गन्ने में ड्रिप सिंचाई लगाने पर 80% सरकारी अनुदान: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में 25,000 हेक्टेयर का लक्ष्य — पानी व खाद की 50% बचत

लखनऊ / मुजफ्फरनगर / शामली (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के भूजल स्तर को गिरने से बचाने और गन्ना किसानों की खेती लागत को आधा करने के उद्देश्य से कृषि विभाग और गन्ना विकास विभाग ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY — Per Drop More Crop) के तहत बड़ा अनुदान कार्यक्रम शुरू किया है। जारी शासनादेश के अनुसार गन्ने की फसल में ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) लगाने पर लघु एवं सीमांत किसानों को 80% तक का भारी सरकारी अनुदान दिया जा रहा है।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के 28 जनपदों में कुल 25,000 हेक्टेयर गन्ने के क्षेत्रफल को सूक्ष्म सिंचाई से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है।
💧 ड्रिप सिंचाई से गन्ना किसानों को मिलने वाले 4 जादुई लाभ
- पैदावार में 25-30% की भारी बढ़ोतरी: गन्ने की जड़ों को हर समय अनुकूल नमी और हवा मिलती रहती है, जिससे गन्ने की लंबाई 14-16 फीट और मोटाई डेढ़ गुनी हो जाती है। औसत पैदावार 500 से 650 कुंतल प्रति एकड़ तक पहुंचती है।
- पानी और बिजली की 50-60% बचत: पारंपरिक नाली सिंचाई में जहां 1 एकड़ गन्ने की सिंचाई में 6 से 8 घंटे ट्यूबवेल चलाना पड़ता है, वहीं ड्रिप से केवल 2 घंटे में सटीक सिंचाई हो जाती है।
- फर्टिगेशन (Fertigation) से खाद की 40% बचत: पानी में घुलनशील खाद (19:19:19, यूरिया, पोटाश) को वेंचुरी के माध्यम से सीधे जड़ों में दिया जाता है, जिससे जमीन में खाद व्यर्थ नहीं बहती।
- खरपतवार और कीटों का 70% नियंत्रण: केवल गन्ने की लाइन में पानी गिरने से लाइनों के बीच की जमीन सूखी रहती है, जिससे खरपतवार नहीं उगते और जड़ सड़न की बीमारी नहीं लगती।
💰 लागत और अनुदान का गणित (प्रति हेक्टेयर)
| श्रेणी (Farmer Category) | कुल अनुमानित लागत | सरकारी अनुदान (Subsidy) | किसान का अंशदान |
|---|---|---|---|
| लघु एवं सीमांत किसान (Small/Marginal) | ₹1,20,000 | 80% (₹96,000) | केवल ₹24,000 |
| अन्य सामान्य किसान (General Farmers) | ₹1,20,000 | 70% (₹84,000) | केवल ₹36,000 |
🖥️ सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के पोर्टल upagriculture.com पर जाएं।
- ‘पारदर्शी किसान सेवा योजना’ के अंतर्गत ‘सूक्ष्म सिंचाई योजना (Micro Irrigation)’ पर क्लिक करें।
- अपना 9-अंकीय किसान पंजीकरण नंबर दर्ज करें।
- गन्ने का रकबा और अधिकृत ड्रिप कंपनी (जैसे जैन इरिगेशन, नेटाफिम, कैप्टन) का चयन करें।
- टोकन जनरेट कर अपनी रसीद अपलोड करें। विभागीय सत्यापन के बाद सीधे खेत पर ड्रिप लाइन बिछा दी जाएगी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या ड्रिप लगाने के लिए ट्रेंच विधि से बुवाई जरूरी है?
उत्तर: जी हाँ! ट्रेंच विधि (4 से 5 फीट की दूरी) में ड्रिप पाइप बिछाना और गन्ने की कटाई करना बेहद आसान होता है।
प्रश्न 2: ड्रिप पाइप की गारंटी कितने साल की होती है?
उत्तर: अधिकृत कंपनियों द्वारा ड्रिप लेटरल पाइप और फिल्टर सिस्टम पर कम से कम 5 वर्ष की ऑन-साइट वारंटी दी जाती है।
प्रश्न 3: क्या नलकूप कनेक्शन के बिना ड्रिप चल सकती है?
उत्तर: इसके लिए न्यूनतम 1 से 2 हॉर्सपावर के सोलर पंप या ट्यूबवेल पंप की आवश्यकता होती है जिससे ड्रिप लाइनों में पर्याप्त दबाव बन सके।
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