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टॉप बोरर से गन्ना बचाने को टिकैत का CM योगी को खुला पत्र: शाम 6 से रात 12 बजे तक सिंगल फेज बिजली की मांग

Aamir Raza Aamir Raza • Sep 27, 2026 • 6 min read
टॉप बोरर से गन्ना बचाने को टिकैत का CM योगी को खुला पत्र: शाम 6 से रात 12 बजे तक सिंगल फेज बिजली की मांग
अंतिम अपडेट: September 27, 2026 7:30 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

🚨 BREAKING: किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुला पत्र लिखकर गन्ने की फसल में टॉप बोरर कीट के बढ़ते प्रकोप पर चिंता जताई है। टिकैत ने मांग की है कि खेतों में लाइट ट्रैप और सोलर लाइट ट्रैप चलाने के लिए शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक सिंगल फेज बिजली आपूर्ति दी जाए, ताकि इस रात्रिचर कीट पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय पर बिजली मिले तो किसान खुद लाइट ट्रैप लगाकर कीट प्रकोप को काबू करने के उपाय कर सकेंगे।

टिकैत का खुला पत्र: क्या है मांग

राकेश टिकैत ने 25 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री के नाम खुला पत्र साझा किया। पत्र में कहा गया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित अन्य गन्ना क्षेत्रों में टॉप बोरर कीट गंभीर चिंता का विषय है, जिससे फसल की वृद्धि और उपज प्रभावित हो रही है।

पत्र की मुख्य मांग है कि संबंधित विभागों को निर्देश देकर खेतों में शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक सिंगल फेज विद्युत आपूर्ति दी जाए। टिकैत का तर्क है कि रात में बिजली मिलने से किसान खेतों में लाइट ट्रैप और सोलर लाइट ट्रैप चला सकेंगे, जिससे टॉप बोरर के नियंत्रण में मदद मिलेगी।

चिट्ठी के मुख्य बिंदु: मेरठ DM का पत्र और कृषि रक्षा अधिकारी की आख्या

टिकैत के पत्र में एक महत्वपूर्ण आधिकारिक कड़ी का भी जिक्र है। पत्र के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को मेरठ के जिलाधिकारी ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है, जिसमें जिला कृषि रक्षा अधिकारी, मेरठ की तकनीकी आख्या का हवाला दिया गया है।

आख्या के अनुसार टॉप बोरर एक रात्रिचर कीट है — यह रात में सक्रिय रहता है और प्रकाश की ओर आकर्षित होता है। ऐसे में खेतों में लाइट ट्रैप या सोलर लाइट ट्रैप लगाकर कीटों को आकर्षित कर उनके नियंत्रण में मदद ली जा सकती है, लेकिन इसके लिए रात में बिजली की उपलब्धता जरूरी है।

1 सितंबर की बैठक में भी उठी थी यही मांग

टिकैत ने पत्र में याद दिलाया कि यह मांग नई नहीं है। 1 सितंबर 2026 को मेरठ मंडल में हुई बैठक में भी टॉप बोरर से बचाव के लिए रात में बिजली आपूर्ति का मुद्दा उठा था, जहां किसानों ने शाम 6 से रात 12 बजे तक सिंगल फेज बिजली का अनुरोध किया था। यानी किसान संगठन और जिला प्रशासन, दोनों स्तरों पर यह मांग पहले से दर्ज है — अब इसे सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखा गया है।

टॉप बोरर: गन्ने का कितना बड़ा दुश्मन

टॉप बोरर गन्ने के सबसे खतरनाक कीटों में गिना जाता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस कीट की इल्ली गन्ने के पौधे की केंद्रीय कोपल में छेद करके अंदर घुस जाती है, जिससे कोपल सूख जाती है — इसे “डेड हार्ट” कहते हैं। प्रभावित कोपल हाथ से आसानी से खींची जा सकती है। गंभीर प्रकोप में पौधे में गुच्छेदार वृद्धि (बंची टॉप) दिखती है।

चिंता यह है कि टॉप बोरर फसल की वृद्धि और उपज दोनों को नुकसान पहुंचाता है। उत्तर प्रदेश के गन्ना उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने भी इस वर्ष किसानों को अर्ली शूट बोरर और टॉप बोरर के खतरे को लेकर परामर्श जारी किया था।

लाइट ट्रैप कैसे काम करता है: किसानों के लिए समझें

लाइट ट्रैप कीट नियंत्रण का एक भौतिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीका है। सिद्धांत सरल है — रात में सक्रिय कीट प्रकाश की ओर आकर्षित होते हैं। खेत में निश्चित ऊंचाई पर बल्ब या सोलर लाइट लगाकर उसके नीचे बर्तन रखा जाता है; प्रकाश की ओर खिंचे कीट ट्रैप में फंसकर नष्ट हो जाते हैं।

कृषि विभागीय परामर्शों के अनुसार, वयस्क कीटों की निगरानी और उन्हें पकड़ने के लिए खेत में 25 से 30 मीटर के अंतराल पर फेरोमोन ट्रैप या लाइट ट्रैप लगाने की सलाह दी जाती है। सोलर लाइट ट्रैप का फायदा यह है कि इसमें अलग बिजली कनेक्शन नहीं चाहिए — दिन में सोलर पैनल चार्ज होता है, रात में लाइट जलती है। पारंपरिक लाइट ट्रैप के लिए रात में बिजली जरूरी है, यही वजह है कि टिकैत शाम 6 से रात 12 बजे तक बिजली मांग रहे हैं। जैविक नियंत्रण के तहत ट्राइको कार्ड का 15 दिन के अंतराल पर प्रयोग भी परामर्श में सुझाया गया है।

रासायनिक नियंत्रण: विभाग की सलाह और जरूरी सावधानी

विभागीय परामर्शों में टॉप बोरर और अर्ली शूट बोरर के रासायनिक नियंत्रण के उपाय भी बताए गए हैं, जिनमें पत्तियों पर अंडों-इल्लियों के लिए उपयुक्त कीटनाशक और पौधे के अंदर की इल्लियों के लिए जड़ क्षेत्र में ड्रेंचिंग शामिल है। लेकिन मात्रा और विधि के लिए कृषि विशेषज्ञ या कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह जरूर लें — बिना सलाह के कीटनाशक प्रयोग फसल और मिट्टी दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।

प्रभावित पौधों को इल्ली और प्यूपा सहित जमीन के स्तर से काटकर नष्ट कर दें, ताकि प्रकोप का प्रसार रुक सके। पत्तियों पर दिखने वाले अंडों के समूहों को भी हटाकर नष्ट करना चाहिए।

किसानों के लिए आगे क्या: मांग पर नजर

टिकैत का खुला पत्र ऐसे समय में आया है जब पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियां चल रही हैं और गन्ने की फसल अंतिम वृद्धि चरण में है। यदि सरकार शाम 6 से रात 12 बजे तक सिंगल फेज बिजली का निर्देश देती है, तो किसानों को लाइट ट्रैप आधारित कीट नियंत्रण का सस्ता और असरदार विकल्प मिल सकता है।

फिलहाल गेंद सरकार के पाले में है — मेरठ DM पहले ही बिजली निगम को पत्र लिख चुके हैं, किसान बैठक में मांग दर्ज हो चुकी है, और अब राज्य के सबसे बड़े किसान नेता ने सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप मांगा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: राकेश टिकैत ने CM योगी से क्या मांग की है? उत्तर: टिकैत ने खुला पत्र लिखकर मांग की है कि गन्ने के टॉप बोरर कीट पर नियंत्रण के लिए खेतों में शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक सिंगल फेज बिजली आपूर्ति दी जाए, ताकि किसान लाइट ट्रैप और सोलर लाइट ट्रैप चला सकें।

प्रश्न 2: टॉप बोरर कीट गन्ने को कैसे नुकसान पहुंचाता है? उत्तर: टॉप बोरर की इल्ली गन्ने की केंद्रीय कोपल में छेद करके अंदर घुस जाती है, जिससे कोपल सूख जाती है (डेड हार्ट)। इससे पौधे की वृद्धि रुकती है और उपज प्रभावित होती है। गंभीर प्रकोप में बंची टॉप का लक्षण दिखता है।

प्रश्न 3: लाइट ट्रैप क्या है और यह कैसे काम करता है? उत्तर: लाइट ट्रैप में रात को प्रकाश जलाकर रात्रिचर कीटों को आकर्षित किया जाता है और उन्हें फंसाकर नष्ट किया जाता है। सोलर लाइट ट्रैप में सोलर पैनल से बिजली मिलती है, जबकि सामान्य लाइट ट्रैप के लिए रात में बिजली आपूर्ति जरूरी है।

प्रश्न 4: पत्र में मेरठ DM के किस पत्र का जिक्र है? उत्तर: पत्र के अनुसार 16 सितंबर 2026 को मेरठ के जिलाधिकारी ने पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर जिला कृषि रक्षा अधिकारी की तकनीकी आख्या के हवाले से रात में बिजली उपलब्ध कराने की जरूरत बताई थी।

प्रश्न 5: क्या पहले भी यह मांग उठी थी? उत्तर: हां, 1 सितंबर 2026 को मेरठ मंडल की बैठक में किसानों ने शाम 6 से रात 12 बजे तक सिंगल फेज बिजली की मांग रखी थी। टिकैत ने अब इसे मुख्यमंत्री स्तर पर उठाया है।

स्रोत: राकेश टिकैत का X पर खुला पत्र (25 सितंबर 2026); गांव जंक्शन (26 सितंबर 2026); उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग का कीट परामर्श; चिनीमंडी/अमर उजाला की कीट प्रकोप संबंधी रिपोर्टें।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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