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गन्ना किसानों को 24 घंटे में भुगतान का वादा — 2027 चुनाव से पहले सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का बड़ा चुनावी दांव

Randhir Patil Randhir Patil Sep 4, 2026 3 min read
गन्ना किसानों को 24 घंटे में भुगतान का वादा — 2027 चुनाव से पहले सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का बड़ा चुनावी दांव
अंतिम अपडेट: September 4, 2026 9:15 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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लखनऊ / मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा यानी ‘गन्ना किसान’ एक बार फिर केंद्र में आ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज 4 सितंबर को पश्चिमी यूपी के किसान नेताओं से मुलाकात और मीडिया को दिए अपने विस्तृत वक्तव्य में एक बड़ा नीतिगत चुनावी दांव चलते हुए ऐलान किया कि यदि 2027 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो राज्य में गन्ना खरीद के 24 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में शत-प्रतिशत भुगतान की कानूनी गारंटी दी जाएगी

अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ और बागपत के वर्तमान हालात का जिक्र करते हुए योगी सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेराई सत्र समाप्त हुए चार महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन आज भी किसानों का ₹1,900 करोड़ से अधिक का बकाया मिलों पर अटका हुआ है और इलाहाबाद हाईकोर्ट को अधिकारियों को डंडा चलाना पड़ रहा है।

‘गन्ना किसान कॉर्प्स फंड’ बनाकर 24 घंटे में भुगतान का मॉडल

सपा प्रमुख ने अपने 24 घंटे के भुगतान वादे का वित्तीय रोडमैप प्रस्तुत करते हुए बताया, “समाजवादी सरकार बनने पर राज्य सरकार ₹10,000 करोड़ का एक समर्पित ‘गन्ना किसान स्थिरीकरण एवं रिवॉल्विंग फंड’ (Sugarcane Farmer Stabilization Fund) स्थापित करेगी। जैसे ही किसान क्रय केंद्र पर अपनी ट्रॉली का गन्ना तुलेगा और कंप्यूटर पर्ची कटेगी, सॉफ्टवेयर सीधे राज्य फंड से 24 घंटे के भीतर किसान के खाते में पूरा पैसा ट्रांसफर कर देगा। सरकार बाद में चीनी मिलों से चीनी, शीरा और एथेनॉल की बिक्री से वह पैसा खुद वसूल करेगी। किसान को अपनी ही मेहनत के पैसे के लिए मिल मालिकों के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा।”

अखिलेश यादव ने यह भी घोषणा की कि सपा सरकार बनने पर गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) उत्पादन लागत में 50% मुनाफा जोड़कर कम से कम ₹450 प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाएगा। साथ ही कृषि नलकूपों पर लगाए जा रहे 4G स्मार्ट मीटरों को तुरंत उखाड़कर फेंक दिया जाएगा और किसानों को सिंचाई के लिए पूरी तरह मुफ्त और 18 घंटे निर्बाध थ्री-फेज बिजली दी जाएगी।

8 सितंबर की महापंचायत से पहले पश्चिमी यूपी में राजनीतिक सरगर्मी तेज

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह बयान 8 सितंबर को मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में होने जा रही विशाल किसान महापंचायत से ठीक चार दिन पहले आया है, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जाट और किसान बेल्ट में राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है।

हरियाणा द्वारा ₹405 और पंजाब द्वारा ₹410 के भाव की तैयारी के बीच अखिलेश यादव के 24 घंटे के भुगतान और ₹450 के वादे ने सत्ताधारी दल भाजपा पर भी गन्ने का भाव तुरंत बढ़ाने और बकाया भुगतान शून्य करने का भारी दबाव बना दिया है।

खाद और बीज पर भी सपा का बड़ा चुनावी पैकेज

सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर गन्ना किसानों को खाद और प्रमाणित बीज के लिए समितियों पर लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर आधुनिक किसान सेवा केंद्र खोले जाएंगे जहां से किसानों को शून्य ब्याज पर 6 महीने के लिए फसली इनपुट उपलब्ध कराया जाएगा।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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