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ट्रेंच विधि और ड्रिप सिंचाई से गन्ने की पैदावार होगी दोगुनी: 45 जिलों में वैज्ञानिक प्रदर्शन — रिजर व ड्रिप पर 80% तक सरकारी छूट

Aamir Raza Sep 24, 2026 3 min read
ट्रेंच विधि और ड्रिप सिंचाई से गन्ने की पैदावार होगी दोगुनी: 45 जिलों में वैज्ञानिक प्रदर्शन — रिजर व ड्रिप पर 80% तक सरकारी छूट
अंतिम अपडेट: September 24, 2026 8:20 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ / बुलंदशहर / मुजफ्फरनगर (CaneUp विशेष ब्यूरो — 24 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश में गन्ने की खेती को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और किसानों की प्रति एकड़ शुद्ध आय को दोगुना करने के उद्देश्य से कृषि एवं गन्ना विभाग ने राज्य के 45 जनपदों में ट्रेंच विधि व ड्रिप सिंचाई के वृहद प्रदर्शन कार्यक्रम (Field Demonstrations) का शुभारंभ किया है।

पारंपरिक विधि में किसान 2 से 2.5 फीट की संकरी दूरी पर गन्ने की बुवाई करते हैं, जिससे हवा और सूर्य का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता और गन्ने की मोटाई व वजन कम रह जाता है। इसके विपरीत, 4 से 5 फीट की दूरी पर गहरी ट्रेंच (खाई) बनाकर बुवाई करने से गन्ने के प्रत्येक कल्ले को भरपूर पोषक तत्व मिलते हैं और गन्ना 14-16 फीट ऊंचा होकर भी तेज हवाओं में नहीं गिरता।


🌿 ट्रेंच विधि और ड्रिप सिंचाई के 5 अचूक फायदे

  1. बीज की 40% तक बचत: पारंपरिक बुवाई में प्रति एकड़ 30 से 35 क्विंटल बीज लगता है, जबकि ट्रेंच विधि में दो आंख के टुकड़ों से मात्र 18 से 20 क्विंटल बीज में ही बुवाई संपन्न हो जाती है।
  2. पानी और बिजली की 50% बचत: ड्रिप सिंचाई (टपक सिंचाई) सीधे गन्ने की जड़ों तक बूंद-बूंद पानी पहुंचाती है, जिससे पानी की बर्बादी और खरपतवारों का उगना पूरी तरह रुक जाता है।
  3. फर्टिगेशन (Fertigation) से खाद की 30% बचत: यूरिया, पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्वों को ड्रिप के पानी के साथ सीधे जड़ों में घोलकर दिया जाता है, जिससे खाद मिट्टी में व्यर्थ नहीं बहती।
  4. सहफसली खेती के लिए आदर्श जगह: 5 फीट की खाली दूरी में ट्रैक्टर आसानी से चलता है और सरसों, चना, आलू अथवा प्याज की दो कतारें आसानी से ली जा सकती हैं।
  5. रिकॉर्ड उत्पादन: प्रदर्शन फार्मों पर ट्रेंच विधि से गन्ने का औसत उत्पादन 650 से 850 क्विंटल प्रति एकड़ दर्ज किया गया है।

💰 सरकारी अनुदान व आवेदन की सरल प्रक्रिया

उपकरण / तकनीकसामान्य लागतसरकारी सब्सिडी (%)किसान का अंशदान
ड्रिप इरिगेशन सिस्टम (लघु/सीमांत किसान)₹65,000 / एकड़80% (₹52,000)₹13,000
ड्रिप इरिगेशन सिस्टम (अन्य बड़े किसान)₹65,000 / एकड़70% (₹45,500)₹19,500
ट्रैक्टर माउंटेड ट्रेंच रिजर (Trench Ridger)₹40,000₹25,000 एकमुश्त₹15,000

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: ड्रिप सिंचाई अनुदान के लिए किसान कहां पंजीकरण कराएं?

उत्तर: किसान भाई उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के पोर्टल upagriculture.com पर ‘पारदर्शी किसान सेवा योजना’ के तहत अपने आधार और खतौनी के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

प्रश्न 2: क्या ट्रेंच विधि में बुवाई के बाद मिट्टी चढ़ाना जरूरी है?

उत्तर: जी हाँ! जब गन्ना 3 से 4 महीने का हो जाए, तो मई-जून के महीने में ट्रेंच की मिट्टी गन्ने की जड़ों पर चढ़ा दी जाती है, जिससे खाई मेड़ बन जाती है और बारिश में गन्ना नहीं गिरता।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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