होम › गन्ना पर्ची अब सिर्फ SMS से — पेराई से …

गन्ना पर्ची अब सिर्फ SMS से — पेराई से पहले ये 6 काम न किए तो मिल तक नहीं पहुंचेगा आपका गन्ना

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 24, 2026 • 6 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
गन्ना पर्ची अब सिर्फ SMS से — पेराई से पहले ये 6 काम न किए तो मिल तक नहीं पहुंचेगा आपका गन्ना
अंतिम अपडेट: October 24, 2026 6:05 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में जब चीनी मिलों के बॉयलर चालू होंगे और पेराई सत्र 2026-27 की शुरुआत होगी, तो करीब 45 लाख गन्ना किसानों की सबसे बड़ी ताकत होगी उनका मोबाइल फोन। गन्ना एवं चीनी आयुक्त के निर्देशों के मुताबिक अब गन्ना पर्ची कागज़ पर नहीं, बल्कि सीधे किसान के मोबाइल पर एसएमएस (SMS) के रूप में भेजी जाती है। यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है — लेकिन इसका एक सीधा मतलब यह भी है कि अगर आपका मोबाइल नंबर गलत है, बंद है, या फोन में छोटी-सी कोई तकनीकी गड़बड़ी है, तो पर्ची आप तक पहुंचेगी ही नहीं। और पर्ची के बिना मिल में गन्ना भी नहीं उतरेगा।

गन्ना विकास विभाग के अनुसार वर्तमान में 95 प्रतिशत से अधिक किसानों को एसएमएस पर्चियां सफलतापूर्वक डिलीवर हो रही हैं। यानी दिक्कत व्यवस्था में नहीं, अक्सर किसान के अपने फोन या पंजीकृत नंबर में होती है। नीचे हम बता रहे हैं वो 6 काम जो हर गन्ना किसान को पेराई शुरू होने से पहले — यानी अभी — कर लेने चाहिए।

1. SGK पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर जांचें

पर्ची उसी नंबर पर SMS होती है जो स्मार्ट गन्ना किसान (SGK) पोर्टल या ERP सिस्टम में आपके नाम के साथ पंजीकृत है। विभाग ने साफ कहा है कि किसान अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर की जांच ज़रूर करें। अगर नंबर गलत है, पुराना है, या वह सिम अब आपके पास नहीं है, तो पर्ची का SMS किसी और को चला जाएगा या पहुंचेगा ही नहीं। नंबर बदलवाने के लिए अपने गन्ना पर्यवेक्षक या गन्ना समिति से संपर्क करें — यह काम समिति/पर्यवेक्षक के माध्यम से ही अपडेट होता है।

2. डीएनडी (DND) सर्विस तुरंत बंद कराएं

यह सबसे आम और सबसे अनदेखी वजह है। अगर आपने अपने नंबर पर डीएनडी (Do Not Disturb) सेवा सक्रिय की है, तो सर्वर से भेजा गया पर्ची का SMS आपके फोन तक नहीं पहुंचता। विभाग ने स्पष्ट अपील की है कि किसान पंजीकृत नंबर पर डीएनडी सक्रिय न रखें। इसके अलावा “कॉल बार्ड” (Call Barred) विकल्प भी सक्रिय न करें, क्योंकि यह भी मैसेज डिलीवरी में बाधा डाल सकता है।

3. एसएमएस इनबॉक्स खाली रखें

विभाग का कहना है कि कई किसानों के मोबाइल का SMS इनबॉक्स भरा होने की वजह से भी पर्ची का संदेश नहीं मिल पाता। पेराई के सीजन में पर्ची के SMS लगातार आते हैं, इसलिए समय-समय पर पुराने प्रमोशनल और अनावश्यक मैसेज हटाकर इनबॉक्स में जगह बनाए रखें।

4. मोबाइल चालू, चार्ज और नेटवर्क में रखें

पर्ची का SMS 24 घंटे की समय-सीमा के साथ आता है — मोबाइल स्विच ऑफ होने या नेटवर्क क्षेत्र से बाहर होने पर संदेश निरस्त भी हो सकता है। इसलिए पेराई के दिनों में फोन को चार्ज करके चालू रखें, नेटवर्क कवरेज वाली जगह पर रहें और सिम पर रिचार्ज सक्रिय बनाए रखें। निष्क्रिय या रिचार्ज-रहित सिम पर SMS पर्ची अटक सकती है।

5. पर्ची मिलने पर तुरंत तौल की तैयारी करें

SMS पर्ची मिलने का मतलब है कि आपका गन्ना तौल के लिए तय समय पर केंद्र या मिल गेट पर पहुंचना चाहिए। ताजा कटा गन्ना ही समय पर मिल तक पहुंचाएं, क्योंकि कटा हुआ गन्ना खेत में पड़ा रह जाने पर वजन घटता है और चीनी की रिकवरी भी प्रभावित होती है। पर्ची के SMS में दी गई तिथि और क्रय केंद्र की जानकारी को ध्यान से पढ़ें।

6. भुगतान की जानकारी भी SMS और पोर्टल से ट्रैक करें

पर्ची मिलना ही आखिरी कदम नहीं है — गन्ना आपूर्ति के बाद भुगतान की जानकारी भी डिजिटल माध्यमों से मिलती है। कानून के मुताबिक मिल को खरीद की तिथि से 14 दिनों के भीतर गन्ना मूल्य का भुगतान करना होता है, और देरी पर बकाया राशि पर ब्याज भी देय है। अगर भुगतान में देरी हो, तो गन्ना पर्ची से जुड़े हेल्पलाइन नंबर 1800-121-3203 पर संपर्क करें या upcane.gov.in पोर्टल पर अपनी भुगतान स्थिति जांचें।

नंबर अपडेट कराने की पूरी प्रक्रिया

नंबर अपडेट कराने के लिए किसान को स्वयं अपनी गन्ना समिति या गन्ना पर्यवेक्षक के पास जाना होता है। साथ में अपना कृषक कोड और आधार कार्ड जैसे पहचान दस्तावेज़ रखें, ताकि सत्यापन में देरी न हो। पर्यवेक्षक SGK पोर्टल पर आपका रिकॉर्ड खोलकर पुराने नंबर की जगह नया चालू नंबर दर्ज करता है। अपडेट होते ही आगे की सभी पर्चियां नए नंबर पर आने लगती हैं। ध्यान रहे कि एक किसान अपने कृषक कोड से केवल एक ही मोबाइल नंबर पंजीकृत रख सकता है, इसलिए वही नंबर दें जो हमेशा आपके पास रहता है और जिस पर रिचार्ज नियमित होता हो। पेराई शुरू होने से पहले यह काम निपटा लें, क्योंकि सीजन के बीच में नंबर बदलवाने की प्रक्रिया में समय लग सकता है और इस बीच आने वाली पर्चियां छूट सकती हैं।

पर्ची और भुगतान: दोनों का डिजिटल हिसाब रखें

SMS पर्ची व्यवस्था का फायदा तभी पूरा मिलता है जब किसान पर्ची के साथ-साथ अपने भुगतान का भी हिसाब रखे। हर आपूर्ति की पर्ची का SMS सुरक्षित रखें — यही आपके गन्ना देने का डिजिटल सबूत है। अगर किसी पर्ची का भुगतान 14 दिनों में न आए, तो पर्ची की तिथि और मात्रा के आधार पर हेल्पलाइन 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। देरी से भुगतान पर कानूनन ब्याज भी बनता है, इसलिए पर्ची के रिकॉर्ड को हल्के में न लें। कई किसान पुराने SMS हटा देते हैं, लेकिन पेराई सीजन खत्म होने तक पर्ची के संदेश संभालकर रखना समझदारी है।

SMS पर्ची क्यों है किसानों के हक में

पहले पर्ची के लिए किसानों को क्रय केंद्रों या समितियों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिसमें समय की बर्बादी के साथ-साथ बिचौलियों के हस्तक्षेप की गुंजाइश भी बनी रहती थी। एसएमएस पर्ची व्यवस्था ने इस खेल को खत्म कर दिया है — पर्ची सीधे किसान के फोन पर आती है, वितरण प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध है, और ताजा गन्ना समय पर मिल तक पहुंचने से सूखने या खराबी का नुकसान भी बचता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: पर्ची का SMS नहीं आया तो सबसे पहले क्या करूं? जवाब: सबसे पहले अपना SMS इनबॉक्स खाली करें, डीएनडी बंद है या नहीं जांचें, और फोन का नेटवर्क देखें। फिर भी न आए तो अपने गन्ना पर्यवेक्षक से SGK पोर्टल पर पंजीकृत नंबर की जांच करवाएं।

सवाल: मेरा पुराना नंबर बंद हो गया है, नया नंबर कैसे जुड़वाऊं? जवाब: नया नंबर गन्ना पर्यवेक्षक या गन्ना समिति के माध्यम से SGK पोर्टल पर अपडेट करवाना होता है। खुद से पोर्टल पर नंबर बदलने का विकल्प नहीं है।

सवाल: क्या पर्ची अब कागज़ पर बिल्कुल नहीं मिलती? जवाब: विभाग के निर्देशों के मुताबिक पर्ची निर्गमन अब SMS के माध्यम से ही किया जाता है। यही आधिकारिक व्यवस्था है, इसलिए फोन को ही पर्ची का जरिया मानें।

सवाल: पर्ची से जुड़ी शिकायत कहां दर्ज कराऊं? जवाब: टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 पर संपर्क करें, या upcane.gov.in पोर्टल का इस्तेमाल करें। अपने जिले के गन्ना पर्यवेक्षक से भी मदद ले सकते हैं।

स्रोत: ट्रैक्टर जंक्शन (24 अक्टूबर 2026), खेती व्यापार, कृषि भूमि

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में