सिसौली महापंचायत की तैयारियां तेज: मुजफ्फरनगर में 2,000 ट्रैक्टरों का रिहर्सल मार्च — भाकियू ने जारी किया 11-सूत्रीय किसान मांग पत्र

मुजफ्फरनगर / सिसौली (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026): आगामी 28 सितंबर 2026 को मुजफ्फरनगर जनपद के सिसौली स्थित किसान भवन में होने वाली ऐतिहासिक किसान महापंचायत को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में अभूतपूर्व लामबंदी देखी जा रही है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की युवा विंग ने बुधवार को मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना और शामली मार्ग पर 2,000 से अधिक ट्रैक्टरों का विशाल रिहर्सल मार्च निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया।
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने महापंचायत का 11-सूत्रीय किसान मांग पत्र सार्वजनिक करते हुए चेतावनी दी है कि यदि पेराई सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो चीनी मिलों के पहिए नहीं घूमने दिए जाएंगे।
📋 भाकियू का 11-सूत्रीय ऐतिहासिक मांग पत्र
- गन्ना मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल घोषित हो: खाद, डीजल, बीज और लेबर की भारी लागत को देखते हुए राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) कम से कम ₹500 प्रति क्विंटल तय किया जाए।
- सत्र से पहले ₹1,240 करोड़ का संपूर्ण बकाया चुकता हो: पिछले पेराई सत्र 2025-26 के बकाये का भुगतान धारा 17 के तहत 15% साधारण ब्याज जोड़कर सीधे किसानों के खातों में भेजा जाए।
- ग्रामीण नलकूपों को दिन में 10 घंटे निर्बाध बिजली: शरदकालीन बुवाई के समय किसानों को रात में सिंचाई के संकट से बचाने के लिए दिन के समय थ्री-फेज निर्बाध विद्युत आपूर्ति दी जाए।
- किसानों के नलकूपों पर स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक: निजी नलकूपों पर लगाए जा रहे डिजिटल स्मार्ट मीटर और चेकिंग के नाम पर विजिलेंस द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को तत्काल बंद किया जाए।
- गन्ना घटतौली पर जीरो टॉलरेंस: मिल गेट और सेंटरों पर तौल में हेराफेरी करने वाले तौल लिपिकों और मिल प्रबंधन पर गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर हो।
- आवारा गोवंश से फसलों की सुरक्षा: प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर क्रियाशील गोशाला बनाकर गन्ने और चारे की फसलों को नष्ट होने से बचाया जाए।
- Co-0238 प्रजाति पर सट्टा कटौती का तुगलकी फरमान रद्द हो: रोग प्रबंधन का खर्च सरकार उठाए, सीधे किसानों का सट्टा न काटा जाए।
- गन्ना बीज पर 50% सीधी छूट: नई प्रजातियों (Co-15023, Co-0118) के प्रजनक बीज किसानों को आधी कीमत पर दिए जाएं।
- डीबीटी (DBT) सब्सिडी से आधार लिंकेज की अनिवार्यता सरल हो: पोर्टल पर तकनीकी त्रुटि से किसी भी किसान की खाद-बीज सब्सिडी न रोकी जाए।
- सड़क दुर्घटना में गन्ना ट्रॉली का बीमा: चीनी मिलों द्वारा ढुलाई के दौरान सड़क हादसों में जान गंवाने वाले किसानों को ₹10 लाख का दुर्घटना बीमा मिले।
- स्वामीनाथन आयोग की C2+50% सिफारिश लागू हो: कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) के फॉर्मूले पर सभी कृषि उपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कानूनी अधिकार बने।
🚜 18 जिलों से सिसौली कूच का रूट प्लान
भाकियू के प्रांतीय महासचिव ने बताया कि 28 सितंबर को सुबह 8 बजे से ही मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, अलीगढ़ और मथुरा से किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ सिसौली की ओर प्रस्थान करेंगे।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: सिसौली महापंचायत में कौन-कौन शामिल हो सकता है?
उत्तर: यह किसानों का खुला लोकतांत्रिक मंच है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड का कोई भी किसान भाई सीधे सिसौली किसान भवन पहुंचकर इसमें भाग ले सकता है।
प्रश्न 2: क्या महापंचायत के कारण हाईवे पर जाम रहेगा?
उत्तर: भाकियू ने 500 स्वयंसेवकों की ट्रैफिक टास्क फोर्स बनाई है जो पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि एंबुलेंस, स्कूल बसों और आवश्यक सेवाओं को कोई असुविधा न हो।
प्रश्न 3: महापंचायत का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: मुख्य संदेश है कि बिना गन्ना मूल्य घोषित किए और बिना बकाया भुगतान चुकता किए आगामी पेराई सत्र में चीनी मिलों का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
यह आर्टिकल कैसा लगा?


