होम › 81.37 करोड़ बकाया: शामली में थानाभवन …

81.37 करोड़ बकाया: शामली में थानाभवन चीनी मिल पर भड़के डीएम, कहा — 15 अक्टूबर तक पेराई शुरू, नहीं तो कठोर कार्रवाई

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 2, 2026 • 6 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
81.37 करोड़ बकाया: शामली में थानाभवन चीनी मिल पर भड़के डीएम, कहा — 15 अक्टूबर तक पेराई शुरू, नहीं तो कठोर कार्रवाई
अंतिम अपडेट: October 2, 2026 9:06 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

शामली के किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले के जिलाधिकारी आलोक यादव ने तीनों चीनी मिलों के कामकाज की समीक्षा बैठक में थानाभवन चीनी मिल के 81.37 करोड़ रुपये के बकाया गन्ना मूल्य पर कड़ी नाराजगी जताई है। डीएम ने मिल प्रतिनिधियों को साफ शब्दों में निर्देश दिया है कि पेराई सत्र 2025-26 का बचा हुआ गन्ना मूल्य शत-प्रतिशत और तत्काल चुकाया जाए।

साथ ही डीएम ने चेतावनी दी है कि भुगतान में किसी भी तरह की लापरवाही बरती गई तो चीनी मिल के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में तीनों चीनी मिलों — शामली, ऊन और थानाभवन — को शासन के निर्देशों के अनुरूप हर हाल में 15 अक्टूबर 2026 तक नया पेराई सत्र शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है।

यह समीक्षा बैठक 28 सितंबर 2026 को जिलाधिकारी के कार्यालय में हुई, जिसमें पेराई सत्र 2025-26 के गन्ना मूल्य भुगतान, आगामी पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों और मिलों के पास मौजूद चीनी स्टॉक की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा, खांडसारी अधिकारी, चीनी मिल ऊन के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. कुलदीप पिलानिया और चीनी मिल थानाभवन के महाप्रबंधक गन्ना लेखपाल सिंह मौजूद रहे।

बैठक में क्या-क्या सामने आया

बैठक के दौरान तीनों चीनी मिलों के अधिकारियों ने जिलाधिकारी के सामने पेराई सत्र 2025-26 के गन्ना मूल्य भुगतान का पूरा हिसाब रखा। इस दौरान थानाभवन चीनी मिल की स्थिति सबसे खराब निकली। बैठक में बताया गया कि पेराई सत्र 2025-26 में थानाभवन चीनी मिल पर कुल 301.60 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य देय था, जिसके सापेक्ष अब तक केवल 220.23 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। यानी किसानों का 81.37 करोड़ रुपये अभी भी बकाया है।

इसके उलट, शामली चीनी मिल ने 323.19 करोड़ रुपये के कुल देय गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। इसी तरह ऊन चीनी मिल ने भी 267.03 करोड़ रुपये के देय के मुकाबले पूरा भुगतान संपन्न करा दिया है। दो मिलों के 100 प्रतिशत भुगतान और थानाभवन के अधूरे भुगतान के बीच का यह अंतर ही डीएम की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह बना।

थानाभवन मिल पर क्यों भड़के डीएम

थानाभवन चीनी मिल पर लगातार बकाया मिलने पर जिलाधिकारी आलोक यादव ने कड़ा रोष जाहिर किया। उन्होंने बैठक में मौजूद थानाभवन चीनी मिल के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि अवशेष गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि भुगतान में लापरवाही बरतने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यह पहली बार नहीं है जब थानाभवन मिल के भुगतान की समीक्षा हुई हो। करीब एक महीने पहले हुई एक अन्य समीक्षा बैठक में भी थानाभवन मिल के बकाये पर डीएम ने चेतावनी दी थी। उस समय मिल ने 206.38 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, जबकि अब भुगतान 220.23 करोड़ रुपये तक पहुंचा है। यानी कुछ प्रगति हुई है, लेकिन 81.37 करोड़ का बकाया अब भी किसानों की जेब से दूर है।

15 अक्टूबर तक पेराई शुरू करने का अल्टीमेटम

बैठक का दूसरा बड़ा फैसला नए पेराई सत्र को लेकर हुआ। डीएम ने तीनों चीनी मिलों को शासन के निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक दशा में 15 अक्टूबर 2026 तक नए पेराई सत्र 2026-27 का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने और निर्धारित समयसीमा में सभी आवश्यक कार्य पूरे करने को कहा।

बैठक में मिलों में चल रहे रिपेयर और मेंटेनेंस कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही मिलों के पास मौजूद अवशेष चीनी स्टॉक का ब्योरा लिया गया, ताकि नए सत्र की शुरुआत से पहले मिलों की वास्तविक तैयारी का अंदाजा लगाया जा सके।

किसानों के लिए इसका क्या मतलब है

शामली जिले के गन्ना किसानों के लिए इस बैठक के दो सीधे नतीजे हैं। पहला — थानाभवन चीनी मिल से जुड़े किसानों को बकाया भुगतान जल्द मिलने की उम्मीद बढ़ी है, क्योंकि डीएम ने खुद शत-प्रतिशत भुगतान का निर्देश दिया है और कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। दूसरा — 15 अक्टूबर तक पेराई शुरू होने से किसानों के खेत जल्दी खाली होंगे, जिससे रबी की फसलों, खासकर गेहूं की बुवाई समय पर हो सकेगी।

किसानों को सलाह है कि वे अपने गन्ना सर्वे रिकॉर्ड, खाते और बैंक खाते की जानकारी पहले से दुरुस्त रखें, ताकि भुगतान में किसी तरह की देरी न हो। अगर भुगतान में दिक्कत आए तो जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

आगे क्या होगा

डीएम के सख्त निर्देशों के बाद अब थानाभवन चीनी मिल पर दबाव है कि वह तय समय में बचा हुआ 81.37 करोड़ रुपये का भुगतान पूरा करे। अगर ऐसा नहीं होता है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की चेतावनी पहले ही दी जा चुकी है। गौरतलब है कि बरेली में ओसवाल चीनी मिल के बकाया मामले में प्रशासन ने मिल को सील तक कर दिया था और 22 अक्टूबर को नीलामी की तारीख तय की है — ऐसे में थानाभवन मिल प्रबंधन के लिए भुगतान में और देरी महंगी पड़ सकती है।

किसान संगठनों की नजर भी अब इस बात पर रहेगी कि डीएम के निर्देशों का जमीनी असर कितना होता है। अगर 15 अक्टूबर तक पेराई शुरू होती है और बकाया भुगतान पूरा होता है, तो शामली के किसानों के लिए यह नया पेराई सत्र राहत भरा साबित हो सकता है।

पूछे जाने वाले प्रश्न

शामली डीएम ने थानाभवन चीनी मिल पर कितना बकाया बताया?

बैठक में बताया गया कि थानाभवन चीनी मिल पर पेराई सत्र 2025-26 का कुल 301.60 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य देय था, जिसमें से 220.23 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। इस तरह 81.37 करोड़ रुपये का बकाया अभी शेष है।

क्या शामली और ऊन चीनी मिलों ने पूरा भुगतान कर दिया है?

हां। शामली चीनी मिल ने 323.19 करोड़ रुपये और ऊन चीनी मिल ने 267.03 करोड़ रुपये के देय गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है।

नया पेराई सत्र कब से शुरू होगा?

डीएम ने तीनों मिलों को 15 अक्टूबर 2026 तक नए पेराई सत्र 2026-27 का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

भुगतान न मिलने पर किसान कहां शिकायत करें?

किसान जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 पर संपर्क कर सकते हैं।

बैठक में और कौन-कौन मौजूद था?

बैठक में जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा, खांडसारी अधिकारी, चीनी मिल ऊन के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. कुलदीप पिलानिया और चीनी मिल थानाभवन के महाप्रबंधक गन्ना लेखपाल सिंह मौजूद रहे।

स्रोत: हिंदुस्तान (लाइव हिंदुस्तान), रॉयल बुलेटिन — 28 सितंबर 2026 की समीक्षा बैठक की रिपोर्टों पर आधारित।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में