होम › खाद किल्लत पर फुल-स्टॉप — राज्य भंडारण …

खाद किल्लत पर फुल-स्टॉप — राज्य भंडारण निगम ने बनाए 50 समर्पित बफर हब, 24 घंटे में पहुंचेगी डीएपी

Aamir Raza Aamir Raza • Sep 3, 2026 • 3 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
खाद किल्लत पर फुल-स्टॉप — राज्य भंडारण निगम ने बनाए 50 समर्पित बफर हब, 24 घंटे में पहुंचेगी डीएपी
अंतिम अपडेट: September 3, 2026 8:15 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ / हापुड़: उत्तर प्रदेश में 15 सितंबर से शुरू होने जा रहे शरदकालीन गन्ना बुवाई सीजन के दौरान ग्रामीण प्राथमिक कृषि सहकारी ऋण समितियों (PACS) पर रासायनिक खादों के अचानक स्टॉक खत्म होने और किसानों में अफरा-तफरी मचने की समस्या को स्थायी रूप से हल कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम (UPSWC) ने सहकारिता विभाग के समन्वय से प्रदेश के प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों में 50 बड़े रणनीतिक केंद्रीय गोदामों को ‘समर्पित उर्वरक बफर हब’ (Dedicated Fertilizer Buffer Hubs) के रूप में सक्रिय कर दिया है।

राज्य भंडारण निगम के प्रबंध निदेशक ने आज हापुड़ स्थित केंद्रीय डिपो के औचक निरीक्षण के दौरान बताया कि इन 50 बफर हबों में कुल 3.50 लाख मीट्रिक टन डीएपी (DAP), एनपीके (NPK) और एमओपी पोटाश (MOP) का सुरक्षित बफर स्टॉक जमा कर लिया गया है।

मांग दर्ज होते ही 24 घंटे में समिति पर पहुंचेगी खाद

पूर्व वर्षों में जब किसी दूरदराज की साधन सहकारी समिति पर डीएपी का स्टॉक समाप्त होता था, तो मुख्यालय से इंडेंट पास होने और रेलवे रैक प्वाइंट से ट्रक आने में 5 से 7 दिन लग जाते थे, जिससे किसानों की बुवाई पिछड़ जाती थी। नई व्यवस्था के तहत:

  • डिजिटल ऑटो-इंडेंट सिस्टम: जैसे ही किसी पैक्स समिति पर डीएपी का स्टॉक 50 बोरी से नीचे जाएगा, विभागीय सॉफ्टवेयर स्वतः निकटतम बफर हब को अलर्ट भेज देगा।
  • 24 घंटे में सीधी डिलीवरी: बफर हब पर 24 घंटे लोडिंग ट्रक तैयार रहेंगे, जो अधिकतम 24 घंटे के भीतर संबंधित समिति के दरवाजे पर नई खाद की खेप उतार देंगे।
  • नोडल ट्रांसपोर्टर्स की जवाबदेही: ढुलाई में देरी करने वाले ट्रांसपोर्ट ठेकेदारों पर प्रतिदिन ₹5,000 का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।

ओवर-रेटिंग रोकने को सीसीटीवी और लाइव डैशबोर्ड

प्रबंध निदेशक ने बताया कि सभी 50 बफर हबों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और दैनिक डिस्पैच की निगरानी लखनऊ मुख्यालय स्थित सेंट्रल कमांड सेंटर से की जा रही है।

अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। इफको और कृभको की सभी फैक्ट्रियों से दैनिक मालगाड़ियां निरंतर उत्तर प्रदेश पहुंच रही हैं। किसान भाई किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकारी दर ₹1,350 प्रति बोरी डीएपी पर ही अपनी आवश्यकतानुसार खाद खरीदें। यदि कोई निजी विक्रेता अधिक मूल्य मांगता है या खाद के साथ अन्य सामान जबरन बांधता है, तो किसान तत्काल कृषि विभाग के कंट्रोल रूम 0522-2208572 पर शिकायत दर्ज कराएं।

पीओएस मशीन से अनिवार्य रसीद प्राप्त करें

सहकारिता विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे खाद खरीदते समय समिति सचिव से पीओएस मशीन की कंप्यूटराइज्ड रसीद अवश्य मांगें। रसीद पर किसान का नाम, आधार संख्या, खाद की मात्रा और कुल सरकारी दर स्पष्ट रूप से मुद्रित होती है, जिससे ओवर-चार्जिंग की कोई गुंजाइश नहीं रहती।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में