चीनी मिलों ने की बी-हैवी एथेनॉल दर ₹62.50 करने की मांग — पेट्रोलियम मंत्रालय को सौंपा विस्तृत प्रस्ताव

नई दिल्ली / मेरठ: भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (ISMA) और उत्तर प्रदेश शुगर मिल्स एसोसिएशन (UPSMA) के एक संयुक्त उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आगामी एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2026-27 के लिए एथेनॉल खरीद दरों के पुनरीक्षण को लेकर आज नई दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने एक विस्तृत वित्तीय लागत विश्लेषण पत्र सौंपते हुए बी-हैवी शीरे (B-Heavy Molasses) से उत्पादित एथेनॉल की सरकारी खरीद दर को वर्तमान ₹60.73 प्रति लीटर से बढ़ाकर कम से कम ₹62.50 प्रति लीटर करने की पुरजोर मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय को अवगत कराया कि पिछले दो वर्षों में चीनी मिलों की परिचालन लागत, रासायनिक इनपुट्स, बायोगैस डीसल्फराइजेशन खर्च और डिस्टिलरी मेंटेनेंस लागत में 12% से अधिक की वृद्धि हुई है। इसके अलावा गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए जब तक एथेनॉल की खरीद दर में न्यायसंगत वृद्धि नहीं की जाती, तब तक मिलों के लिए डिस्टिलरियों का पूर्ण क्षमता पर संचालन आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं होगा।
चीनी उद्योग द्वारा प्रस्तुत नया मूल्य फॉर्मूला
चीनी उद्योग संघ ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के लिए विभिन्न फीडस्टॉक आधारित एथेनॉल का निम्नलिखित संशोधित मूल्य निर्धारण ढांचा प्रस्तावित किया है:
| एथेनॉल फीडस्टॉक श्रेणी | वर्तमान सरकारी दर (₹/लीटर) | उद्योग द्वारा प्रस्तावित दर (₹/लीटर) | शुद्ध वृद्धि मांग |
|---|---|---|---|
| गन्ने का सीधा रस / सिरप (Sugarcane Juice) | ₹65.61 | ₹67.80 | + ₹2.19 प्रति लीटर |
| बी-हैवी शीरा (B-Heavy Molasses) | ₹60.73 | ₹62.50 | + ₹1.77 प्रति लीटर |
| सी-हैवी शीरा (C-Heavy Molasses) | ₹56.28 | ₹58.00 | + ₹1.72 प्रति लीटर |
किसानों के 14 दिन के भुगतान चक्र से जुड़ा है मामला
इस्मा के अध्यक्ष ने बैठक के बाद मीडिया को बताया, “उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की 150 से अधिक चीनी मिलों ने अपनी डिस्टिलरी क्षमता विस्तार के लिए ₹25,000 करोड़ से अधिक का बैंक कर्ज लिया है। यदि तेल कंपनियां एथेनॉल की उचित दरें नहीं देती हैं, तो मिलों की नकदी तरलता (Liquidity) प्रभावित होगी, जिसका सीधा असर पेराई सत्र के दौरान किसानों को 14 दिन के भीतर किए जाने वाले समयबद्ध गन्ना भुगतान पर पड़ेगा। बी-हैवी शीरे से एथेनॉल दर ₹62.50 करने से मिलों को प्रति लीटर लगभग ₹1.80 की अतिरिक्त बचत होगी जो पूरी तरह गन्ना किसानों के भुगतान में जाएगी।”
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने उद्योग की मांगों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि नेशनल बायोफ्यूल कोऑर्डिनेशन कमेटी (NBCC) और वित्त मंत्रालय की संयुक्त लागत समिति इस प्रस्ताव का तकनीकी परीक्षण कर रही है। उम्मीद है कि 15 अक्टूबर को नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) नए एथेनॉल मूल्य मैट्रिक्स को अंतिम मंजूरी दे देगी।
20% ब्लेंडिंग से आगे E27 और E30 की तैयारी
उद्योग प्रतिनिधियों ने यह भी रेखांकित किया कि चालू वर्ष में भारत ने 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का ऐतिहासिक लक्ष्य पूरा कर लिया है। अब देश को 2030 तक E27 और E30 मिश्रण की ओर बढ़ना है, जिसके लिए गन्ने से एथेनॉल उत्पादन को निरंतर आकर्षक बनाए रखना आवश्यक है ताकि चीनी मिलें डिस्टिलरी आधुनिकीकरण में निरंतर निवेश जारी रख सकें।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि केंद्र सरकार ₹62.50 की दर को स्वीकार कर लेती है, तो आगामी पेराई सत्र में उत्तर प्रदेश की डिस्टिलरियां रिकॉर्ड 220 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन करेंगी, जिससे कच्चे तेल के आयात बिल में लगभग ₹18,000 करोड़ की सीधी बचत होगी।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
यह आर्टिकल कैसा लगा?



