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प्रशासनिक सख्ती का असर — अपर दोआब शुगर मिल शामली ने एस्क्रो खाते में जमा कराए ₹45 करोड़

Randhir Patil Randhir Patil Sep 3, 2026 3 min read
प्रशासनिक सख्ती का असर — अपर दोआब शुगर मिल शामली ने एस्क्रो खाते में जमा कराए ₹45 करोड़
अंतिम अपडेट: September 3, 2026 8:15 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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शामली: शामली जिले में गन्ना भुगतान को लेकर जिलाधिकारी द्वारा 10 सितंबर का अंतिम अल्टीमेटम दिए जाने और चीनी गोदामों पर कड़े प्रशासनिक पहरे का सकारात्मक असर आज धरातल पर दिखाई दिया। जिले की सबसे बड़ी डिफाल्टर मिलों में शुमार सर शादीलाल एंटरप्राइजेज की अपर दोआब शुगर मिल, शामली ने आज 3 सितंबर की दोपहर किसानों के बकाया भुगतान के लिए बने एस्क्रो खाते में ₹45 करोड़ की भारी धनराशि जमा करा दी है

जिला गन्ना अधिकारी (DCO) शामली ने कलेक्ट्रेट में पत्रकारों को बताया कि मिल प्रबंधन द्वारा चीनी, शीरा और एथेनॉल की बिक्री से प्राप्त चेक और आरटीजीएस को बैंक के नोडल एस्क्रो खाते में सत्यापित कर लिया गया है। इस राशि से आज शाम से ही संबंधित किसानों के खातों में भुगतान एडवाइस जनरेट कर आरटीजीएस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

18,000 से अधिक किसानों के खातों में पहुंचेगा पैसा

अपर दोआब मिल पर पिछले पेराई सत्र 2025-26 का लगभग ₹68 करोड़ का बकाया था। आज ₹45 करोड़ जमा हो जाने के बाद मिल का बकाया घटकर मात्र ₹23 करोड़ रह गया है।

DCO शामली ने बताया कि इस धनराशि से शामली, कांधला, बनत और थानाभवन क्षेत्र के लगभग 18,400 गन्ना किसानों का फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह तक का संपूर्ण गन्ना भुगतान पूरी तरह चुकता हो जाएगा। किसानों के बैंक खातों में पैसा शुक्रवार (4 सितंबर) की दोपहर तक क्रेडिट हो जाएगा। किसान अपने ई-गन्ना ऐप या बैंक शाखा में जाकर पासबुक एंट्री कराकर भुगतान की पुष्टि कर सकते हैं।

शेष ₹23 करोड़ के लिए 10 सितंबर तक का कड़ा समय

जिलाधिकारी शामली ने मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और वित्त नियंत्रक को स्पष्ट कर दिया है कि शेष बचे ₹23 करोड़ को भी आगामी 10 सितंबर की शाम तक हर हाल में एस्क्रो खाते में डालना होगा। यदि निर्धारित तिथि तक एक भी पैसा बकाया रहा, तो मिल के चीनी गोदाम में बची हुई चीनी की सार्वजनिक नीलामी कर किसानों का हिसाब बराबर किया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ने भुगतान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “किसान के संघर्ष और प्रशासन की सख्ती से ₹45 करोड़ का भुगतान आया है। लेकिन हमारी लड़ाई 100% भुगतान की है। जब तक आखिरी किसान का आखिरी पैसा और उस पर 14 दिन के नियम के अनुसार 15% का ब्याज नहीं मिल जाता, तब तक किसान चैन से नहीं बैठेगा। 8 सितंबर को मुजफ्फरनगर महापंचायत में यह मुद्दा भी पूरी ताकत से उठेगा।”

प्रशासन ने बजाज थानाभवन और उत्तम शुगर मिल ऊन को भी चेतावनी दी है कि वे भी अपर दोआब की तरह अपनी देयता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करें।

किसानों के खातों में डीबीटी की रियल-टाइम निगरानी

जिला प्रशासन ने पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखाओं को निर्देशित किया है कि वे आरटीजीएस फाइलों को बिना किसी विलंब के प्रोसेस करें। किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस अलर्ट भेजा जाएगा जिससे उन्हें बैंक शाखा में अनावश्यक कतार न लगानी पड़े।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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