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गन्ना किसानों के लिए योगी कैबिनेट का बड़ा तोहफा — ड्रिप सिंचाई के लिए ₹450 करोड़ का नया पैकेज, 90% तक सरकारी अनुदान

Aamir Raza Aamir Raza Sep 12, 2026 3 min read
गन्ना किसानों के लिए योगी कैबिनेट का बड़ा तोहफा — ड्रिप सिंचाई के लिए ₹450 करोड़ का नया पैकेज, 90% तक सरकारी अनुदान
अंतिम अपडेट: September 12, 2026 1:00 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मुख्य बिंदु (Quick Summary): उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने आज लोकभवन में आयोजित बैठक में राज्य के गन्ना किसानों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। गिरते भूजल स्तर को बचाने और गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ (PMKSY) के तहत गन्ना बेल्ट हेतु ₹450 करोड़ के विशेष ‘माइक्रो-इरिगेशन संवर्धन पैकेज’ को मंजूरी दी गई है। इसके तहत लघु व सीमांत गन्ना किसानों को ड्रिप (टपक) सिंचाई संयंत्र लगाने पर 90% तक का भारी सरकारी अनुदान मिलेगा।

लखनऊ (CaneUp ब्यूरो — 12 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश में टिकाऊ कृषि और आधुनिक जल प्रबंधन की दिशा में आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लोकभवन में संपन्न राज्य कैबिनेट की बैठक में गन्ना बहुल 44 जिलों के लिए ₹450 करोड़ के ‘गन्ना ड्रिप सिंचाई संवर्धन पैकेज 2026-27’ को औपचारिक हरी झंडी दे दी गई।

कृषि एवं उद्यान मंत्री ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि राज्य के कई गन्ना उत्पादक क्षेत्रों (विशेषकर शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत और मेरठ) में भूजल स्तर डार्क जोन की सीमा में पहुंच गया है। पारंपरिक बाढ़ सिंचाई (Flood Irrigation) में पानी का 60% हिस्सा वाष्पीकरण और रिसाव में बर्बाद हो जाता है, जबकि ड्रिप प्रणाली से न केवल 45% पानी की बचत होती है बल्कि गन्ने की पैदावार में 25 से 30 क्विंटल प्रति बीघा की भारी वृद्धि होती है।


💧 कैबिनेट द्वारा स्वीकृत सब्सिडी संरचना (Subsidy Structure)

किसान की श्रेणीभूमि की जोतकुल लागत पर सरकारी अनुदान (%)किसान का अंशदान (%)अधिकतम देय सब्सिडी (प्रति हेक्टेयर)
लघु एवं सीमांत किसान2 हेक्टेयर (5 एकड़) तक90% अनुदान (राज्य 55% + केंद्र 35%)मात्र 10%₹1,12,500 तक
सामान्य श्रेणी के किसान2 हेक्टेयर से अधिक80% अनुदान (राज्य 45% + केंद्र 35%)मात्र 20%₹98,000 तक
महिला एवं अनुसूचित जाति/जनजातिकिसी भी जोत आकार पर90% पूर्ण प्राथमिकतामात्र 10%₹1,15,000 तक

🌿 ड्रिप फर्टीगेशन (Fertigation) से उर्वरक लागत में 40% की कमी

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, ड्रिप सिंचाई केवल पानी देने की प्रणाली नहीं है बल्कि इसके साथ लगे ‘वेंचुरी इंजेक्टर’ (Venturi Injector) के माध्यम से घुलनशील खाद (यूरिया, डीएपी, पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्व) सीधे पौधे की जड़ों में पहुंचाई जाती है:

  • उर्वरक की बचत: सामान्य छिड़काव की तुलना में 40% कम खाद लगती है।
  • खरपतवारों का खात्मा: कतारों के बीच की जमीन सूखी रहने के कारण खरपतवार (घास-फूस) नहीं उगते, जिससे निराई-गुड़ाई का भारी खर्च बच जाता है।
  • बिजली व डीजल की बचत: नलकूप चलाने का समय आधा रह जाता है, जिससे बिजली बिल में 50% तक की कमी आती है।

💻 आवेदन कैसे और कहां करें?

इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल upagriculture.com पर जाकर ‘टपक/फव्वारा सिंचाई योजना’ के अंतर्गत ऑनलाइन टोकन जनरेट कर सकते हैं।

  • पंजीकरण के समय आधार कार्ड, खतौनी, बैंक पासबुक और खेत में बिजली नलकूप या सोलर पंप का विवरण देना आवश्यक होगा।
  • स्वीकृत कंपनियों (नेटाफिम, जैन इरिगेशन आदि) के अधिकृत इंजीनियर स्वयं किसान के खेत पर पहुंचकर निःशुल्क सर्वे और पाइपलाइन बिछाने का कार्य करेंगे।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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