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सीतापुर के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी! दीपावली से पहले शुरू होगी 6 चीनी मिलों में पेराई, जानिए पूरा शेड्यूल

Aamir Raza Aamir Raza • Sep 27, 2026 • 6 min read
सीतापुर के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी! दीपावली से पहले शुरू होगी 6 चीनी मिलों में पेराई, जानिए पूरा शेड्यूल
अंतिम अपडेट: September 27, 2026 10:30 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

🚨 BREAKING: सीतापुर जिले के करीब 3.67 लाख गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। जिले की चीनी मिलों में आगामी पेराई सत्र 2026-27 दीपावली के पहले शुरू होने की तैयारी है। मिलों ने जिला प्रशासन और गन्ना विभाग को इस संबंध में लिखित सूचना दे दी है, जिसमें पेराई शुरू करने का संभावित समय भी बता दिया गया है। सबसे पहले निजी क्षेत्र की चीनी मिलों में पेराई शुरू होगी, जबकि सहकारी क्षेत्र की महमूदाबाद चीनी मिल सबसे बाद में चलेगी।

सीतापुर की 6 चीनी मिलों का पेराई शेड्यूल

सीतापुर जिले में कुल छह चीनी मिलें संचालित हैं। इनमें बिसवां, हरगांव, जवाहरपुर, रामगढ़ और कमलापुर निजी क्षेत्र की मिलें हैं, जबकि महमूदाबाद सहकारी क्षेत्र की चीनी मिल है। दैनिक जागरण में 26 सितंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सभी पांच निजी चीनी मिलों — बिसवां, हरगांव, रामगढ़, जवाहरपुर और कमलापुर — में अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में पेराई सत्र शुरू होने का कार्यक्रम तय हुआ है। वहीं, सहकारी चीनी मिल महमूदाबाद नवंबर माह के पहले सप्ताह में चलेगी।

मिलों ने पेराई की तैयारियां शुरू कर दी हैं — मिल गेट से खरीद केंद्रों तक तौल व कांटे का काम तेज किया जा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी रत्नेश्वर त्रिपाठी के अनुसार, सभी चीनी मिलों ने पेराई सत्र शुरू करने की लिखित सूचना दे दी है और अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में पेराई शुरू होने को लेकर तैयारी चल रही है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि मौसम अनुकूल न रहा तो शेड्यूल में बदलाव भी हो सकता है।

3.67 लाख किसानों को क्या फायदा मिलेगा

सीतापुर जिले में गन्ना किसानों की संख्या लगभग 3.67 लाख है और जिले में 2.24 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती है। पेराई सत्र का दीपावली से पहले शुरू होना किसानों के लिए कई मायनों में फायदेमंद होगा।

सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसानों को त्योहारी सीजन के बाद गन्ने की पर्ची और आपूर्ति का सिलसिला जल्दी शुरू हो जाएगा, जिससे गन्ना भुगतान का चक्र भी समय से घूमेगा। दूसरा, समय पर खेत खाली होने से किसान अपनी रबी फसल — गेहूं और सरसों — की बुवाई समय पर कर सकेंगे, जिससे प्रति हेक्टेयर उत्पादन में सुधार होता है।

सीतापुर के किसान सिर्फ अपने जिले की मिलों को ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों की चीनी मिलों को भी गन्ने की आपूर्ति करते हैं — हरदोई के हरियावां, बाराबंकी के हैदरगढ़, लखीमपुर खीरी की ऐरा और अजबापुर मिलों को भी। ऐसे में सीतापुर की मिलों के जल्दी चलने से आसपास के जिलों के किसानों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

बारिश ने बढ़ाई चिंता, पेराई में देरी भी संभव

राहत की खबर के साथ एक चिंता भी जुड़ी है। लगातार बारिश से जिले में गन्ने की फसल जलमग्न है और छिलाई नहीं हो पा रही है, जिससे पेराई में देरी की आशंका बनी हुई है। जिला गन्ना अधिकारी रत्नेश्वर त्रिपाठी ने कहा है कि खेत से पानी निकलने में समय लग सकता है और मौसम अनुकूल न रहा तो शेड्यूल आगे बढ़ सकता है। किसानों को सलाह है कि वे अपने खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था अभी से करें, ताकि पेराई शुरू होते ही आपूर्ति का काम निर्बाध चल सके।

केंद्र सरकार का 15 अक्टूबर से पेराई का परामर्श

सीतापुर की मिलों का यह शेड्यूल केंद्र सरकार के उस परामर्श के अनुरूप ही है, जिसमें राज्यों और चीनी मिलों को 15 अक्टूबर 2026 से पेराई शुरू करने की सलाह दी गई थी। केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने कहा था कि अक्टूबर में चीनी उत्पादन को सामान्य 3-4 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक किया जाए, ताकि त्योहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता बेहतर रहे। मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा सत्र में देश का चीनी उत्पादन शुरुआती अनुमान 343 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले घटकर करीब 306 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है — इसके पीछे गन्ने में रेड रॉट, टॉप बोरर रोग और अधिक बारिश से हुआ जलभराव मुख्य कारण हैं।

गन्ना खरीद केंद्रों की पूरी सूची

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, सीतापुर की चीनी मिलों में खरीद केंद्रों और उनसे जुड़े किसानों का ब्योरा इस प्रकार है:

  • हरगांव चीनी मिल: 82 गन्ना क्रय केंद्र और करीब 1.22 लाख किसान जुड़े हैं।
  • बिसवां चीनी मिल: 38 गन्ना क्रय केंद्र और करीब 1.17 लाख किसान।
  • जवाहरपुर चीनी मिल: 47 गन्ना क्रय केंद्र और करीब 55 हजार किसान।
  • रामगढ़ चीनी मिल: 26 गन्ना क्रय केंद्र और करीब 56 हजार किसान।
  • महमूदाबाद सहकारी चीनी मिल: 26 गन्ना क्रय केंद्र और 15 हजार से अधिक किसान।
  • कमलापुर चीनी मिल: केंद्र आवंटन की प्रक्रिया चल रही है।

मिलों ने जिला प्रशासन को बताया है कि खरीद केंद्रों पर तौल और कांटा स्थापित करने का काम लगभग अंतिम चरण में है, ताकि पेराई शुरू होते ही किसानों का गन्ना बिना रुकावट के खरीदा जा सके।

सीतापुर के किसान अभी से करें ये 5 जरूरी काम

1. खेतों से पानी की निकासी करें: जलमग्न खेतों में छिलाई संभव नहीं है। नालियां बनाकर पानी निकालने की व्यवस्था करें, ताकि पेराई शुरू होते ही कटाई शुरू हो सके।

2. साफ गन्ना ही आपूर्ति करें: छिला हुआ, पत्ती-रहित साफ-सुथरा गन्ना ही मिलों को भेजें। कचरे के साथ गन्ना देने पर तौल और भुगतान दोनों पर असर पड़ता है।

3. अपने खरीद केंद्र की जानकारी लें: नजदीकी गन्ना खरीद केंद्र का स्थान और पर्ची वितरण की तारीख अभी से पता कर लें।

4. पर्ची और सट्टे के रिकॉर्ड का मिलान करें: गन्ना रकबे, सट्टे और आपूर्ति के रिकॉर्ड की जांच कर लें। त्रुटि हो तो गन्ना समिति में समय रहते सुधार करा लें।

5. रबी फसल की योजना बनाएं: गेहूं और सरसों के बीज व खाद की व्यवस्था अभी से कर लें, ताकि खेत खाली होते ही बुवाई हो सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: सीतापुर में पेराई सत्र कब शुरू होगा? उत्तर: पांच निजी चीनी मिलों — बिसवां, हरगांव, रामगढ़, जवाहरपुर और कमलापुर — में अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह में पेराई शुरू होने का कार्यक्रम तय हुआ है। सहकारी मिल महमूदाबाद नवंबर के पहले सप्ताह में चलेगी।

प्रश्न: सबसे पहले कौन सी मिल में पेराई शुरू होगी? उत्तर: निजी क्षेत्र की चीनी मिलों में सबसे पहले पेराई शुरू होगी। सहकारी चीनी मिल महमूदाबाद सबसे बाद में चलेगी।

प्रश्न: सीतापुर जिले में कितनी चीनी मिलें और कितने किसान हैं? उत्तर: जिले में 6 चीनी मिलें हैं — 5 निजी और 1 सहकारी। करीब 3.67 लाख गन्ना किसान हैं और 2.24 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती है।

प्रश्न: क्या बारिश से पेराई में देरी हो सकती है? उत्तर: हां। लगातार बारिश से फसल जलमग्न है। जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार, मौसम अनुकूल न रहा तो पेराई शुरू होने का समय आगे बढ़ सकता है।

प्रश्न: किसान गन्ने की आपूर्ति कहां-कहां कर सकते हैं? उत्तर: सीतापुर के किसान हरदोई के हरियावां, बाराबंकी के हैदरगढ़ और लखीमपुर खीरी की ऐरा व अजबापुर चीनी मिलों को भी गन्ने की आपूर्ति करते हैं।

स्रोत: दैनिक जागरण (सीतापुर संस्करण, 26 सितंबर 2026), केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय की आधिकारिक स्पष्टता (रूरल वॉइस के माध्यम से, अगस्त 2026), द हिंदू बिजनेसलाइन (उत्तर प्रदेश गन्ना रकबा रिपोर्ट, सितंबर 2026)।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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