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चीनी के एक्स-मिल भाव में 30 प्रतिशत की भारी गिरावट, 47 रुपये किलो पहुंचे दाम, खुदरा बाजार में जल्द दिखेगा असर

Randhir Patil Randhir Patil Aug 31, 2026 3 min read
चीनी के एक्स-मिल भाव में 30 प्रतिशत की भारी गिरावट, 47 रुपये किलो पहुंचे दाम, खुदरा बाजार में जल्द दिखेगा असर
अंतिम अपडेट: August 31, 2026 10:30 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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चीनी के एक्स-मिल भाव में 30 प्रतिशत की भारी गिरावट, 47 रुपये किलो पहुंचे दाम, खुदरा बाजार में जल्द दिखेगा असर

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Randhir Patil - 2026-08-31

नई दिल्ली/लखनऊ (विशेष संवाददाता)। घरेलू बाजार में चीनी की आसमान छूती कीमतों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार और राज्य प्रशासनों द्वारा उठाए गए सख्त कदमों का बड़ा असर दिखने लगा है। देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की चीनी मिलों में चीनी के एक्स-मिल (थोक कारखाना दर) मूल्यों में लगभग 30 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

अगस्त के पहले पखवाड़े में जो एक्स-मिल भाव 58 से 62 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए थे, वे अब टूटकर 45 से 47 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गए हैं।

सरकारी हस्तक्षेप और आयात नीति ने तोड़ी सट्टेबाजी की कमर

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, कीमतों में आई इस तेज गिरावट के पीछे निम्नलिखित 3 मुख्य सरकारी फैसले रहे हैं:

  1. 10 लाख टन कच्ची चीनी का रियायती आयात (TRQ): रिफाइनरियों को शुल्क-मुक्त कच्ची चीनी आयात की अनुमति मिलने से घरेलू बाजार में आपूर्ति का संकट दूर हो गया।
  2. व्यापारियों पर 400 टन की स्टॉक लिमिट: थोक डीलरों के गोदामों में 30 दिन से अधिक स्टॉक रखने पर प्रतिबंध और फ्लाइंग स्क्वाड की लगातार छापेमारी से जमाखोरों को माल बाजार में निकालना पड़ा।
  3. बल्क उपभोक्ताओं पर 15 दिन की सीमा: शीतल पेय, कन्फेक्शनरी और मिठाई निर्माताओं के स्टॉक पर 15 दिनों की पाबंदी लगने से थोक मांग सामान्य हो गई।
बाजार स्तरअगस्त मध्य का उच्चतम भाव31 अगस्त का वर्तमान भावप्रतिशत गिरावट
एक्स-मिल थोक भाव (यूपी मिलें)₹58.50 / किग्रा₹46.50 से ₹47.20 / किग्रा-28.5%
थोक मंडी भाव (हापुड़/मेरठ)₹62.00 / किग्रा₹48.50 / किग्रा-27.8%
खुदरा बाजार दर (वर्तमान)₹65.00 से ₹68.00 / किग्रा₹52.00 से ₹55.00 / किग्राआगामी 10 दिन में ₹44-46 संभावित

खुदरा बाजार में अगले 10 दिनों में दिखेगा पूरा असर

थोक बाजार में आई इस गिरावट का पूरा फायदा आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने में 7 से 10 दिनों का समय लगेगा।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि अधिकांश खुदरा दुकानदारों के पास पहले से खरीदा हुआ महंगा स्टॉक मौजूद था। जैसे ही पुराना स्टॉक खाली होगा और 47 रुपये वाली नई खेप मंडियों से दुकानों तक पहुंचेगी, खुदरा बाजार में चीनी 44 से 46 रुपये प्रति किलो के सामान्य स्तर पर आ जाएगी।

किसानों के भुगतान और आगामी पेराई सत्र पर प्रभाव

विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी की एक्स-मिल दरें 47 रुपये पर स्थिर रहने से चीनी मिलों का मार्जिन सुरक्षित रहेगा और उन्हें वित्तीय संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे पेराई सत्र 2026-27 में मिलें किसानों का गन्ना भुगतान समय पर कर सकेंगी।

त्योहारी सीजन में आम जनता को बड़ी राहत

खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव ने बताया कि आने वाले त्योहारी महीनों (गणेश उत्सव, दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और छठ पूजा) के दौरान देश में चीनी की मांग 25 से 30 लाख टन प्रतिमाह तक पहुंच जाती है।

थोक एक्स-मिल भाव ₹47/किग्रा पर आने से मिठाई निर्माताओं और आम उपभोक्ताओं को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी। विभाग ने जिला स्तर पर सचल दलों (Mobile Squads) को सक्रिय रखा है ताकि कोई भी थोक व्यापारी पुराने ऊंचे दामों पर बिक्री कर अनुचित लाभ न कमा सके।

पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले की चीनी मिलों के किसान भाई अपना सट्टा और पर्ची विवरण enquiry.caneup.in पोर्टल पर देख सकते हैं। नए पेराई सत्र की समयसारिणी के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 देखें और ई-गन्ना ऐप डाउनलोड करें।

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Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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