ट्रेंच रिजर व कृषि यंत्रों पर 50% छूट: ई-लॉटरी आवेदन शुरू — गन्ना किसानों को ₹25,000 तक की सीधी बचत, पोर्टल पर पंजीकरण

लखनऊ / मेरठ / मुरादाबाद (CaneUp विशेष ब्यूरो — 25 सितंबर 2026 सुबह 7:30 बजे): उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को पारंपरिक खेती की भारी लागत और मजदूरी के संकट से उबारने के लिए कृषि विभाग एवं गन्ना विकास विभाग ने आज सुबह एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया है। केंद्र प्रायोजित ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन’ (SMAM) और राज्य कृषि यंत्रीकरण प्रोत्साहन नीति के तहत ट्रैक्टर चालित ट्रेंच रिजर (Trench Ridger), लेजर लैंड लेवलर, स्ट्रॉ मल्चर, रोटावेटर और पावर टिलर पर 40% से 50% तक की भारी सरकारी सब्सिडी के लिए ऑनलाइन टोकन बुकिंग एवं ई-लॉटरी आवेदन पोर्टल खोल दिया गया है।
गन्ने की शरदकालीन बुवाई के मौसम में वैज्ञानिक ट्रेंच विधि (गहरी खाई विधि) को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से ‘ट्रेंच रिजर’ यंत्र पर किसानों को अधिकतम ₹25,000 की सीधी डीबीटी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
🚜 ट्रेंच रिजर यंत्र क्या है और यह गन्ने की खेती में क्यों क्रांतिकारी है?
पारंपरिक विधि में किसान साधारण देसी हल या कल्टीवेटर से 2 से 2.5 फीट की संकरी दूरी पर गन्ने की बुवाई करते हैं। इस संकरी विधि में ट्रैक्टर या निराई-गुड़ाई के आधुनिक यंत्र नहीं चल पाते और गन्ने की बढ़वार सीमित रह जाती है।
इसके विपरीत, ट्रैक्टर माउंटेड ट्रेंच रिजर (Trench Ridger) एक ऐसा विशेष कृषि यंत्र है जो खेत में एक साथ 4 से 5 फीट (120 से 150 सेमी) की चौड़ी दूरी पर 30 से 35 सेमी गहरी समतल खाई (Trench) तैयार करता है:
- खाद व पलेवा का सीधा संयोजन: कई आधुनिक ट्रेंच रिजर में फर्टिलाइजर बॉक्स लगा होता है, जो नाली बनाते समय ही डीएपी और पोटाश को ठीक गन्ने की आंख के नीचे निर्धारित गहराई पर गिराता है।
- हवा और सूर्य का निर्बाध प्रकाश: 5 फीट की दूरी होने से गन्ने के प्रत्येक पौधे को भरपूर धूप और हवा मिलती है, जिससे गन्ने की मोटाई 40% बढ़ जाती है और तना ठोस रहता है।
- सहफसली खेती के लिए आदर्श: दो ट्रेंचों के बीच बची चौड़ी समतल जमीन पर किसान आलू, लाही/सरसों, मटर या लहसुन की दो कतारें आसानी से बो सकते हैं, जिससे एक ही खेत से दोहरी आय होती है।
📊 प्रमुख कृषि यंत्रों पर सरकारी अनुदान की विस्तृत दरें (2026-27)
कृषि विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा अनुमोदित अनुदान तालिका के अनुसार:
| कृषि यंत्र का नाम (Agricultural Implement) | औसत बाजार मूल्य | लघु व सीमांत किसान अनुदान (%) | सामान्य किसान अनुदान (%) | अधिकतम सरकारी सब्सिडी |
|---|---|---|---|---|
| ट्रैक्टर चालित ट्रेंच रिजर (2-Row Trench Ridger) | ₹48,000 - ₹52,000 | 50% | 40% | ₹25,000 |
| लेजर लैंड लेवलर (Laser Land Leveler) | ₹3,20,000 - ₹3,50,000 | 50% | 40% | ₹1,00,000 |
| गन्ना पत्ती मल्चर / श्रेडर (Trash Mulcher) | ₹1,65,000 - ₹1,85,000 | 50% | 40% | ₹75,000 |
| रोटावेटर (7 फीट - हैवी ड्यूटी) | ₹1,15,000 - ₹1,30,000 | 50% | 40% | ₹45,000 |
| स्वचालित पावर वीडर (गुड़ाई मशीन - 5HP+) | ₹75,000 - ₹90,000 | 50% | 40% | ₹35,000 |
| ट्रैक्टर माउंटेड बूम स्प्रेयर (कीटनाशक छिड़काव) | ₹60,000 - ₹75,000 | 50% | 40% | ₹30,000 |
📱 कृषि दर्शन पोर्टल पर आवेदन की 5-चरणीय पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया
- पोर्टल पर विजिट करें: उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
upagriculture.comपर जाएं और ‘यंत्र पर अनुदान हेतु टोकन निकालें’ विकल्प पर क्लिक करें। - किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें: अपना पंजीकृत किसान आईडी (Farmer Registration ID) दर्ज करें। यदि पंजीकरण नहीं है, तो आधार और खतौनी के माध्यम से 2 मिनट में नया पंजीकरण कर लें।
- यंत्र का चयन व धरोहर राशि (Security Deposit): अपनी आवश्यकता के अनुसार ‘ट्रेंच रिजर’ का चयन करें। ₹10,000 तक के अनुदान वाले यंत्रों के लिए ₹2,500 तथा उससे अधिक अनुदान वाले यंत्रों के लिए ₹5,000 की जमानत धनराशि ऑनलाइन नेट बैंकिंग/यूपीआई अथवा बैंक चालान द्वारा जमा करें।
- एनआईसी द्वारा कंप्यूटराइज्ड ई-लॉटरी: निर्धारित अंतिम तिथि के पश्चात जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जनपदीय समिति की उपस्थिति में एनआईसी सॉफ्टवेयर द्वारा पारदर्शी रैंडम ई-लॉटरी निकाली जाती है।
- अधिकृत डीलर से खरीद व डीबीटी भुगतान: चयनित किसान कृषि विभाग द्वारा सूचीबद्ध (Empanelled) किसी भी अधिकृत विक्रेता से यंत्र खरीदकर जीएसटी बिल और मशीन का सीरियल नंबर पोर्टल पर अपलोड करेंगे। भौतिक सत्यापन के 15 दिनों में सब्सिडी सीधे बैंक खाते में जमा हो जाएगी।
💡 ट्रेंच विधि अपनाने पर किसान को होने वाले 3 बड़े आर्थिक लाभ
- बीज की 40% शुद्ध बचत: सामान्य बुवाई में प्रति एकड़ 32 से 35 क्विंटल गन्ना बीज लगता है, जिसकी कीमत लगभग ₹13,000 होती है। ट्रेंच विधि में दो आंख के टुकड़ों से मात्र 18 से 20 क्विंटल बीज में ही बुवाई पूरी हो जाती है, जिससे ₹5,500 की सीधी बचत होती है।
- सिंचाई के पानी और बिजली की 50% बचत: चूंकि पानी केवल नालियों में दिया जाता है, पूरे खेत को भरने की आवश्यकता नहीं होती। इससे पानी, डीजल और बिजली की आधी बचत होती है।
- प्रति एकड़ 150 क्विंटल अधिक उत्पादन: यूपी गन्ना शोध परिषद (UPCSR) के परीक्षणों के अनुसार, ट्रेंच विधि से बोए गए गन्ने की औसत पैदावार 550 से 750 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंचती है, जबकि पारंपरिक विधि में यह 400 से 450 क्विंटल पर सिमट जाती है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: यदि ई-लॉटरी में किसान का नाम नहीं आता तो क्या जमानत राशि वापस मिलेगी?
उत्तर: जी हाँ! ई-लॉटरी में नाम न आने की स्थिति में किसान द्वारा जमा की गई पूरी धरोहर राशि (Security Deposit) बिना किसी कटौती के स्वतः 30 दिनों के भीतर उसी बैंक खाते में रिफंड कर दी जाती है।
प्रश्न 2: क्या किराए पर खेती करने वाले किसान भी इस योजना के पात्र हैं?
उत्तर: योजना का लाभ लेने के लिए उत्तर प्रदेश में कृषि भूमि की वैध खतौनी और आधार कार्ड होना आवश्यक है। भूमि स्वामी किसान के नाम से ही टोकन बुक किया जा सकता है।
प्रश्न 3: किसी भी समस्या या तकनीकी सहायता के लिए किससे संपर्क करें?
उत्तर: किसान भाई अपने जिले के उप-कृषि निदेशक (DDA) कार्यालय, स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) अथवा कृषि विभाग के टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर नंबर 1800-180-1551 पर संपर्क कर सकते हैं।
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