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गन्ना आयुक्त का 'ऑपरेशन जीरो घटतौली' — 15 अक्टूबर से पहले यूपी के 1,200 क्रय केंद्रों पर डिजिटल तौल कांटे सील होंगे, पकड़े जाने पर गैर-जमानती केस

Aamir Raza Sep 14, 2026 3 min read
गन्ना आयुक्त का 'ऑपरेशन जीरो घटतौली' — 15 अक्टूबर से पहले यूपी के 1,200 क्रय केंद्रों पर डिजिटल तौल कांटे सील होंगे, पकड़े जाने पर गैर-जमानती केस
अंतिम अपडेट: September 14, 2026 6:15 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ (CaneUp विशेष संवाददाता — 14 सितंबर 2026, शाम 6:15 IST): उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को उनकी गाढ़ी मेहनत का पाई-पाई का सही वजन दिलाने के लिए गन्ना विकास विभाग ने ‘ऑपरेशन जीरो घटतौली’ (Operation Zero Ghattoli 2026-27) का बिगुल फूंक दिया है।

हर साल पेराई सत्र के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश (सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बिजनौर, रामपुर) और तराई क्षेत्रों से यह गंभीर शिकायतें आती रही हैं कि कुछ निजी चीनी मिलों के क्रय केंद्रों पर तौल क्लर्क रिमोट कंट्रोल या कांटों में अतिरिक्त भार (Dead Weight) लगाकर किसानों की ट्रॉली पर 1 से 2 क्विंटल तक का चूना लगा देते हैं।

इस गोरखधंधे को जड़ से समाप्त करने के लिए गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. (IAS) ने सोमवार को राज्य के सभी 45 गन्ना उत्पादक जिलों के जिलाधिकारियों (DMs) और बाट-माप नियंत्रक को विस्तृत एसओपी (Standard Operating Procedure) जारी की है।


🔒 10 अक्टूबर तक 1,200 बाहरी क्रय केंद्रों की डिजिटल सीलिंग

आधिकारिक शासनादेश के अनुसार, पेराई सत्र शुरू होने से पहले प्रदेशभर के सभी बाहरी क्रय केंद्रों (Out Purchase Centres) पर तीन स्तरीय तकनीकी सीलिंग की जाएगी:

  1. इलेक्ट्रॉनिक लोड-सेल कैलिब्रेशन: प्रत्येक कांटे पर बाट-माप विभाग (Legal Metrology) के अधिकृत 50-50 किलोग्राम के प्रमाणित स्टैंडर्ड बाट रखकर 10 टन और 20 टन की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।
  2. होलोग्राम व लेड सीलिंग (Tamper-evident Sealing): मदरबोर्ड, इंडिकेटर और जंक्शन बॉक्स को विशेष बारकोड युक्त सुरक्षा होलोग्राम और लेड सील से लॉक किया जाएगा। यदि सील से रत्ती भर भी छेड़छाड़ हुई तो सॉफ्टवेयर स्वतः लॉक हो जाएगा।
  3. सॉफ्टवेयर इंक्रिप्शन व लाइव डाटा लिंक: तौल होते ही सकल भार (Gross Weight) सीधे लखनऊ के केंद्रीय सर्वर पर रियल-टाइम अपलोड होगा, जिससे लोकल क्लर्क द्वारा तौल पर्ची में कोई मैन्युअल फेरबदल संभव नहीं होगा।

🚨 3 सदस्यीय फ्लाइंग स्क्वॉड (Flying Squads) का गठन

घटतौली की औचक जांच (Surprise Inspection) के लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर विशेष त्रि-स्तरीय फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें बनाई गई हैं:

  • टीम प्रमुख: उप-जिलाधिकारी (SDM) अथवा तहसीलदार
  • तकनीकी सदस्य: सहायक नियंत्रक (बाट-माप विभाग)
  • विभागीय सदस्य: ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (SCDI) अथवा गन्ना पर्यवेक्षक

[!IMPORTANT] कठोर कानूनी कार्रवाई: यदि किसी कांटे पर घटतौली पकड़ी जाती है, तो केवल तौल बाबू पर ही नहीं, बल्कि आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 3/7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी संबंधी धाराओं के तहत संबंधित चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक (GM Cane) और यूनिट हेड के विरुद्ध भी गैर-जमानती प्राथमिकी (Non-bailable FIR) दर्ज कराई जाएगी।


📞 किसान तुरंत कर सकेंगे लाइव शिकायत

किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक क्रय केंद्र पर जिला गन्ना अधिकारी, बाट-माप निरीक्षक और क्षेत्रीय गन्ना विकास निरीक्षक का मोबाइल नंबर बड़े अक्षरों में बोर्ड पर लिखना अनिवार्य किया गया है। किसान तौल में किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत मौके से टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 पर डायल कर सकते हैं। शिकायत मिलने के 60 मिनट के भीतर नजदीकी फ्लाइंग स्क्वॉड टीम को मौके पर पहुंचकर भौतिक जांच करनी होगी।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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