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यूपी में गन्ना भुगतान ₹31,800 करोड़ पार — 98.7% बकाया निपटा, 5 मिलों को अंतिम चेतावनी

Aamir Raza Aamir Raza Sep 10, 2026 2 min read
यूपी में गन्ना भुगतान ₹31,800 करोड़ पार — 98.7% बकाया निपटा, 5 मिलों को अंतिम चेतावनी
अंतिम अपडेट: September 10, 2026 8:30 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ (CaneUp विशेष रिपोर्ट — 10 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने पिछले पेराई सत्र के भुगतान में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। आज लोकभवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में गन्ना विकास मंत्री ने बताया कि प्रदेश की 120 चीनी मिलों द्वारा अब तक कुल ₹31,815 करोड़ का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किसानों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर किया जा चुका है।

यह कुल देय गन्ना मूल्य का 98.7 प्रतिशत है, जो उत्तर प्रदेश के इतिहास में किसी भी पेराई सत्र की शुरुआत से पूर्व का अब तक का सबसे तेज भुगतान रिकॉर्ड है।


📈 चीनी मिल क्षेत्रवार भुगतान की वर्तमान स्थिति (10 सितंबर तक)

मिल क्षेत्र (Sector)कुल संचालित मिलेंकुल देय गन्ना मूल्य (₹ करोड़)अब तक किया गया भुगतान (₹ करोड़)भुगतान प्रतिशत (%)
सहकारी चीनी मिलें (Cooperative)24 मिलें₹3,840 करोड़₹3,840 करोड़100.0% (पूर्ण)
निगम की चीनी मिलें (Corporation)03 मिलें₹485 करोड़₹485 करोड़100.0% (पूर्ण)
निजी चीनी मिलें (Private)93 मिलें₹27,910 करोड़₹27,490 करोड़98.5%
कुल (उत्तर प्रदेश)120 मिलें₹32,235 करोड़₹31,815 करोड़98.7%

⚠️ 5 डिफ़ॉल्टर निजी मिलों को 15 सितंबर की अंतिम चेतावनी

बैठक में यह सामने आया कि राज्य की 115 चीनी मिलों ने 100% भुगतान चुकता कर दिया है, लेकिन 5 निजी चीनी मिलों पर अभी भी लगभग ₹410 करोड़ का बकाया लंबित है:

  1. शामली शुगर मिल (अपर दोआब)
  2. सिंभावली शुगर मिल (हापुड़)
  3. ब्रजनाथपुर शुगर मिल (हापुड़)
  4. गदौरा शुगर मिल
  5. बरखेड़ा शुगर मिल (बजाज समूह)

गन्ना आयुक्त ने इन पांचों मिलों के प्रबंध निदेशकों को तलब करते हुए सख्त हिदायत दी कि यदि 15 सितंबर 2026 तक शत-प्रतिशत बकाया चुकता नहीं किया गया, तो 16 सितंबर को मिल की संपत्तियों और चीनी स्टॉक पर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा भू-राजस्व बकाए की भांति आरसी (Recovery Certificate) जारी कर गोदामों की ई-नीलामी शुरू कर दी जाएगी।

शासन ने दोहराया कि जब तक पिछले सत्र का एक-एक रुपया चुकता नहीं होगा, डिफ़ॉल्टर मिलों को आगामी 2026-27 सत्र के लिए पेराई लाइसेंस (Crushing License) जारी नहीं किया जाएगा।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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