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शामली की तीनों चीनी मिलों को अंतिम अल्टीमेटम — 10 सितंबर तक पूरा बकाया न चुकाने पर आरसी की तैयारी

Randhir Patil Randhir Patil Sep 2, 2026 3 min read
शामली की तीनों चीनी मिलों को अंतिम अल्टीमेटम — 10 सितंबर तक पूरा बकाया न चुकाने पर आरसी की तैयारी
अंतिम अपडेट: September 2, 2026 9:30 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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शामली: शामली जिले के गन्ना किसानों के पिछले पेराई सत्र 2025-26 के शेष बकाया भुगतान को लेकर जिला प्रशासन का रुख बेहद सख्त हो गया है। कल 1 सितंबर को जिले की मिलों द्वारा ₹162 करोड़ का भुगतान जारी किए जाने के बाद आज शामली के जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिले की तीनों चीनी मिलों—अपर दोआब शुगर मिल शामली, बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल थानाभवन और उत्तम शुगर मिल ऊन के शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और 10 सितंबर 2026 तक शत-प्रतिशत बकाया भुगतान शून्य करने का अंतिम अल्टीमेटम जारी कर दिया।

समीक्षा बैठक में जिला गन्ना अधिकारी (DCO) शामली ने बताया कि कल के भारी भुगतान के बावजूद अभी भी तीनों मिलों पर किसानों का लगभग ₹78 करोड़ का अवशेष बकाया है। इसमें सबसे अधिक देयता बजाज थानाभवन और शामली मिल पर है। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि 10 सितंबर की शाम तक मिल प्रबंधन अवशेष राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर नहीं करता है, तो 11 सितंबर को मिलों के खिलाफ भू-राजस्व अधिनियम की धारा के तहत वसूली प्रमाण पत्र (RC) जारी कर चीनी गोदामों को सील कर दिया जाएगा।

एस्क्रो खाते में जमा दैनिक चीनी बिक्री का पैसा

जिलाधिकारी ने तीनों चीनी मिलों के चीनी गोदामों पर तैनात नोडल प्रशासनिक अधिकारियों को आदेश दिया कि मिलों द्वारा प्रतिदिन बेची जाने वाली चीनी का 85% पैसा अनिवार्य रूप से एस्क्रो खाते (Escrow Account) में ही जमा होना चाहिए। इस पैसे का उपयोग किसी भी अन्य प्रशासनिक या मेंटेनेंस कार्य में नहीं किया जा सकेगा, बल्कि सीधे किसानों के खातों में आरटीजीएस (RTGS) किया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के शामली जिलाध्यक्ष ने बैठक में भाग लेते हुए कहा, “शामली का किसान पूरे साल मेहनत करता है लेकिन हर साल भुगतान के लिए उसे सड़कों पर धरना देना पड़ता है। 15 अक्टूबर से नया पेराई सत्र शुरू होना है, ऐसे में पुराना एक भी पैसा बकाया नहीं रहना चाहिए। यदि 10 सितंबर तक पूरा भुगतान नहीं हुआ तो 11 सितंबर को किसान मिल गेटों पर ताला लगा देंगे।”

नए पेराई सत्र के लाइसेंस पर लटकी तलवार

जिला गन्ना अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गन्ना आयुक्त लखनऊ के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिन चीनी मिलों का पुराना भुगतान 100% क्लीयर नहीं होगा, उन्हें पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना क्रय केंद्रों का आवंटन नहीं किया जाएगा और न ही पेराई शुरू करने का अंतिम अनुमति पत्र जारी होगा।

प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद मिल प्रबंधनों ने आश्वस्त किया है कि वे बैंकों से अतिरिक्त कार्यशील पूंजी (Working Capital) और एथेनॉल की अग्रिम बिक्री से राशि जुटाकर 10 सितंबर की निर्धारित समयसीमा से पूर्व सभी किसानों का भुगतान पूर्ण रूप से चुकता कर देंगे।

किसानों में जागरूकता और ऑनलाइन स्टेटस ट्रैकिंग

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे किसी बिचौलिए के झांसे में न आएं और अपने बैंक खाते का नियमित स्टेटमेंट देखें। ई-गन्ना ऐप और CaneUp पोर्टल पर भुगतान एडवाइस नंबर जारी होते ही 24 से 48 घंटे के भीतर पैसा खाते में क्रेडिट हो जाता है।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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