मेरठ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 24 सितंबर 2026 शाम 5:35 बजे): उत्तर प्रदेश में डिफाल्टर चीनी मिलों के खिलाफ शासन की सख्त नीति का असर धरातल पर दिखने लगा है। शामली और मोदीनगर चीनी मिलों द्वारा पिछले पेराई सत्र का बकाया गन्ना मूल्य न चुकाने पर जिला प्रशासन और गन्ना विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों मिलों के सील गोदामों में रखी ₹10.25 करोड़ मूल्य की चीनी की सार्वजनिक ई-नीलामी का आधिकारिक गजट नोटिस जारी कर दिया है।
जिला गन्ना अधिकारी शामली और उप-जिलाधिकारी मोदीनगर के संयुक्त आदेश के तहत उत्तर प्रदेश गन्ना पूर्ति एवं खरीद विनियमन अधिनियम 1953 की धारा 17(4) के तहत यह जब्ती व नीलामी की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
🔴 लाइव अपडेट — 29 सितंबर 2026
शामली मिल ने बकाया निपटाया, नीलामी की नौबत टली: जिलाधिकारी आलोक यादव की समीक्षा बैठक में सामने आया कि शामली चीनी मिल ने अपने हिस्से के 323.19 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। ऊन चीनी मिल ने भी 267.03 करोड़ रुपये का पूरा बकाया चुका दिया। ऐसे में शामली मिल के खिलाफ चीनी नीलामी वाली स्थिति अब नहीं बनती दिख रही। (स्रोत: रॉयल बुलेटिन, 7 सितंबर 2026; लाइव हिंदुस्तान, 7 सितंबर 2026)
थानाभवन मिल पर दबाव, 95.22 करोड़ रुपये अभी बाकी: बैठक में थानाभवन चीनी मिल पर 301.60 करोड़ रुपये में से 95.22 करोड़ रुपये का बकाया निकलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल शत-प्रतिशत भुगतान का निर्देश दिया। भुगतान में लापरवाही बरतने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। (स्रोत: रॉयल बुलेटिन, 7 सितंबर 2026; लाइव हिंदुस्तान, 7 सितंबर 2026)
15 अक्टूबर तक पेराई शुरू करने का हुक्म: डीएम ने तीनों मिलों के प्रतिनिधियों को शासन के आदेश का हवाला देते हुए हर हाल में 15 अक्टूबर 2026 तक नया पेराई सत्र शुरू करने को कहा। समीक्षा में थानाभवन में 61, शामली में 60 और ऊन में 56.75 प्रतिशत मरम्मत कार्य पूरा पाया गया। बैठक में डीसीओ आरएस कुशवाहा और मिलों के महाप्रबंधक मौजूद रहे। (स्रोत: रॉयल बुलेटिन, 7 सितंबर 2026; लाइव हिंदुस्तान, 7 सितंबर 2026)
📊 दोनों मिलों पर नीलामी व बकाये का ब्योरा
| चीनी मिल (Sugar Mill) | नीलाम होने वाली चीनी (क्विंटल) | अनुमानित नीलामी मूल्य | अवशेष बकाया देयता |
|---|---|---|---|
| शामली शुगर मिल (सर शादीलाल) | 18,500 क्विंटल | ₹6.85 करोड़ | ₹28.5 करोड़ |
| मोदीनगर शुगर मिल (मोदी इंडस्ट्रीज) | 9,200 क्विंटल | ₹3.40 करोड़ | ₹14.2 करोड़ |
💰 नीलामी राशि का वितरण फॉर्मूला (100% डीबीटी)
- नो-एस्क्रो रूट: नीलामी से प्राप्त राशि को मिल प्रबंधन के किसी भी खाते में नहीं भेजा जाएगा।
- सीधे किसानों के खाते: गन्ना समिति सचिव और डीसीओ द्वारा सत्यापित सूची के अनुसार सबसे पुराने लंबित पर्ची धारक किसानों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे आरटीजीएस (RTGS/DBT) किया जाएगा।
- 28 सितंबर को बिडिंग: पोर्टल पर 28 सितंबर सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक थोक चीनी व्यापारियों और संस्थागत खरीदारों के लिए रिवर्स ई-ऑक्शन लाइव रहेगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: किन किसानों को पहले भुगतान मिलेगा?
उत्तर: ‘पहले आओ, पहले पाओ’ (Seniority of Supply) के आधार पर जिन किसानों का भुगतान सबसे लंबे समय से अटका हुआ है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रश्न 2: क्या इससे नए पेराई सत्र के संचालन पर असर पड़ेगा?
उत्तर: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलें समय पर चलेंगी, लेकिन उनका पूरा प्रबंधन और चीनी बिक्री प्रशासन के रिसीवर की देखरेख में होगी।
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