होम घटतौली रोकने को कड़ा कदम: चीनी मिलों के …

घटतौली रोकने को कड़ा कदम: चीनी मिलों के सभी तौल लिपिकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य — दागी क्लर्कों को नहीं मिलेगा कांटा लाइसेंस

Aamir Raza Sep 23, 2026 3 min read
घटतौली रोकने को कड़ा कदम: चीनी मिलों के सभी तौल लिपिकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य — दागी क्लर्कों को नहीं मिलेगा कांटा लाइसेंस
अंतिम अपडेट: September 23, 2026 7:00 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ / मुजफ्फरनगर / सहारनपुर (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026 शाम): उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र के दौरान गन्ना तौल केंद्रों पर घटतौली और हेराफेरी की शिकायतों को जड़ से समाप्त करने के लिए गन्ना विकास विभाग ने तौल लिपिकों (Weighment Clerks) की कार्यप्रणाली पर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। 23 सितंबर 2026 की शाम जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश की 120 चीनी मिलों के अधीन संचालित 4,218 क्रय केंद्रों पर तैनात होने वाले प्रत्येक तौल लिपिक का पुलिस चरित्र प्रमाण-पत्र (Police Character Verification) होना अनिवार्य होगा।

गन्ना आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि जिन तौल लिपिकों के खिलाफ पूर्व के सत्रों में घटतौली, 420 या आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA) के तहत मामले दर्ज रहे हैं, उन्हें किसी भी सूरत में तौल लाइसेंस जारी न किया जाए।


🛡️ तौल लिपिकों के लिए 4 नए अनिवार्य नियम

  1. बायोमेट्रिक हाजिरी और डिजिटल आई-कार्ड: कांटे पर केवल वही लिपिक बैठ सकेगा जिसका फोटो और फिंगरप्रिंट गन्ना विभाग के पोर्टल पर रजिस्टर्ड होगा। प्रत्येक क्लर्क को क्यूआर-कोड युक्त पहचान पत्र गले में लटकाना अनिवार्य होगा।
  2. हर 15 दिन में क्रय केंद्र का रैंडम रोटेशन: किसी भी तौल लिपिक को पूरे सत्र एक ही केंद्र पर नहीं रखा जाएगा। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर द्वारा प्रत्येक 15 दिन में क्लर्कों का सेंटर रैंडमली बदला जाएगा ताकि स्थानीय माफियाओं से सांठगांठ न हो सके।
  3. तौल पर्ची पर क्लर्क का नाम व लाइसेंस नंबर मुद्रित: किसान को मिलने वाली प्रत्येक कम्प्यूटरीकृत पर्ची पर तौलने वाले लिपिक का नाम, मोबाइल नंबर और लाइसेंस नंबर छपा रहेगा।
  4. घटतौली पकड़े जाने पर गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा: यदि सचल दल की जांच में 5 किलो से अधिक की विसंगति पाई जाती है, तो लिपिक के साथ-साथ चीनी मिल के केन मैनेजर (GM Cane) के खिलाफ आईपीसी और विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत गैर-जमानती मुकदमा दर्ज होगा।

📋 किसान कैसे करें तौल लिपिक की जांच?

  • किसान भाई क्रय केंद्र पर पहुंचते ही नोटिस बोर्ड पर लगे तौल लिपिक के अधिकृत प्रमाण पत्र की जांच करें।
  • यदि कांटा कंप्यूटर स्क्रीन पर शून्य (0.00) नहीं दिखा रहा है, तो तौल कराने से मना करें और कांटे पर रखे 50 किलो के मानक बाट को रखवाकर पहले जांचें।
  • किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या बदतमीजी की दशा में सीधे टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 या स्थानीय एसडीएम को कॉल करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या किसान खुद भी कांटे की जांच की मांग कर सकते हैं?

उत्तर: जी हाँ! गन्ना अधिनियम के तहत किसानों का विधिक अधिकार है कि वे तौल शुरू होने से पहले कांटे पर मानक बाट रखवाकर शून्य त्रुटि का सत्यापन करवाएं।

प्रश्न 2: यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति कांटा चला रहा हो तो क्या करें?

उत्तर: तत्काल अपने मोबाइल से वीडियो बनाएं और जिला गन्ना अधिकारी के व्हाट्सएप कंट्रोल रूम या 112 पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दें।

प्रश्न 3: तौल लिपिक का लाइसेंस कौन जारी करता है?

उत्तर: जिला गन्ना अधिकारी (DCO) द्वारा पुलिस सत्यापन और लिखित परीक्षा/सत्यापन के उपरांत ही वैधानिक लाइसेंस जारी किया जाता है।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में