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घटतौली पर लगाम: 4,200 धर्मकांटों पर डिजिटल लोड-सेल व RFID सील अनिवार्य — बाट एवं माप विभाग ने शुरू किया सघन जांच अभियान

Aamir Raza Sep 24, 2026 3 min read
घटतौली पर लगाम: 4,200 धर्मकांटों पर डिजिटल लोड-सेल व RFID सील अनिवार्य — बाट एवं माप विभाग ने शुरू किया सघन जांच अभियान
अंतिम अपडेट: September 24, 2026 8:10 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मेरठ / सहारनपुर / सीतापुर (CaneUp विशेष ब्यूरो — 24 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के दौरान गन्ना किसानों की एक-एक पाई और एक-एक किलोग्राम फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शासन ने कमर कस ली है। गन्ना विकास विभाग और विधिक माप विज्ञान (बाट एवं माप नियंत्रक) विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज से राज्य भर के 4,200 से अधिक गन्ना क्रय केंद्रों पर डिजिटल कांटों की सघन जांच और कैलिब्रेशन का विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है।

गन्ना आयुक्त लखनऊ द्वारा जारी कड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस बार पारंपरिक मैकेनिकल या अप्रमाणित इलेक्ट्रॉनिक कांटों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। मिल प्रबंधन को प्रत्येक कांटे पर हाई-टेक डिजिटल लोड-सेल (Load Cell) और ऑटोमेटेड डेटा लॉगिंग सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य किया गया है।


🛡️ घटतौली रोकने के लिए 4 स्तरीय सुरक्षा चक्र लागू

  1. छेड़छाड़-रोधी RFID डिजिटल सील: धर्मकांटे के मदरबोर्ड और कैलिब्रेशन बॉक्स पर बाट एवं माप निरीक्षक द्वारा विशेष क्यूआर-कोडेड आरएफआईडी सील लगाई जा रही है। यदि कोई सील के साथ छेड़छाड़ का प्रयास करेगा, तो सिस्टम स्वतः ब्लॉक हो जाएगा।
  2. सीधे क्लाउड सर्वर पर वजन प्रविष्टि: कांटा ऑपरेटर वजन में कोई मैनुअल हेरफेर नहीं कर सकेगा। वजन होते ही सेंसर डेटा सीधे एन्क्रिप्टेड फॉर्म में चीनी मिल और गन्ना विभाग के सेंट्रल सर्वर पर दर्ज होगा।
  3. 24x7 नाइट-विजन सीसीटीवी निगरानी: क्रय केंद्र के तौल प्लेटफार्म और डिस्प्ले स्क्रीन दोनों को कवर करने वाले दो सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनका लाइव फीड जिला गन्ना अधिकारी (DCO) के कंट्रोल रूम में देखा जा सकेगा।
  4. कांटे पर 5 टन का मानक वजन (Standard Weights) अनिवार्य: प्रत्येक क्रय केंद्र पर कम से कम 5 टन के सरकारी मानक बाट रखे जाएंगे, जिससे किसान अपनी आंखों के सामने कांटे की शुद्धता की पुष्टि कर सकें।

⚖️ घटतौली पर कड़े कानूनी दंडात्मक प्रावधान

  • प्रथम दृष्टया गड़बड़ी: कांटे का तत्काल जब्तीकरण और मिल प्रबंधन व तौल लिपिक पर विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 के तहत गैर-जमानती मुकदमा।
  • गंभीर हेराफेरी: आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और बीएनएस (BNS) की धोखाधड़ी संबंधी धाराओं में तत्काल गिरफ्तारी।
  • लाइसेंस निरस्तीकरण: संबंधित तौल क्लर्क का लाइसेंस आजीवन निरस्त कर उसे काली सूची में डाला जाएगा।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: यदि किसी क्रय केंद्र पर कांटे में गड़बड़ी का संदेह हो तो किसान क्या करें?

उत्तर: किसान भाई कांटे पर रखे मानक बाट से तुरंत तौल की जांच की मांग कर सकते हैं और मौके से ही राज्य स्तरीय एंटी-घटतौली हेल्पलाइन 1800-121-3203 या स्थानीय DCO कार्यालय को सूचित कर सकते हैं।

प्रश्न 2: क्या तौल पर्ची पर किसान का वजन तुरंत प्रिंट होकर मिलेगा?

उत्तर: जी हाँ, डिजिटल कांटा सिस्टम वजन होते ही किसान को कंप्यूटराइज्ड वजन पर्ची देगा और 30 सेकंड के भीतर उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस व व्हाट्सएप अलर्ट भी भेजा जाएगा।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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