होम चीनी मिलों के एस्क्रो खातों का रियल-टाइम …

चीनी मिलों के एस्क्रो खातों का रियल-टाइम ऑटोमेटेड ऑडिट शुरू: 85% बिक्री का पैसा सीधे किसानों को — फंड डायवर्जन पर पूर्ण रोक

Aamir Raza Sep 24, 2026 2 min read
चीनी मिलों के एस्क्रो खातों का रियल-टाइम ऑटोमेटेड ऑडिट शुरू: 85% बिक्री का पैसा सीधे किसानों को — फंड डायवर्जन पर पूर्ण रोक
अंतिम अपडेट: September 24, 2026 5:55 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 24 सितंबर 2026 शाम 5:55 बजे): उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को 14 दिन के भीतर उनकी उपज का पाई-पाई भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए शासन ने देश का पहला ‘रियल-टाइम ऑटोमेटेड एस्क्रो अकाउंट ऑडिट सिस्टम’ (Real-Time Escrow Fintech System) लागू कर दिया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और केन कमिश्नर आईटी सेल ने संयुक्त रूप से इस बैंकिंग एपीआई को राज्य की सभी 120 चीनी मिलों के कोर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ दिया है।

उत्तर प्रदेश गन्ना पूर्ति एवं खरीद विनियमन अधिनियम 1953 के तहत नियम है कि मिलों को अपनी चीनी और उप-उत्पादों की बिक्री से प्राप्त कुल राजस्व का 85% हिस्सा अनिवार्य रूप से गन्ना भुगतान के लिए आरक्षित रखना होता है।


💳 नई एस्क्रो प्रणाली के 4 अभेद्य वित्तीय नियम

  1. ऑटोमेटेड स्प्लिट (Automated Revenue Split): जब भी कोई थोक व्यापारी चीनी या शीरे की खरीद का पैसा चीनी मिल के खाते में ट्रांसफर करेगा, बैंकिंग सॉफ्टवेयर स्वतः 85% राशि को किसान एस्क्रो खाते में और 15% राशि को मिल के ऑपरेशनल खाते में अलग-अलग कर देगा।
  2. नो-डायवर्जन लॉक (No Diversion Lock): मिल प्रबंधन किसान एस्क्रो खाते से किसी अन्य मद (कर्मचारी वेतन, बिजली बिल या निजी लाभ) में एक भी रुपया ट्रांसफर नहीं कर सकेगा।
  3. दैनिक डीबीटी ट्रिगर: जैसे ही एस्क्रो खाते में न्यूनतम ₹50 लाख का बैलेंस होगा, सिस्टम स्वतः उस दिन की सबसे पुरानी लंबित पर्चियों का आरटीजीएस ट्रिगर कर किसानों के खातों में पैसा भेज देगा।
  4. मुख्यालय पर लाइव अलर्ट: यदि कोई मिल चीनी का स्टॉक गोदाम से बाहर निकालती है और उसका इनवॉइस बैंक खाते में 24 घंटे में नहीं दिखता, तो स्वतः जिला गन्ना अधिकारी को रेड-फ्लैग अलर्ट चला जाएगा।

📊 पारदर्शिता का नया स्तर

  • किसानों को एसएमएस अलर्ट: मिल द्वारा एस्क्रो खाते में पैसा डालते ही संबंधित गांव के किसानों को नोटिफिकेशन जाएगा कि “आपकी मिल द्वारा आज ₹X करोड़ का भुगतान जारी किया गया है।”
  • कानूनी सुरक्षा: धारा 17 के तहत बैंक सीधे गन्ना आयुक्त के प्रति जवाबदेह होंगे।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या यह व्यवस्था सहकारी और निजी दोनों मिलों पर लागू होगी?

उत्तर: जी हाँ! प्रदेश में संचालित सभी 93 निजी, 24 सहकारी और 3 निगम चीनी मिलों पर यह नियम समान रूप से लागू किया गया है।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में