71 करोड़ बकाया फिर भी 5 नवंबर से चलेगी थानाभवन मिल: शामली के किसान बोले — पहले पुराना भुगतान, फिर नया गन्ना

शामली जिले के गन्ना किसानों के सामने एक अजीब स्थिति है। थानाभवन चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र का करीब 71 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान अब तक बकाया है, फिर भी वही मिल 5 नवंबर से नया पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी में जुटी है। किसानों का सवाल सीधा है — जब पिछले साल के गन्ने का पैसा ही नहीं मिला, तो नए सत्र में गन्ना देने का भरोसा किस बात पर करें। इसी सवाल को लेकर किसान 7 सितंबर से शामली गन्ना सहकारी समिति परिसर में धरने पर बैठे हैं।
मिल प्रबंधन का कहना है कि पेराई की तैयारी पूरी हो चुकी है। मरम्मत का काम खत्म हो गया है और सभी 72 गन्ना खरीद केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं। जिला गन्ना अधिकारी ने भी मिल को जल्द से जल्द बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। यानी 5 नवंबर की तारीख तय है, लेकिन 71 करोड़ रुपये के भुगतान की तारीख अभी तय नहीं है।
पेराई की तैयारी पूरी, भुगतान अटका
थानाभवन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक लेखपाल सिंह के हवाले से आई खबर के मुताबिक, मिल में मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है और गन्ना खरीद के सभी 72 केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं। मिल को 5 नवंबर से चालू करने की तैयारी है।
लेकिन तैयारी का दूसरा पहलू अधूरा है। पिछले सत्र में मिल को दिया गया गन्ना अब तक पूरी तरह चुकाया नहीं गया है। किसानों का करीब 71 करोड़ रुपये बकाया है। किसान संगठनों का कहना है कि भुगतान न मिलने से खेती की लागत निकालना, बच्चों की फीस भरना और परिवार के जरूरी खर्च पूरे करना मुश्किल हो रहा है।
71 करोड़ का आंकड़ा कहां से आया
71 करोड़ रुपये का यह आंकड़ा अचानक नहीं आया है। 12 अक्टूबर 2026 को शामली के जिलाधिकारी आलोक यादव ने जिले की तीनों चीनी मिलों के भुगतान और नए पेराई सत्र की तैयारियों की समीक्षा बैठक की थी। उस बैठक के आंकड़ों के मुताबिक, पेराई सत्र 2025-26 में थानाभवन चीनी मिल को कुल 301.60 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य चुकाना था, जिसके सापेक्ष मिल ने 230.33 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। हिसाब लगाने पर शेष रकम करीब 71.27 करोड़ रुपये बनती है, जो 1 नवंबर की खबर में बताए गए करीब 71 करोड़ रुपये के आंकड़े से मेल खाती है।
उसी बैठक में शामली और ऊन मिलों का भुगतान संपूर्ण पाया गया था — जिले में सिर्फ थानाभवन पर बड़ा बकाया बचा था। जिलाधिकारी ने बैठक में थानाभवन मिल के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया था कि अवशेष गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान तत्काल सुनिश्चित करें, वरना नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शामली और ऊन मिल कब चलेंगी
शामली जिले में तीन चीनी मिलें हैं — थानाभवन, शामली और ऊन। थानाभवन मिल 5 नवंबर से चालू करने की तैयारी में है। शामली चीनी मिल के यूनिट हेड संजय कुमार शर्मा के मुताबिक, शामली मिल के 5 से 9 नवंबर के बीच चालू होने की संभावना है। ऊन चीनी मिल के यूनिट हेड कुलदीप पिनानिया के मुताबिक, ऊन मिल का पेराई सत्र 15 नवंबर के बाद शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि मिल प्रबंधन ने यह भी कहा है कि बारिश और गन्ने की कम रिकवरी के चलते कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है।
पिछले सत्र में थानाभवन मिल में 1 नवंबर को पेराई पूजन हुआ था और 2 नवंबर को मिल चालू हो गई थी। शामली मिल में 3 नवंबर को पूजन के बाद 5 नवंबर को पेराई शुरू हुई थी, जबकि ऊन मिल ने 15 नवंबर को संचालन शुरू किया था।
पेराई सत्र के पिछड़ने की एक वजह मौसम भी है। 27 अक्टूबर की एक खबर के मुताबिक, सितंबर और अक्टूबर में बार-बार बारिश होने से गन्ने की रिकवरी कम आई है, जिस वजह से जिले की चीनी मिलों का पेराई सत्र पिछड़ रहा है।
7 सितंबर से धरना, किसानों की दो मांगें
किसान एकता संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान 7 सितंबर से शामली गन्ना सहकारी समिति परिसर में धरना दे रहे हैं। धरने की दो मुख्य मांगें हैं — पहली, बकाया गन्ना भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए, और दूसरी, भुगतान पर लगने वाले ब्याज का वर्षवार हिसाब सार्वजनिक किया जाए। किसानों का कहना है कि उन्हें सिर्फ मूल रकम ही नहीं, बल्कि देरी पर बनने वाले ब्याज का पूरा ब्योरा भी चाहिए।
जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह ने बताया है कि थानाभवन चीनी मिल को जल्द से जल्द बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं और किसानों को ब्याज का ब्योरा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
किसान क्या करें: पर्ची, हिसाब और शिकायत के रास्ते
नए पेराई सत्र में गन्ना देने से पहले किसानों को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले, अपने गन्ने की पर्ची और तौल की रसीद संभालकर रखें। पर्ची ही इस बात का सबूत है कि आपने किस तारीख को कितना गन्ना किस केंद्र पर दिया था। भुगतान में देरी होने पर यही कागज शिकायत में काम आते हैं।
दूसरे, पिछले सत्र और नए सत्र का हिसाब अलग-अलग रखें। थानाभवन मिल का मौजूदा बकाया पिछले सत्र यानी 2025-26 से जुड़ा है, जबकि नए सत्र में दिया गया गन्ना अलग खाते में दर्ज होगा।
तीसरे, भुगतान में देरी होने पर शिकायत का रास्ता अपनाएं। नियमानुसार मिल को गन्ना खरीदने के 14 दिन के भीतर गन्ना मूल्य का भुगतान करना होता है। अगर यह अवधि बीत जाए और पैसा न आए, तो किसान जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के समेकित शिकायत निवारण तंत्र (आईजीआरएस) पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर भी जानकारी ली जा सकती है, और सरकारी एसएमएस सेवा के लिए 51969 शॉर्टकोड का इस्तेमाल किया जाता है।
अब सबकी नजर 5 नवंबर पर है — उस दिन यह साफ हो जाएगा कि मिल वाकई पेराई शुरू करती है या नहीं, और बकाये पर कोई ठोस भुगतान होता है या नहीं।
आपके सवाल
थानाभवन चीनी मिल पर कितना बकाया है?
पिछले पेराई सत्र का करीब 71 करोड़ रुपये। 12 अक्टूबर की डीएम समीक्षा बैठक के हिसाब से मिल को 301.60 करोड़ रुपये चुकाने थे, जिसमें से 230.33 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था, यानी शेष करीब 71.27 करोड़ रुपये बनता है।
थानाभवन मिल कब से पेराई शुरू कर रही है?
मिल प्रबंधन के मुताबिक, 5 नवंबर से। मरम्मत का काम पूरा हो गया है और सभी 72 गन्ना खरीद केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं।
शामली और ऊन मिल कब चलेंगी?
शामली चीनी मिल के 5 से 9 नवंबर के बीच चालू होने की संभावना है, जबकि ऊन चीनी मिल का पेराई सत्र 15 नवंबर के बाद शुरू होने की उम्मीद है।
किसान धरना क्यों दे रहे हैं?
किसान एकता संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान 7 सितंबर से धरने पर हैं। उनकी मांग है कि बकाया भुगतान जल्द कराया जाए और ब्याज का वर्षवार हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
भुगतान में देरी होने पर किसान कहां शिकायत करें?
जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में, या आईजीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन। टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर भी जानकारी ली जा सकती है।
स्रोत: अमर उजाला (1 नवंबर 2026 और 27 अक्टूबर 2026, शामली), पुरब पश्चिम ज्योति (12 अक्टूबर 2026, शामली डीएम समीक्षा बैठक)।
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