कल 5 सितंबर को 56 तहसीलों पर शुरू होगा 24 घंटे का उपवास — 8 सितंबर महापंचायत से पहले आर-पार का पूर्वाभ्यास

मुजफ्फरनगर / मेरठ: आगामी 8 सितंबर को मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक जीआईसी मैदान में प्रस्तावित विशाल किसान महापंचायत की पूर्व संध्या पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंदोलन का बिगुल बजने जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के संयुक्त तत्वावधान में कल 5 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को पश्चिमी यूपी के 14 जिलों की सभी 56 तहसीलों पर 24 घंटे का ऐतिहासिक क्रमिक सांकेतिक उपवास (Token Fast) आयोजित किया जा रहा है।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आज सिसौली में आयोजित किसान पंचायत में बताया कि कल सुबह 10:00 बजे सभी 56 तहसीलों के प्रांगण में किसान अपने हुक्का और तिरंगे के साथ उपवास पर बैठेंगे, जो 6 सितंबर को सुबह 10:00 बजे तक अनवरत चलेगा।
कल के 24 घंटे उपवास के 5 प्रमुख रणनीतिक लक्ष्य
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि कल का तहसील स्तरीय उपवास 8 सितंबर की महापंचायत का सीधा ‘ड्रेस रिहर्सल’ होगा:
- कृषि नलकूपों पर 4G स्मार्ट मीटर लगाने का पूर्ण बहिष्कार: किसान किसी भी सूरत में निजी नलकूपों पर बिजली मीटर नहीं लगने देंगे। यदि बिजली निगम जबरन मीटर लगाता है, तो किसान उसे उतारकर तहसील परिसर में जमा करेंगे।
- पेराई सत्र 2026-27 के लिए ₹450 प्रति क्विंटल गन्ना भाव: पड़ोसी राज्य हरियाणा के ₹405 और पंजाब के ₹410 के प्रस्ताव के बाद उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल ₹450 की घोषणा करनी होगी।
- लंबित गन्ना बकाए पर 15% ब्याज की कानूनी वसूली: इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप मिलों से पाई-पाई की वसूली हो।
- बाढ़ व जलभराव से बर्बाद फसलों का तत्काल मुआवजा: खादर क्षेत्र के किसानों को प्रति एकड़ कम से कम ₹25,000 की आर्थिक राहत दी जाए।
- सट्टा घोषणा पत्र की तारीख 31 अक्टूबर तक बढ़ाना: सर्वर डाउन और बाढ़ के चलते घोषणा पत्र भरने की मियाद एक माह बढ़ाई जाए।
7 सितंबर की ट्रैक्टर यात्रा और 8 सितंबर महापंचायत की रूपरेखा
राकेश टिकैत ने बताया कि कल 5 सितंबर को उपवास की समाप्ति के बाद 7 सितंबर को मुजफ्फरनगर जनपद के सभी ब्लॉकों में ट्रैक्टरों के साथ ‘किसान संदेश यात्रा’ निकाली जाएगी। इसके बाद 8 सितंबर को पश्चिमी यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा के 1 लाख से अधिक किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से जीआईसी मैदान मुजफ्फरनगर में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ निर्णायक आर-पार की रणनीति का ऐलान करेंगे।
इधर पश्चिमी यूपी के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। तहसील परिसरों में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है ताकि धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
खाप चौधरियों का पूर्ण समर्थन
बालियान, देशखाप, गठवाला और पंवार खाप के चौधरियों ने भी कल के तहसील उपवास को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। चौधरियों ने गाँवों में संदेश भिजवाया है कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक ट्रैक्टर और दो किसान तहसील मुख्यालय अवश्य पहुंचें।
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