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सीतापुर: हरगांव चीनी मिल में 4 नवंबर से शुरू होगी पेराई, 2.5 करोड़ क्विंटल गन्ने का लक्ष्य — जिले में सबसे पहले चलेगी मिल

Aamir Raza Aamir Raza • Nov 2, 2026 • 6 min read
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सीतापुर: हरगांव चीनी मिल में 4 नवंबर से शुरू होगी पेराई, 2.5 करोड़ क्विंटल गन्ने का लक्ष्य — जिले में सबसे पहले चलेगी मिल
अंतिम अपडेट: November 2, 2026 7:06 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

सीतापुर जिले के गन्ना किसानों के लिए इंतजार खत्म होने वाला है। हरगांव स्थित अवध शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड में रविवार को विधि-विधान के साथ डोंगा पूजन संपन्न हुआ और इसके साथ ही पेराई सत्र 2026-27 की औपचारिक शुरुआत हो गई। मिल प्रबंधन के अनुसार 4 नवंबर से विधिवत गन्ना पेराई शुरू हो जाएगी। इस सत्र में 2.5 करोड़ क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले की छह चीनी मिलों में सबसे पहले हरगांव शुगर की ओर से ही नए पेराई सत्र का शुभारंभ किया जा रहा है, इसलिए क्षेत्र के किसानों की नजरें अब इसी मिल पर टिकी हैं।

डोंगा पूजन बिड़ला मंदिर के पुजारियों ने मिल के अधिशासी अध्यक्ष एके दीक्षित से वैदिक रीति के अनुसार कराया। इस मौके पर कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही और भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला सहित मिल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आरती के बाद नारियल फोड़कर डोंगे में गन्ना डाला गया।

2 नवंबर से 4 नवंबर क्यों हुई तारीख

हरगांव मिल का पेराई सत्र पहले 2 नवंबर से शुरू होना था। 24 अक्टूबर की मिल रिपोर्ट में यही तारीख बताई गई थी और कहा गया था कि मशीनों की मरम्मत और साफ-सफाई का काम समय से पूरा करा लिया गया है। अब ताजा जानकारी के अनुसार विधिवत पेराई 4 नवंबर से शुरू होगी। दो दिन की इस देरी के पीछे पेराई से जुड़ी अंतिम तैयारियों को पक्का करना बताया जा रहा है। किसानों के लिए अहम बात यह है कि अब 4 नवंबर ही पक्की तारीख मानकर चलें और उसी के हिसाब से कटाई-छिलाई और ढुलाई का कार्यक्रम बनाएं।

पहले की रिपोर्ट के अनुसार मिल से 83 गन्ना क्रय केंद्र जुड़े हैं, जिनके माध्यम से करीब 1.22 लाख किसान गन्ने की आपूर्ति करेंगे। किसानों को गन्ना आपूर्ति के लिए पर्ची और कार्यक्रम जारी किया जा रहा है। मिल प्रबंधन ने साफ कहा है कि किसान निर्धारित पर्ची के अनुसार ही गन्ना लेकर आएं, ताकि तौल केंद्रों पर भीड़ और अव्यवस्था न हो। पर्ची से पहले गन्ना लाने पर तौल में देरी हो सकती है, इसलिए पर्ची की तारीख का इंतजार करना ही समझदारी है।

2.5 करोड़ क्विंटल का लक्ष्य क्या कहता है

मिल के अधिशासी अध्यक्ष एके दीक्षित ने बताया कि चालू पेराई सत्र में 2.5 करोड़ क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य बड़ा होने का मतलब है कि पर्ची व्यवस्था सुचारु रही तो गन्ना खेत में ज्यादा दिन खड़ा नहीं रहेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे साफ-सुथरा और अगोला रहित गन्ना पर्ची के अनुसार ही आपूर्ति करें, क्योंकि गंदा गन्ना तौल और भुगतान दोनों में अड़चन पैदा कर सकता है।

भुगतान: 14 दिन का दावा, किसान क्या ध्यान रखें

पेराई के साथ ही सबसे बड़ा सवाल भुगतान का होता है। मिल प्रबंधन ने कहा है कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप भुगतान 14 दिनों के अंदर किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। किसान अपनी पर्ची, तौल पर्ची और बैंक खाते का ब्योरा संभालकर रखें। देरी दिखे तो सबसे पहले अपनी गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें। गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

एक और बात साफ रखनी जरूरी है। पेराई सत्र 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश में एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। इसलिए किसी भी पुराने सत्र की दर को इस सत्र की दर मानकर भुगतान का हिसाब न लगाएं। सरकार की ओर से नई दर घोषित होने के बाद ही इस सत्र का वास्तविक मूल्य तय होगा। तब तक किसान पर्ची, तौल और भुगतान की रसीदों को ही अपना सबसे मजबूत दस्तावेज मानें।

सीतापुर जिले की छह मिलों की तस्वीर

सीतापुर जिले में छह चीनी मिलें संचालित हैं — बिसवां, हरगांव, जवाहरपुर, रामगढ़ और कमलापुर निजी क्षेत्र की तथा महमूदाबाद सहकारी क्षेत्र की। हरगांव के सबसे पहले चलने से संकेत मिलता है कि नवंबर के पहले सप्ताह में पेराई का सिलसिला तेज होगा। 10 अक्टूबर की समीक्षा बैठक में बताया गया था कि जिले की मिलों ने पिछले सत्र के गन्ना मूल्य के रूप में कुल 2,112 करोड़ रुपये का भुगतान किया है और मरम्मत का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।

उसी बैठक में जिलाधिकारी ने मिलों तक जाने वाले संपर्क मार्गों को गड्ढामुक्त करने और ढीले विद्युत तार दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे, ताकि ढुलाई में बाधा न आए। किसान ढुलाई के दौरान ओवरलोडिंग से बचें।

बारिश का सबक: पर्ची और मौसम दोनों देखें

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अक्टूबर के आखिरी दिनों की बारिश ने पेराई कार्यक्रम आगे बढ़ाया है, क्योंकि जलभराव से कटाई-छिलाई रुक गई थी। सीतापुर के किसानों के लिए भी यही सबक है कि कटाई से पहले खेत और मौसम दोनों देख लें। गीला गन्ना तौल और रिकवरी दोनों पर असर डालता है। खेत में पानी भरा हो तो पानी निकलने का इंतजार करें और क्रय केंद्र से संपर्क में रहें।

किसान अब क्या करें: पेराई से पहले ये 5 काम

पहला, पर्ची और आपूर्ति कार्यक्रम दोबारा जांच लें और उसी तारीख पर गन्ना लेकर जाएं। दूसरा, गन्ना साफ-सुथरा और अगोला रहित रखें। तीसरा, तौल पर्ची जरूर लें और भुगतान मिलने तक संभालकर रखें। चौथा, बैंक खाता और मोबाइल नंबर अपडेट रखें। पांचवां, भुगतान में देरी हो तो लिखित शिकायत करें और हर स्तर पर शिकायत का नंबर नोट करें।

हरगांव मिल का 4 नवंबर से चलना सीतापुर के किसानों के लिए नए सत्र की पहली ठोस खबर है। डोंगा पूजन हो चुका है, लक्ष्य तय है और 14 दिन में भुगतान का दावा भी सामने है। अब सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि पर्ची व्यवस्था और भुगतान का वादा जमीन पर कितनी ईमानदारी से निभता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हरगांव चीनी मिल में पेराई कब से शुरू होगी? विधिवत गन्ना पेराई 4 नवंबर से शुरू होगी। इससे पहले रविवार को डोंगा पूजन के साथ सत्र का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है।

इस सत्र में हरगांव मिल का गन्ना पेराई लक्ष्य कितना है? मिल प्रबंधन ने चालू पेराई सत्र में 2.5 करोड़ क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

हरगांव मिल से कितने किसान और क्रय केंद्र जुड़े हैं? 24 अक्टूबर की मिल रिपोर्ट के अनुसार मिल से 83 गन्ना क्रय केंद्र जुड़े हैं, जिनके माध्यम से करीब 1.22 लाख किसान गन्ने की आपूर्ति करेंगे।

गन्ने का भुगतान कितने दिन में मिलेगा? मिल प्रबंधन के अनुसार शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप भुगतान 14 दिनों के अंदर किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। देरी होने पर गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें।

2026-27 सत्र का एसएपी घोषित हुआ है क्या? नहीं, पेराई सत्र 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश में एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पुराने सत्र की दर को इस सत्र की दर न मानें।

सीतापुर जिले में कुल कितनी चीनी मिलें हैं? जिले में छह चीनी मिलें संचालित हैं — बिसवां, हरगांव, जवाहरपुर, रामगढ़ और कमलापुर निजी क्षेत्र की तथा महमूदाबाद सहकारी क्षेत्र की मिल है।

स्रोत: अमर उजाला (सीतापुर, 1 नवंबर 2026; 24 अक्टूबर 2026; 10 अक्टूबर 2026), दैनिक जागरण (सीतापुर, 26 सितंबर 2026)।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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