यूपी की 120 चीनी मिलों का पेराई सत्र 2026-27 शेड्यूल घोषित — 20 अक्टूबर से पश्चिमी और 28 अक्टूबर से मध्य यूपी में चलेगा पेराई का पहिया, इंडेंट के कड़े नियम लागू

लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 12 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के 50 लाख से अधिक गन्ना किसानों के लिए नए पेराई सत्र 2026-27 का बहुप्रतीक्षित रोडमैप आधिकारिक रूप से साफ हो गया है। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने प्रदेश भर की 120 चीनी मिलों (93 निजी, 24 सहकारी व 3 राज्य निगम मिलें) के चरणबद्ध संचालन और पेराई शुरू करने की आधिकारिक समय-सारणी घोषित कर दी है।
गन्ना आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना बहुल जिलों में पेराई का शुभारंभ 20 से 25 अक्टूबर 2026 के बीच होगा, जबकि मध्य उत्तर प्रदेश में 28 अक्टूबर से 5 नवंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश की मिलों में 10 से 15 नवंबर 2026 तक पेराई का पहिया पूरी गति से घूमेगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि चीनी मिलों के संचालन से पहले किसानों को पर्ची वितरण और इंडेंट निर्गमन में पूरी पारदर्शिता बरतनी होगी, ताकि तौल केंद्रों पर किसानों को गन्ने से लदी ट्रॉलियों के साथ 24 घंटे से अधिक इंतजार न करना पड़े।
📅 तीन चरणों में चालू होंगी प्रदेश की 120 चीनी मिलें (मंडलवार कैलेंडर)
गन्ना विभाग ने फसल की परिपक्वता (Maturity), शरदकालीन बुवाई के लिए खेत खाली करने की आवश्यकता और चीनी परता (Recovery) के वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर तीन चरणों का संचालन तय किया है:
| चरण (Phase) | क्षेत्र एवं प्रमुख जिले | मिलों की संख्या | संचालन तिथि (Target Date) | मुख्य फोकस |
|---|---|---|---|---|
| प्रथम चरण | पश्चिमी उत्तर प्रदेश: सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, हापुड़ | 42 मिलें | 20 से 25 अक्टूबर 2026 | अगेती प्रजातियों (Co-0238, CoS-13235) की पेराई व गेहूं बुवाई हेतु खेत खाली कराना |
| द्वितीय चरण | मध्य उत्तर प्रदेश: बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा, हरदोई | 45 मिलें | 28 अक्टूबर से 05 नवंबर 2026 | उच्च रिकवरी और 100% बायो-मास व एथेनॉल डिस्टिलरी सिंक्रोनाइजेशन |
| तृतीय चरण | पूर्वी उत्तर प्रदेश: अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर | 33 मिलें | 10 से 15 नवंबर 2026 | बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जल निकासी के बाद गन्ने की तौल व इंडेंट निर्गमन |
🏭 पश्चिमी व मध्य यूपी की प्रमुख 12 चीनी मिलों की संचालन तिथियां
| चीनी मिल का नाम | जिला | स्वामित्व | संभावित पेराई तिथि | दैनिक पेराई क्षमता (TCD) |
|---|---|---|---|---|
| मवाना शुगर वर्क्स | मेरठ | निजी (मवाना ग्रुप) | 21 अक्टूबर 2026 | 13,000 |
| त्रिवेणी शुगर मिल, खतौली | मुजफ्फरनगर | निजी (त्रिवेणी ग्रुप) | 22 अक्टूबर 2026 | 16,000 (एशिया की सबसे बड़ी) |
| दौराला शुगर मिल | मेरठ | निजी (डीसीएम श्रीराम) | 20 अक्टूबर 2026 | 12,500 |
| धामपुर शुगर मिल | बिजनौर | निजी (धामपुर ग्रुप) | 22 अक्टूबर 2026 | 15,000 |
| टिकोला शुगर मिल | मुजफ्फरनगर | निजी | 24 अक्टूबर 2026 | 9,500 |
| अपर दोआब शुगर मिल, शामली | शामली | निजी (सर शादीलाल) | 25 अक्टूबर 2026 | 7,500 |
| किनौनी शुगर मिल | मेरठ | निजी (बजाज हिन्दुस्थान) | 25 अक्टूबर 2026 | 10,000 |
| सहकारी चीनी मिल, अनूपशहर | बुलंदशहर | सहकारी | 26 अक्टूबर 2026 | 5,000 |
| डीएसएम शुगर, असमोली | संभल | निजी (धानुका) | 28 अक्टूबर 2026 | 9,000 |
| बलरामपुर चीनी मिल, गुलरिया | लखीमपुर खीरी | निजी (बलरामपुर ग्रुप) | 29 अक्टूबर 2026 | 10,000 |
| डालमिया भारत शुगर, निगोही | शाहजहांपुर | निजी (डालमिया ग्रुप) | 30 अक्टूबर 2026 | 8,500 |
| बजाज हिन्दुस्थान, बरखेड़ा | पीलीभीत | निजी | 02 नवंबर 2026 | 9,000 |
🚨 इंडेंट व पर्ची निर्गमन पर 4 कड़े दिशा-निर्देश (Cane Commissioner Mandate)
गन्ना आयुक्त ने मिल प्रबंधकों को सख्त चेतावनी देते हुए 4 नियम लागू किए हैं:
- 72 घंटे पूर्व इंडेंट अनिवार्य: चीनी मिलों को पेराई शुरू करने से ठीक 72 घंटे पहले संबंधित गन्ना विकास परिषद (समिति) को पहला इंडेंट भेजना होगा, ताकि किसानों के मोबाइल पर कम से कम 48 घंटे पहले SMS पर्ची पहुंच सके।
- सप्लाई टिकट और बायोमेट्रिक तौल: मिल गेट और बाह्य क्रय केंद्रों (Out-centers) पर स्थापित सभी 800+ धर्मकांटों को सीधे CaneUp सर्वर से कनेक्ट किया गया है। तौल पर्ची पर किसान का डिजिटल बारकोड और वजन वास्तविक समय में दर्ज होगा।
- 85:15 का अनुपात: मिल गेट पर 85% और बाहरी क्रय केंद्रों पर 15% की संतुलित आपूर्ति रखनी होगी ताकि दूर-दराज के छोटे किसानों का गन्ना सूखने न पाए।
- कांटा घटतौली पर जीरो टॉलरेंस: प्रत्येक क्रय केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए गए हैं। किसान सतर्कता समिति के प्रतिनिधि किसी भी समय बाट-माप निरीक्षक की उपस्थिति में तौल कांटे की जांच कर सकेंगे।
💬 गन्ना आयुक्त का आधिकारिक बयान
“पेराई सत्र 2026-27 के लिए सभी 120 चीनी मिलों के बायलरों की हाइड्रो-टेस्टिंग 15 सितंबर से शुरू कराई जा रही है। 15 अक्टूबर तक सभी मरम्मत व मेंटेनेंस कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 अक्टूबर से पेराई शुरू कराने का लक्ष्य है ताकि किसान समय रहते अपने खेत खाली कर रबी की गेहूं बुवाई कर सकें। 14 दिन के भीतर गन्ना मूल्य भुगतान में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
— गन्ना एवं चीनी आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन
🌾 किसानों के लिए आवश्यक सलाह
- सट्टा स्टेटस तुरंत जांचें: 15 सितंबर 2026 से पहले CaneUp Portal या eGanna App पर अपना बेसिक कोटा और रकबा अवश्य सत्यापित कर लें।
- SMS पर्ची अलर्ट ऑन रखें: यदि आपके मोबाइल पर डीएनडी (DND) सेवा सक्रिय है, तो इसे बंद कराएं या समिति में जाकर अपना चालू 10 अंकों का मोबाइल नंबर अपडेट कराएं ताकि पर्ची कटते ही तुरंत सूचना मिले।
- पेराई व पर्ची से जुड़ी समस्या पर हेल्पलाइन: किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर विभाग के राज्य स्तरीय टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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