शामली अपर दोआब मिल पर प्रशासन का सबसे बड़ा प्रहार — 1.2 लाख बोरी चीनी वाला गोदाम सील, ₹35 करोड़ की ई-नीलामी का नोटिस जारी

मुख्य बिंदु (Quick Summary): इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा ₹1,936 करोड़ के गन्ना बकाए पर 15 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत वसूली के कड़े आदेश के अनुपालन में शामली जिला प्रशासन ने आज ऐतिहासिक कार्रवाई की है। जिलाधिकारी शामली के निर्देश पर अपर दोआब शुगर मिल के तीसरे सबसे बड़े चीनी गोदाम (गोदाम संख्या-3) को सील कर उसमें रखी 1,20,000 बोरी परिष्कृत चीनी की सार्वजनिक ई-नीलामी (E-Auction) का विधिवत नोटिस जारी कर दिया गया है। नीलामी से प्राप्त लगभग ₹42 करोड़ की राशि किसानों के बैंक खातों में डीबीटी की जाएगी।
शामली (CaneUp एक्सक्लूसिव — 12 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट में बकाएदार चीनी मिलों पर प्रशासनिक शिकंजा अपने सबसे सख्त मुकाम पर पहुंच गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा 15 अक्टूबर तक बकाए की एक-एक पाई वसूलने की समयसीमा तय किए जाने के बाद शामली के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में प्रशासनिक अमले ने आज सुबह अपर दोआब शुगर मिल परिसर में पहुंचकर मिल के मुख्य गोदाम संख्या-3 को आधिकारिक रूप से सील कर दिया।
इस गोदाम में मिल की 1,20,000 बोरी (लगभग 12,000 मीट्रिक टन) ग्रेड-एम रिफाइंड चीनी सुरक्षित रखी हुई है।
गोदाम सील करने के तत्काल बाद जिला प्रशासन ने भू-राजस्व अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत उक्त चीनी स्टॉक की बिक्री हेतु ₹35 करोड़ के आरक्षित मूल्य (Reserve Price) पर ई-नीलामी की सार्वजनिक निविदा जारी कर दी है।
📊 अपर दोआब शुगर मिल (शामली) के बकाए और वसूली की अद्यतन स्थिति
| मद (Parameter) | विवरण / धनराशि | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| कुल देय गन्ना मूल्य (सत्र 2025-26) | ₹348.50 करोड़ | पेराई सत्र समाप्त होने तक |
| अब तक किया गया भुगतान | ₹278.50 करोड़ | एस्क्रो खाते और पूर्व नीलामी से |
| वर्तमान कुल शेष बकाया | ₹70.00 करोड़ | हाईकोर्ट के अधीन आरसी जारी |
| आज सील किए गए गोदाम की चीनी | 1,20,000 बोरी | भौतिक सत्यापन उपरांत सील |
| ई-नीलामी से अनुमानित प्राप्ति | ₹42.00 से ₹45.00 करोड़ | 18 सितंबर 2026 को बोली खोली जाएगी |
| नीलामी उपरांत संभावित अवशेष | ₹25.00 करोड़ | एथेनॉल अग्रिम अनुबंध से 10 अक्टूबर तक देय |
⚖️ 18 सितंबर को खुलेगी ई-टेंडर बोली
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने बताया कि चीनी की ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है:
- थोक व्यापारी, एफएमसीजी कंपनियां और चीनी निर्यातक 17 सितंबर शाम 5:00 बजे तक ऑनलाइन धरोहर राशि (EMD) जमा कर टेंडर भर सकते हैं।
- 18 सितंबर सुबह 11:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में तकनीकी व वित्तीय बिड खोली जाएगी।
- सफल बोलीदाता द्वारा जमा की जाने वाली संपूर्ण धनराशि सीधे जिलाधिकारी द्वारा संचालित ‘गन्ना मूल्य एस्क्रो खाता’ में आएगी, जहां से 24 घंटे के भीतर शामली और कैराना क्षेत्र के 18,500 बकाएदार किसानों के बैंक खातों में आरटीजीएस कर दिया जाएगा।
मिल प्रबंधन को 15 अक्टूबर तक अंतिम मोहलत
जिला प्रशासन ने मिल प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 अक्टूबर तक शेष ₹25 करोड़ की राशि भी चुकता नहीं की गई, तो मिल की डिस्टिलरी यूनिट और परिसर की अचल संपत्तियों की कुर्की कर दी जाएगी।
इसके साथ ही जब तक शत-प्रतिशत नो-ड्यूज सर्टिफिकेट जारी नहीं होगा, मिल को आगामी सत्र 2026-27 के लिए गन्ना क्रय केंद्रों का आवंटन नहीं किया जाएगा।
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