चीनी मिलों के 800+ बाहरी खरीद केंद्रों पर लगेंगे डिजिटल RFID कांटे: घटतौली रोकने को प्रशासन की संयुक्त टास्क फोर्स गठित — टोल-फ्री हेल्पलाइन जारी

मेरठ / मुजफ्फरनगर / बिजनौर (CaneUp विशेष ब्यूरो — 22 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों को उनकी गाढ़ी मेहनत का पाई-पाई सही मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार ने क्रय केंद्रों पर घटतौली (कम तौल) के खिलाफ निर्णायक अभियान छेड़ दिया है। मुख्य सचिव के निर्देश पर गन्ना विभाग, पुलिस प्रशासन और विधिक माप विज्ञान (बाट-माप) विभाग की संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
प्रदेश भर के 800 से अधिक बाहरी क्रय केंद्रों (Out Centres) और 120 मिल गेटों पर स्थापित सभी इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटों को आगामी 15 अक्टूबर तक डिजिटल RFID चिप और क्लाउड टेलीमेट्री से लैस कर सील किया जाएगा।
⚖️ घटतौली रोकने के लिए 4 नए अभूतपूर्व नियम
- क्लाउड सर्वर से सीधी लिंकिंग: कांटे पर जैसे ही किसान की ट्रॉली चढ़ेगी, तौल का वजन तुरंत एनआईसी (NIC) और गन्ना विभाग के सेंट्रल सर्वर पर दर्ज हो जाएगा। इसमें मैन्युअल छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश नहीं होगी।
- डिजिटल तौल पर्ची पर QR कोड: तौल समाप्त होते ही किसान को जो पर्ची मिलेगी, उस पर एक क्यूआर कोड होगा जिसे स्कैन करके किसान अपने मोबाइल पर वास्तविक वजन देख सकेंगे।
- औचक छापेमारी दस्ता (Flying Squads): प्रत्येक जिले में एसडीएम और डीसीओ के नेतृत्व में सचल दस्ते गठित किए गए हैं, जो दिन-रात औचक रूप से क्रय केंद्रों पर मानक बाट (Standard Weights) से कांटों का सत्यापन करेंगे।
- सीधी एफआईआर (FIR) और केंद्र निरस्तीकरण: यदि किसी भी कांटे पर 5 किलो से अधिक की घटतौली पकड़ी जाती है, तो तौल लिपिक के साथ-साथ मिल के महाप्रबंधक (केन) के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
📞 किसान हेल्पलाइन एवं शिकायत निवारण व्यवस्था
यदि किसी किसान भाई को किसी भी मिल या बाहरी क्रय केंद्र पर तौल में हेराफेरी का संदेह हो, तो वे तत्काल इन नंबरों पर संपर्क करें:
- राज्य गन्ना नियंत्रण कक्ष टोल-फ्री:
1800-121-3203(24x7 सक्रिय) - मुख्यमंत्री हेल्पलाइन:
1076 - CaneUp किसान समाधान डेस्क: किसान CaneUp.xyz के होमपेज पर दिए गए फॉर्म से भी सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: कांटा सही है या नहीं, इसकी जांच किसान कैसे करें?
उत्तर: नियमानुसार प्रत्येक क्रय केंद्र पर 50-50 किग्रा के प्रमाणित बाट उपलब्ध रहना अनिवार्य है। किसान तौल शुरू होने से पहले इन बाटों को कांटे पर रखवाकर शून्य त्रुटि जांच सकते हैं।
प्रश्न 2: घटतौली पाए जाने पर कितनी सजा का प्रावधान है?
उत्तर: विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 और यूपी गन्ना आपूर्ति अधिनियम 1953 के तहत दोषी पाए जाने पर 1 से 3 वर्ष की कैद और क्रय केंद्र का लाइसेंस तुरंत निरस्त करने का प्रावधान है।
प्रश्न 3: क्या डिजिटल कांटे से सीधे मोबाइल पर मैसेज आता है?
उत्तर: जी हाँ, डिजिटल कांटा सर्वर से लिंक होते ही तौल का शुद्ध वजन (Gross Weight - Tare Weight = Net Cane Weight) किसान के मोबाइल पर एसएमएस द्वारा पहुंचता है।
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