आज पश्चिमी UP की 56 तहसीलों पर 24 घंटे का किसान उपवास — नलकूपों पर मीटर और ₹450 भाव को लेकर आर-पार!

मुख्य बिंदु (Quick Summary): आज 5 सितंबर सुबह 10:00 बजे से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 14 जिलों की सभी 56 तहसीलों पर संयुक्त किसान मोर्चा और भाकियू का 24 घंटे का क्रमिक उपवास शुरू हो गया है। किसान नलकूपों पर 4G स्मार्ट मीटर लगाने का पूर्ण बहिष्कार और आगामी पेराई सत्र के लिए ₹450 प्रति क्विंटल गन्ना भाव की मांग कर रहे हैं।
मुजफ्फरनगर / मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 14 गन्ना बाहुल्य जनपदों (मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर, बरेली और पीलीभीत) की सभी 56 तहसीलों के प्रांगण में आज 5 सितंबर 2026 (शुक्रवार) सुबह 10:00 बजे से ऐतिहासिक 24 घंटे का क्रमिक सांकेतिक किसान उपवास (24-Hour Token Fast) शुरू हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के संयुक्त आह्वान पर हजारों किसान अपने पारंपरिक हुक्के और तिरंगे झंडे के साथ तहसील परिसरों में डट गए हैं, जो कल 6 सितंबर सुबह 10:00 बजे तक अनवरत चलेगा।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सिसौली मुख्यालय से जारी कड़े संदेश में कहा कि यह उपवास आगामी 8 सितंबर को मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में होने जा रही विशाल किसान महापंचायत से पहले सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ सीधा और निर्णायक चेतावनी शंखनाद है।
56 तहसीलों पर आज उठाए गए 4 प्रमुख मुख्य मुद्दे
- कृषि नलकूपों पर 4G स्मार्ट मीटर का पूर्ण बहिष्कार: किसान किसी भी कीमत पर अपने निजी नलकूपों पर बिजली मीटर नहीं लगने देंगे। यदि बिजली विभाग के कर्मचारी पुलिस बल के साथ जबरन मीटर लगाने की कोशिश करते हैं, तो किसान उसे सम्मानपूर्वक उतारकर तहसील परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपेंगे।
- पेराई सत्र 2026-27 के लिए ₹450 प्रति क्विंटल SAP घोषित हो: पड़ोसी राज्य हरियाणा द्वारा ₹405 और पंजाब द्वारा ₹410 के प्रस्ताव के बाद उत्तर प्रदेश सरकार तुरंत ₹450 प्रति क्विंटल का राज्य परामर्शित मूल्य घोषित करे।
- हाईकोर्ट के आदेश पर ₹1,936 करोड़ बकाए का तुरंत भुगतान: शामली, हापुड़, बिजनौर और लखीमपुर की डिफाल्टर मिलों से 15 अक्टूबर से पहले 15% ब्याज सहित पाई-पाई की वसूली की जाए।
- घोषणा पत्र भरने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर हो: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सर्वर और इंटरनेट बाधाओं के चलते ऑनलाइन घोषणा पत्र की तारीख एक माह बढ़ाई जाए।
तहसील-वार प्रमुख धरना स्थल और किसान नेतृत्व
| जनपद | प्रमुख तहसीलें जहां उपवास जारी है | प्रमुख किसान नेतृत्व |
|---|---|---|
| मुजफ्फरनगर | सदर, खतौली, बुढ़ाना, जानसठ | राकेश टिकैत, गौरव टिकैत |
| शामली | शामली सदर, कैराना, ऊन | बाबा हरकिशन, कुलदीप पंवार |
| मेरठ | सदर, मवाना, सरधना | चरण सिंह, विजयपाल |
| सहारनपुर | सदर, देवबंद, नकुड़, रामपुर मनिहारान, बेहट | चौधरी जगपाल, सुखविंदर |
| बिजनौर | बिजनौर सदर, नजीबाबाद, चांदपुर, नगीना, धामपुर | दिगंबर सिंह, बलराम |
| बागपत | बागपत सदर, बड़ौत, खेकड़ा | विक्रम आर्य, राजेंद्र |
सुरक्षा के कड़े प्रशासनिक इंतजाम और धारा 144
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने तहसील परिसरों में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात की है। उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए गए हैं कि वे दिन भर तहसील में उपस्थित रहकर किसानों के साथ शांतिपूर्ण संवाद बनाए रखें और शाम तक विस्तृत रिपोर्ट शासन को प्रेषित करें।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि उपवास पूरी तरह अनुशासित और अहिंसक रहेगा, लेकिन यदि प्रशासन ने जबरदस्ती की तो किसान तहसील के मुख्य द्वार पर पक्का मोर्चा लगा देंगे।
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