शरदकालीन गन्ना बुवाई 15 सितंबर से शुरू — ट्रेंच विधि और सरसों सहफसली पर ₹45,000 अतिरिक्त मुनाफा, कृषि यंत्रों पर 50% छूट

मुख्य बिंदु (Quick Summary): पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में 15 सितंबर से शरदकालीन (पतझड़) गन्ना बुवाई का आदर्श समय शुरू हो रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ट्रेंच विधि से 4 से 4.5 फीट की दूरी पर गन्ने की बुवाई कर बीच की नालियों में सरसों की अंतःफसली खेती करने से प्रति एकड़ ₹45,000 तक का अतिरिक्त शुद्ध लाभ प्राप्त होता है। कृषि विभाग ट्रेंच यंत्रों पर 50% सब्सिडी भी प्रदान कर रहा है।
मुजफ्फरनगर/शाहजहांपुर (CaneUp एग्रो डेस्क — 11 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद (UPCSR), शाहजहांपुर और भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (IISR), लखनऊ ने राज्य के किसानों के लिए शरदकालीन गन्ना बुवाई (Autumn Planting 2026) की विस्तृत वैज्ञानिक एडवाइजरी जारी की है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक का समय शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए मौसम और तापमान के दृष्टिकोण से सर्वोत्तम माना जाता है।
बसंतकालीन बुवाई की तुलना में शरदकालीन गन्ने में कल्ले (Tillers) 25% अधिक निकलते हैं और चीनी की रिकवरी में 0.5% से 0.8% की बढ़ोतरी होती है।
🌿 ट्रेंच विधि और सरसों सहफसली: अतिरिक्त ₹45,000 का गणित
पारंपरिक विधि से गन्ने की बुवाई करने पर किसान केवल गन्ने की आय पर निर्भर रहता है, जबकि ट्रेंच विधि में चौड़ी कतारों (4 से 4.5 फीट) के बीच की खाली जमीन में सहफसली खेती से लागत शून्य हो जाती है:
- मुख्य फसल (गन्ना): ट्रेंच विधि से गहरी नालियां (25-30 सेमी) बनाकर दो आंख वाले टुकड़ों की बुवाई की जाती है। इसमें गन्ने की औसत पैदावार 450 से 550 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंचती है।
- सहफसल (सरसों): दो ट्रेंचों के बीच बनी मेड़ पर पूसा सरसों-28, पूसा मस्टर्ड-30 या गिरिराज सरसों की 2 कतारें लगाई जाती हैं।
- उत्पादन व मुनाफा:
- सरसों की उपज: 6 से 8 क्विंटल प्रति एकड़।
- वर्तमान बाजार भाव: ₹5,800 से ₹6,200 प्रति क्विंटल।
- सरसों से कुल सकल आय: लगभग ₹40,000 से ₹48,000 प्रति एकड़।
- इस अतिरिक्त आय से गन्ने की खाद, बीज, सिंचाई और जुताई की पूरी लागत निकल आती है और गन्ने की बिक्री का पैसा किसान की सीधी बचत बन जाता है।
🚜 कृषि यंत्रों पर 50% तक सरकारी अनुदान (Subsidy)
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन’ (SMAM) के अंतर्गत ट्रेंच बुवाई के उपकरणों पर विशेष अनुदान योजना खोली है:
| कृषि यंत्र | बाजार मूल्य (अनुमानित) | सरकारी अनुदान (%) | किसान को देय राशि |
|---|---|---|---|
| ट्रेंच ओपनर (Single/Double Row) | ₹45,000 - ₹55,000 | 50% (अधिकतम ₹25,000) | ₹25,000 |
| डीप फरो रिजर (Deep Furrow Ridger) | ₹35,000 - ₹42,000 | 50% (अधिकतम ₹20,000) | ₹18,000 |
| शुगरकेन कटर प्लांटर | ₹1,60,000 - ₹1,90,000 | 40% से 50% | ₹85,000 |
| पावर वीडर (इंटर-कल्टीवेशन हेतु) | ₹80,000 - ₹95,000 | 50% (अधिकतम ₹45,000) | ₹40,000 |
अनुदान प्राप्त करने के लिए किसान कृषि विभाग के पोर्टल upagriculture.com पर ‘यंत्र टोकन’ व्यवस्था के तहत आवेदन कर सकते हैं।
⚠️ बुवाई से पहले बीज शोधन अनिवार्य
वैज्ञानिकों ने किसानों को कड़ा परामर्श दिया है कि रेड रॉट के खतरे को देखते हुए किसी भी स्थिति में बिना उपचारित किए गन्ने की बुवाई न करें। गन्ने के टुकड़ों को कार्बेंडाजिम (2 ग्राम प्रति लीटर पानी) या ट्राइकोडर्मा हरजिएनम (10 ग्राम प्रति लीटर पानी) के घोल में कम से कम 15 मिनट डुबोकर ही खेत में लगाएं।
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