यूपी की 45 चीनी मिलों में 15 सितंबर से बॉयलर ट्रायल व स्टीम टेस्टिंग — खतौली, दौराला, धामपुर में अंतिम चरण में ओवरहालिंग

मुख्य बिंदु (Quick Summary): उत्तर प्रदेश में नए पेराई सत्र 2026-27 की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। प्रदेश की 120 चीनी मिलों में से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 45 प्रमुख मिलों (त्रिवेणी खतौली, डीसीएम श्रीराम दौराला, धामपुर, मवाना और सिंभावली) में ओवरहालिंग का कार्य 98% पूरा हो चुका है। 15 सितंबर 2026 से इन मिलों में बॉयलर ट्रायल, स्टीम ब्लोइंग और पावर टरबाइन टेस्टिंग की शुरुआत होगी।
मेरठ/मुजफ्फरनगर/बिजनौर (CaneUp इंडस्ट्रियल डेस्क — 11 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के संचालन की तैयारियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 15 से 20 अक्टूबर तक पश्चिमी यूपी की सभी अगेती चीनी मिलों को अनिवार्य रूप से चालू करने के निर्देशों के क्रम में मिल प्रबंधन ने ओवरहालिंग और मशीनरी मेंटेनेंस का काम अंतिम चरण में पहुंचा दिया है।
आगामी 15 सितंबर 2026 (सोमवार) से पश्चिमी और मध्य यूपी की 45 प्रमुख चीनी मिलों में बॉयलर ट्रायल और स्टीम टेस्टिंग (Steam Blowing Test) का सिलसिला शुरू होने जा रहा है।
🏭 15 सितंबर से बॉयलर ट्रायल शुरू करने वाली प्रमुख चीनी मिलें
| चीनी मिल का नाम | जनपद | दैनिक पेराई क्षमता (TCD) | बॉयलर ट्रायल तिथि | संभावित पेराई शुभारंभ |
|---|---|---|---|---|
| त्रिवेणी शुगर मिल (खतौली) | मुजफ्फरनगर | 16,000 TCD | 15 सितंबर 2026 | 18 अक्टूबर 2026 |
| डीसीएम श्रीराम (दौराला) | मेरठ | 12,500 TCD | 16 सितंबर 2026 | 20 अक्टूबर 2026 |
| धामपुर शुगर मिल | बिजनौर | 15,000 TCD | 15 सितंबर 2026 | 19 अक्टूबर 2026 |
| मवाना शुगर्स लिमिटेड | मेरठ | 13,000 TCD | 17 सितंबर 2026 | 22 अक्टूबर 2026 |
| गंगेश्वर शुगर्स (देवबंद) | सहारनपुर | 10,000 TCD | 16 सितंबर 2026 | 21 अक्टूबर 2026 |
| राणा शुगर्स (करीमगंज) | रामपुर | 8,500 TCD | 18 सितंबर 2026 | 24 अक्टूबर 2026 |
⚙️ बॉयलर ट्रायल और स्टीम टेस्टिंग में क्या होता है?
मिल के मुख्य अभियंता (Chief Engineer) के अनुसार, पेराई सत्र शुरू होने से लगभग एक माह पूर्व बॉयलर को धीरे-धीरे गर्म किया जाता है:
- हाइड्रोलिक प्रेशर टेस्ट: बॉयलर ट्यूब्स में 100 से 120 बार प्रेशर पर पानी डालकर लीकेज की जांच की जाती है।
- स्टीम ब्लोइंग टेस्ट: बॉयलर से उच्च दबाव वाली भाप को स्टीम टरबाइन और पाइपलाइन के जरिए छोड़ा जाता है ताकि जंग या कचरा साफ हो सके।
- को-जनरेशन पावर सिंक्रोनाइजेशन: मिल की बिजली उत्पादन इकाई को राज्य ग्रिड (UPPCL) से जोड़कर ट्रायल रन लिया जाता है।
क्रय केंद्रों पर 100% डिजिटल कांटे और CCTV अनिवार्य
गन्ना आयुक्त कार्यालय ने सभी जिला गन्ना अधिकारियों (DCOs) को आदेश दिया है कि वे 30 सितंबर तक सभी आवंटित बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों (Purchase Centers) का भौतिक सत्यापन पूरा करें।
- प्रत्येक कांटे पर डिजिटल इंडिकेटर, नाइट विजन सीसीटीवी कैमरा और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जांच होगी।
- घटतौली रोकने के लिए बाट-माप विभाग द्वारा ई-सील लगाई जाएगी।
- जो चीनी मिल 30 सितंबर तक ओवरहालिंग प्रमाण पत्र और क्रय केंद्र रिपोर्ट जमा नहीं करेगी, उसका पेराई लाइसेंस रोक दिया जाएगा।
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