शामली चीनी मिल 25 अक्टूबर से चलेगी: डीएम ने जारी किया सख्त पेराई आदेश — डिफाल्टर मिल पर 24 घंटे तैनात रहेंगे मजिस्ट्रेट

शामली (CaneUp विशेष ब्यूरो — 25 सितंबर 2026 सुबह 7:22 बजे): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों और चीनी उद्योग से जुड़े हलकों में पिछले कई महीनों से अनिश्चितता के केंद्र में रही शामली चीनी मिल (सर शादीलाल एंटरप्राइजेज लिमिटेड - The Upper Doab Sugar Mills, Shamli) के संचालन को लेकर आज जिला प्रशासन ने एक अत्यंत कड़ा और निर्णायक प्रशासनिक फैसला सुना दिया है। जिला मजिस्ट्रेट शामली ने कड़े वैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए आदेश पारित किया है कि मिल का पेराई सत्र आगामी 25 अक्टूबर 2026 से हर हाल में शुरू किया जाएगा।
मिल प्रबंधन द्वारा पिछले पेराई सत्र 2025-26 के लंबित गन्ना बकाये के भुगतान में लगातार की जा रही हीलाहवाली के बाद भारतीय किसान यूनियन और क्षेत्रीय किसानों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके मद्देनजर प्रशासन ने मिल के संचालन को अपने सख्त निगरानी तंत्र में ले लिया है।
⚖️ उत्तर प्रदेश गन्ना अधिनियम की धारा 17(4) के तहत प्रशासनिक शिकंजा
उत्तर प्रदेश गन्ना पूर्ति एवं खरीद विनियमन अधिनियम 1953 (UP Sugarcane Act 1953) की धारा 17 के अनुसार, किसी भी चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत भुगतान करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। धारा 17(4) जिला मजिस्ट्रेट और गन्ना आयुक्त को यह वैधानिक अधिकार देती है कि यदि मिल बकाये का भुगतान करने में विफल रहती है, तो प्रशासन भू-राजस्व बकाये की भांति रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी कर मिल के गोदामों, चीनी स्टॉक, शीरा और संपत्तियों को कुर्क कर नीलाम कर सकता है।
इसी अधिकार के तहत डीएम शामली ने मिल प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 25 अक्टूबर तक पेराई का पहिया नहीं घूमा, तो उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) और सार्वजनिक उत्तरदायित्व अधिनियम के तहत मिल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स पर व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।
🛡️ शामली मिल परिसर में 24 घंटे मजिस्ट्रेटों की तीन-शिफ्ट तैनाती
किसानों की उपज की सुरक्षा, घटतौली (कम वजन तौलने) की रोकथाम और शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएम शामली ने मिल परिसर और तौल कांटों पर प्रशासनिक अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई है:
- प्रथम शिफ्ट (प्रातः 06:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक): तहसीलदार शामली और नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस टीम।
- द्वितीय शिफ्ट (दोपहर 02:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक): उप-जिलाधिकारी (SDM शामली) और बाट एवं माप निरीक्षक की सीधी निगरानी।
- तृतीय शिफ्ट (रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक): क्षेत्राधिकारी पुलिस (CO City) और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट का सघन औचक निरीक्षण।
यह प्रशासनिक दस्ता मिल गेट के दोनों इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटों, केन कैरियर और प्रयोगशाला में चीनी रिकवरी परीक्षण की हर 2 घंटे में रिपोर्ट तैयार कर जिला मुख्यालय को भेजेगा।
💰 28 सितंबर की चीनी ई-नीलामी से निकलेगा पुराना बकाया
शामली चीनी मिल पर वर्तमान में पिछले सत्र का लगभग ₹28.5 करोड़ का गन्ना मूल्य बकाया है। इस बकाये के त्वरित निस्तारण के लिए प्रशासन द्वारा सील किए गए चीनी गोदाम संख्या 3 और 4 में रखी 18,500 क्विंटल चीनी की खुली सार्वजनिक ई-नीलामी 28 सितंबर 2026 को सुबह 11:00 बजे से आयोजित की जा रही है।
- इस नीलामी से लगभग ₹6.85 करोड़ से ₹7.10 करोड़ की सीधी नकद वसूली होगी।
- प्राप्त पूरी धनराशि को जिला गन्ना अधिकारी (DCO शामली) के एकल हस्ताक्षर वाले एस्क्रो खाते में जमा कराकर 29 सितंबर से ही सबसे पुरानी बकाया पर्चियों वाले किसानों के खातों में डीबीटी/आरटीजीएस के माध्यम से अंतरित किया जाएगा।
📊 शामली चीनी मिल: पेराई सत्र 2026-27 का आधिकारिक टाइम-टेबल
| महत्वपूर्ण चरण | निर्धारित तिथि | प्रशासनिक पर्यवेक्षक अधिकारी |
|---|---|---|
| बॉयलर पूजन एवं अग्नि प्रज्वलन | 02 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) | ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (CDI शामली) |
| स्टीम पाइपलाइन व टर्बाइन ट्रायल रन | 10 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2026 | सहायक निदेशक (बॉयलर निदेशालय) |
| 42 बाहरी क्रय केंद्रों पर वजन कांटे की जांच | 15 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2026 | संयुक्त टीम (बाट-माप विभाग व गन्ना समिति) |
| प्रथम पखवाड़ा ई-सप्लाई टिकट प्रेषण | 20 अक्टूबर 2026 | सचिव, सहकारी गन्ना विकास समिति शामली |
| मिल गेट व सेंटरों पर पेराई का शुभारंभ | 25 अक्टूबर 2026 (प्रातः 10:00 बजे) | जिला मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षक शामली |
🚚 42 क्रय केंद्रों पर डिजिटल लोड-सेल व सीसीटीवी अनिवार्य
शामली मिल से जुड़े सभी 42 बाहरी क्रय केंद्रों (Out Purchase Centres) पर वर्षों से चली आ रही घटतौली की शिकायतों पर पूर्ण विराम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त मानक तय किए हैं:
- सभी धर्मकांटों पर ऑटोमेटेड डिजिटल लोड-सेल (Load Cell) लगाए जा रहे हैं, जिसका लाइव डेटा जिला मुख्यालय के कंट्रोल रूम से कनेक्ट रहेगा।
- प्रत्येक कांटे पर दो सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी 30 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना मिल प्रबंधन के लिए अनिवार्य होगा।
- प्रत्येक केंद्र पर न्यूनतम 5 टन के सरकारी मानक बाट (Standard Weights) रखे जाएंगे, ताकि किसान स्वयं कांटे की सत्यता की जांच कर सकें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या शामली मिल चलने से पहले किसानों को पिछला पूरा पैसा मिल जाएगा?
उत्तर: डीएम शामली के आदेशानुसार, 28 सितंबर की चीनी नीलामी से प्राप्त होने वाले ₹7 करोड़ का तत्काल वितरण होगा। शेष बकाये के लिए मिल की दैनिक चीनी व एथेनॉल बिक्री का 85% राजस्व सीधे किसान एस्क्रो खाते में जमा कराने का अनुबंध बैंक गारंटी के साथ कराया गया है।
प्रश्न 2: यदि मिल 25 अक्टूबर को समय पर नहीं चलती है तो किसानों का क्या होगा?
उत्तर: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि मिल तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर पेराई टालती है, तो शामली मिल क्षेत्र के आरक्षित क्रय केंद्रों को तुरंत पड़ोसी मिलों (थानाभवन, ऊन, टिकौला और मंसूरपुर) से संबद्ध कर दिया जाएगा ताकि किसानों का गन्ना न सूखे।
प्रश्न 3: किसान अपने लंबित भुगतान की स्थिति कहां जांचें?
उत्तर: किसान भाई आधिकारिक पोर्टल enquiry.caneup.in पर लॉगिन करके शामली मिल (फैक्ट्री कोड) का चयन कर अपनी पर्चीवार भुगतान स्थिति देख सकते हैं।
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