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शरदकालीन गन्ना बुवाई महा-अभियान — 168 गन्ना समितियों पर Co-0118 व Co-15023 बीज वितरण शुरू, ₹5,000 प्रोत्साहन

Aamir Raza Aamir Raza Sep 6, 2026 3 min read
शरदकालीन गन्ना बुवाई महा-अभियान — 168 गन्ना समितियों पर Co-0118 व Co-15023 बीज वितरण शुरू, ₹5,000 प्रोत्साहन
अंतिम अपडेट: September 6, 2026 3:15 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मुजफ्फरनगर / लखीमपुर (CaneUp ग्राउंड रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की पैदावार बढ़ाने और लाल सड़न (Red Rot) जैसी जानलेवा बीमारी से गन्ने की फसल को हमेशा के लिए मुक्त कराने के उद्देश्य से प्रदेश के गन्ना विकास विभाग ने ‘शरदकालीन गन्ना बुवाई महा-अभियान (Autumn Sugarcane Planting 2026)’ का विधिवत आगाज कर दिया है।

प्रदेश की सभी 168 सहकारी गन्ना विकास समितियों के बीज बिक्री केंद्रों पर रोग-प्रतिरोधी व अधिक चीनी परता देने वाली प्रमाणित किस्मों — Co-0118, Co-15023, CoLk-14201 और Co-17231 के प्रमाणित बीजों का वितरण अनुदानित दरों पर शुरू कर दिया गया है। विभाग ने इस बार Co-0238 प्रजाति के स्थान पर इन नई किस्मों को लगाने वाले किसानों के लिए ₹50 प्रति क्विंटल बीज सब्सिडी और ट्रेंच विधि से बुवाई पर ₹5,000 प्रति हेक्टेयर प्रत्यक्ष प्रोत्साहन (DBT) की घोषणा की है।


🌾 शरदकालीन बुवाई बनाम बसंतकालीन बुवाई — पैदावार में 25% का भारी अंतर

कृषि विज्ञान केंद्र और गन्ना अनुसंधान परिषद शाहजहांपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार, सितंबर-अक्टूबर में की जाने वाली शरदकालीन बुवाई वसंत ऋतु (फरवरी-मार्च) की बुवाई से कई मायनों में श्रेष्ठ है:

पैरामीटरशरदकालीन बुवाई (सितंबर-अक्टूबर)बसंतकालीन बुवाई (फरवरी-मार्च)किसान को सीधा लाभ
प्रति एकड़ औसत पैदावार550 - 650 क्विंटल400 - 450 क्विंटलप्रति एकड़ 150-200 क्विंटल अधिक उत्पादन
गन्ने की मोटाई व लंबाई12 से 14 फीट, ठोस गन्ना8 से 10 फीटरिकवरी 11.5% से अधिक, मिल से प्राथमिकता
कल्ले (Tillers) निकलने की दरप्रति आंख 6 से 8 कल्ले3 से 4 कल्लेकम बीज में अधिक पौधे तैयार
सहफसली खेती (Intercropping)सरसों, आलू, धनिया, चना संभवसीमित विकल्पगन्ने के साथ ₹30,000-₹40,000 अतिरिक्त आय

🧪 ट्रेंच विधि और सहफसली खेती पर सरकार के 3 बड़े पैकेज

  1. ट्रेंच बुवाई पर ₹5,000/हेक्टेयर अनुदान: 4 से 5 फीट की दूरी पर दोहरी लाइन (Double Row) ट्रेंच बनाकर बुवाई करने वाले पंजीकृत किसानों के खातों में सीधे ₹5,000 की प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी। ट्रेंच विधि से सिंचाई में 40% पानी की बचत होती है और तेज हवा में गन्ना गिरता नहीं है।
  2. सिट्रोपैक व बायो-फफूंदनाशक किट फ्री: ट्राइकोडर्मा (Trichoderma viride) और पीएसबी कल्चर की 2-2 किलोग्राम की किट प्रत्येक बीज खरीदार को निःशुल्क दी जा रही है ताकि लाल सड़न और दीमक का प्रभाव जड़ से खत्म हो सके।
  3. गर्म पानी शोधन (HWT) से शुद्ध बीज: सभी 120 मिलों में स्थापित हॉट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित बीज ही किसानों को दिया जा रहा है, जिससे जमाव दर 90% से अधिक प्राप्त हो रही है।

📝 किसान कैसे करें बीज की ऑनलाइन बुकिंग?

किसान अपनी संबंधित गन्ना समिति के कार्यालय में जाकर या CaneUp पोर्टल / eGanna App के माध्यम से अपने सट्टे के आधार पर बीज आवंटन पर्ची ले सकते हैं:

  • आवश्यक कागजात: आधार कार्ड, सट्टा कोड और खतौनी की प्रति।
  • बीज की आपूर्ति ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर की जा रही है।

कृषि वैज्ञानिकों का परामर्श है कि किसान 10 अक्टूबर से पहले अपनी शरदकालीन बुवाई पूरी कर लें ताकि नवंबर की ठंड शुरू होने से पहले गन्ने का अंकुरण मजबूत हो जाए और सहफसल के रूप में सरसों या आलू से दोहरा मुनाफा कमाया जा सके।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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