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चिंता की बात! गन्ने का रकबा 43,000 हेक्टेयर घटा - खरीफ 2026-27 सीजन में बड़ी गिरावट

Aamir Raza • Aug 26, 2026 • 3 min read
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चिंता की बात! गन्ने का रकबा 43,000 हेक्टेयर घटा - खरीफ 2026-27 सीजन में बड़ी गिरावट
अंतिम अपडेट: August 26, 2026 12:45 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

अरे भाई, किसानों के लिए चिंता की खबर है! इस खरीफ सीजन 2026-27 में गन्ने की बुवाई का रकबा 43,000 हेक्टेयर कम हो गया है। ये कोई छोटी-मोटी कमी नहीं है!

कितनी हुई बुवाई?

देखो भाई, कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक:

  • 21 अगस्त 2026 तक: 58.44 लाख हेक्टेयर
  • पिछले साल: 58.87 लाख हेक्टेयर
  • कमी: 0.43 लाख हेक्टेयर (43,000 हेक्टेयर)

पूरे देश में गन्ने का रकबा घट रहा है। कुछ राज्यों में बढ़ा है तो कुछ में बहुत घटा है।

किन राज्यों में कितना घटा/बढ़ा?

जहां रकबा घटा:

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा कमी:

  • UP देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है
  • यहां काफी कमी देखी गई है
  • पश्चिमी UP में खास तौर पर गिरावट

महाराष्ट्र में भी कमी:

  • सूखे की मार
  • पानी की किल्लत
  • दूसरी फसलों की तरफ रुख

जहां रकबा बढ़ा:

तमिलनाडु और कर्नाटक में थोड़ी बढ़त हुई पर वो UP की कमी को पूरा नहीं कर पाई।

क्यों घट रहा है रकबा?

भाई लोग, किसान गन्ना कम क्यों लगा रहे हैं? कई वजहें हैं:

1. पैसे की समस्या

  • हालांकि UP में भुगतान बेहतर हुआ है
  • पर कई राज्यों में अभी भी बकाया लंबित है
  • किसान डरे हुए हैं पैसे को लेकर

2. कम दाम

  • FRP ₹365 घोषित हुआ
  • किसानों को ये कम लग रहा है
  • लागत बढ़ रही है पर दाम नहीं

3. दूसरी फसलें ज्यादा फायदेमंद

  • धान, गेहूं, सोयाबीन में ज्यादा मुनाफा
  • MSP तुरंत मिल जाती है
  • गन्ने में 10-12 महीने लगते हैं

4. मजदूरी की समस्या

  • गन्ना बहुत मेहनत का काम है
  • मजदूर नहीं मिलते या बहुत महंगे हैं
  • कटाई-पुड़ाई का झंझट

5. पानी की किल्लत

  • गन्ने में बहुत पानी चाहिए
  • कई इलाकों में पानी की कमी
  • बारिश भी कम हुई

क्या असर होगा?

भाई, रकबा कम मतलब उत्पादन भी कम होगा:

  • चीनी की कमी: अगले सीजन में और कम चीनी बनेगी
  • भाव बढ़ेंगे: supply कम तो दाम बढ़ेंगे ही
  • इथेनॉल पर असर: इथेनॉल प्रोग्राम को झटका लग सकता है
  • आयात बढ़ेगा: चीनी का आयात और बढ़ सकता है

सरकार को क्या करना चाहिए?

किसान नेता और एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि:

  1. SAP/FRP बढ़ाओ: ₹600 प्रति क्विंटल दो
  2. समय पर भुगतान: गारंटी दो कि 14 दिन में पैसा मिलेगा
  3. सिंचाई सुविधा: ड्रिप इरिगेशन पर सब्सिडी दो
  4. मशीनीकरण: कटाई मशीनों पर 80% सब्सिडी (जो शुरू है उसे बढ़ाओ)
  5. बोनस स्कीम: ज्यादा उत्पादन पर प्रोत्साहन दो

किसानों के लिए सलाह

भाई लोग, अगर आप गन्ना लगा रहे हो तो:

  • नई किस्में लगाओ जो कम पानी में भी चलें
  • ड्रिप इरिगेशन अपनाओ
  • इंटर-क्रॉपिंग करो (बीच में दूसरी फसल)
  • कटाई मशीन लेने पर सब्सिडी का फायदा उठाओ
  • e-Ganna पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूर कराओ

अगर रकबा यूं ही घटता रहा तो आने वाले सालों में और दिक्कत होगी। सरकार और किसान दोनों को मिलकर सोचना होगा!

कंटेंट को लाइसेंसिंग प्रतिबंधों के अनुपालन के लिए फिर से लिखा गया है।


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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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