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चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) ₹31 से बढ़ाकर ₹40 करने की नीति आयोग की सिफारिश: मिलों की आय बढ़ेगी, 14 दिन में होगा गन्ना भुगतान

Aamir Raza Sep 23, 2026 3 min read
चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) ₹31 से बढ़ाकर ₹40 करने की नीति आयोग की सिफारिश: मिलों की आय बढ़ेगी, 14 दिन में होगा गन्ना भुगतान
अंतिम अपडेट: September 23, 2026 12:45 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

नई दिल्ली / लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026): देश के चीनी उद्योग और 5 करोड़ गन्ना किसानों के आर्थिक भविष्य के लिए नीति आयोग (NITI Aayog) ने केंद्र सरकार को एक ऐतिहासिक नीतिगत सिफारिश भेजी है। आयोग के कृषि कार्यबल ने खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को सौंपी अपनी ताजा रिपोर्ट में चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (Minimum Selling Price - MSP) को वर्तमान के ₹31 प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर तत्काल ₹40 प्रति किलोग्राम करने का प्रस्ताव रखा है।

चीनी मिलों और किसान संगठनों का तर्क है कि जब सरकार ने 2019 के बाद से गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) ₹275 से बढ़ाकर ₹365 प्रति क्विंटल (33% की वृद्धि) कर दिया है, तो चीनी के न्यूनतम मूल्य को 2019 के स्तर यानी ₹31 पर ही क्यों रोका गया है?


📊 चीनी उत्पादन लागत बनाम वर्तमान बिक्री मूल्य

मद (Parameter)2019 की स्थितिवर्तमान स्थिति (2026)नीति आयोग का प्रस्तावित सुधार
गन्ना मूल्य (FRP/SAP)₹275 / क्विंटल₹365 - ₹400 / क्विंटललागत के अनुपात में संतुलन
चीनी उत्पादन लागत (Ex-mill)₹32.50 / किलो₹41.80 / किलो₹40 एमएसपी से नुकसान की भरपाई
चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP)₹31.00 / किलो₹31.00 / किलो₹40.00 / किलो
मिलों की वित्तीय तरलता (Liquidity)घाटे मेंसंकटग्रस्तमजबूत कैशफ्लो, शून्य बकाया

💡 गन्ना किसानों को इससे क्या सीधा लाभ मिलेगा?

  1. 14 दिन में भुगतान की गारंटी: चीनी मिलों को चीनी बेचने पर ₹40 प्रति किलो का सुनिश्चित न्यूनतम भाव मिलने से उनके एस्क्रो खाते में पर्याप्त पैसा रहेगा और वे अधिनियम की धारा 17 के तहत 14 दिन के अंदर भुगतान कर सकेंगी।
  2. बैंकों से कार्यशील पूंजी (Working Capital): चीनी के स्टॉकों का मूल्यांकन ₹40 की दर से होने पर बैंक चीनी मिलों को अधिक क्रेडिट लिमिट देंगे, जिससे पेराई सत्र के पहले दिन से किसानों का भुगतान शुरू हो सकेगा।
  3. घरेलू खुदरा बाजार पर नगण्य असर: वर्तमान में भी खुदरा बाजार में चीनी ₹42 से ₹45 प्रति किलो बिक रही है। एमएसपी ₹40 होने से खुदरा मूल्य पर 50 पैसे से ₹1 का ही अंतर आएगा, जबकि मिलों का घाटा समाप्त हो जाएगा।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: चीनी एमएसपी क्या होता है?

उत्तर: चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) वह दर है जिससे कम कीमत पर कोई भी चीनी मिल खुले बाजार या थोक व्यापारियों को चीनी नहीं बेच सकती।

प्रश्न 2: क्या इससे आम जनता के लिए चीनी बहुत महंगी होगी?

उत्तर: बिल्कुल नहीं। थोक बाजार पहले से ही ₹38-₹39 के आसपास चल रहा है, इसलिए आम उपभोक्ता पर कोई बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा।

प्रश्न 3: कैबिनेट द्वारा इस पर फैसला कब तक संभव है?

उत्तर: खाद्य मंत्रालय ने संबंधित प्रस्ताव का कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है और पेराई सत्र शुरू होने से पूर्व अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में औपचारिक घोषणा की उम्मीद है।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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