शामली और सिंभावली मिलों ने जारी किए ₹125 करोड़ — हाईकोर्ट के दबाव में एस्क्रो खाते से किसानों के खाते में DBT शुरू

मुख्य बिंदु (Quick Summary): इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के कड़े अल्टीमेटम के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दो सबसे बड़ी डिफ़ॉल्टर चीनी मिलों—अपर दोआब शुगर मिल (शामली) और सिंभावली शुगर्स (हापुड़)—ने आज ₹125 करोड़ की नई भुगतान किस्त किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर कर दी है। शेष बकाए के लिए गोदामों की सख्त निगरानी जारी है।
शामली/हापुड़ (CaneUp विशेष रिपोर्ट — 11 सितंबर 2026): इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा ₹1,936 करोड़ के गन्ना बकाए पर जिलाधिकारियों को दिए गए सख्त वसूली आदेश का सीधा असर धरातल पर दिखने लगा है। आज शुक्रवार सुबह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चर्चित डिफ़ॉल्टर चीनी मिलों ने एस्क्रो खाते से किसानों के खातों में कुल ₹125 करोड़ का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) शुरू कर दिया है।
इस भुगतान से शामली, हापुड़, गाजियाबाद और बुलंदशहर जनपदों के 45,000 से अधिक किसान परिवारों को आगामी त्योहारी सीजन और खाद-बीज की खरीद के लिए बड़ी आर्थिक राहत मिली है।
💰 आज जारी भुगतान का मिल-वार विवरण
| चीनी मिल का नाम | जनपद | आज जारी की गई धनराशि (₹ करोड़) | अब तक कुल चुकता राशि | शेष बकाया (15 अक्टूबर तक देय) |
|---|---|---|---|---|
| अपर दोआब शुगर मिल | शामली | ₹65.00 करोड़ | ₹110.00 करोड़ | ₹70.00 करोड़ |
| सिंभावली शुगर मिल | हापुड़ | ₹38.50 करोड़ | ₹72.50 करोड़ | ₹61.50 करोड़ |
| बृजनाथपुर शुगर मिल | हापुड़ | ₹21.50 करोड़ | ₹43.50 करोड़ | ₹35.00 करोड़ |
| कुल जारी धनराशि | — | ₹125.00 करोड़ | ₹226.00 करोड़ | ₹166.50 करोड़ |
🔍 जिलाधिकारी की सीधी निगरानी में एस्क्रो खाता
शामली के जिलाधिकारी ने बताया कि मिल प्रबंधन द्वारा चीनी और एथेनॉल की दैनिक बिक्री से प्राप्त होने वाली शत-प्रतिशत धनराशि सीधे जिला प्रशासन के अधीन संचालित एस्क्रो खाते (Escrow Account) में जमा कराई जा रही है।
- चीनी मिल परिसर में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (एसडीएम व तहसीलदार) 24 घंटे तैनात हैं।
- गोदाम से चीनी का एक भी ट्रक बाहर जाने से पहले उसकी बिक्री पर्ची और बैंक चालान का मिलान किया जाता है।
- बिक्री का 85% हिस्सा सीधे किसानों के भुगतान के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि 15% हिस्से से मिल श्रमिकों का वेतन और वैधानिक देनदारियां चुकाई जा रही हैं।
15 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत भुगतान का हलफनामा
हापुड़ के जिला गन्ना अधिकारी (DCO) ने बताया कि NCLT के अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) और सिंभावली प्रबंधन ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर आश्वासन दिया है कि शेष ₹96.50 करोड़ का भुगतान 15 अक्टूबर 2026 से पूर्व तीन किस्तों में पूरा कर दिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 अक्टूबर तक एक भी रुपया बकाया रहा, तो मिल को पेराई सत्र 2026-27 के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी और मिल के अन्य व्यावसायिक परिसंपत्तियों की ई-नीलामी कर वसूली की जाएगी।
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