गोंडा व देवीपाटन मंडल में चीनी मिलों पर गन्ना आयुक्त का डंडा: क्रेडिट नोट व तय दर से अधिक पर चीनी बिक्री पर रोक, एस्क्रो खाते की सख्त जांच

गोंडा / लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 16 सितंबर 2026): आगामी पेराई सत्र 2026-27 के शुरू होने से पहले गन्ना विकास विभाग ने चीनी मिलों की वित्तीय हेराफेरी और बिक्री डायवर्जन पर सख्त नकेल कस दी है। उत्तर प्रदेश गन्ना आयुक्त कार्यालय ने देवीपाटन मंडल (गोंडा, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती) की चीनी मिलों को औपचारिक चेतावनी पत्र जारी करते हुए क्रेडिट नोट (Credit Note) या परदे के पीछे दी जाने वाली छूट के माध्यम से चीनी बिक्री करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
गन्ना आयुक्त के संज्ञान में आया था कि कुछ निजी चीनी मिल प्रबंधन घरेलू बिक्री कोटा (Monthly Release Quota) के तहत थोक व्यापारियों को आधिकारिक इनवॉइस पर एक दर दिखाते थे और बाद में क्रेडिट नोट जारी करके वास्तविक वसूली राशि को एस्क्रो खाते में आने से रोक लेते थे। इससे किसानों के लिए आरक्षित 85% भुगतान हिस्सेदारी प्रभावित हो रही थी।
🔍 एस्क्रो खाता (Escrow Account) क्या है और क्यों शुरू हुआ ऑडिट?
उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश के अनुसार:
- 85:15 का फॉर्मूला: चीनी मिलों द्वारा चीनी, शीरा, बगास (खोई) और एथेनॉल की बिक्री से प्राप्त होने वाली कुल धनराशि का 85 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से एक विशेष ‘एस्क्रो खाते’ में जमा होना चाहिए।
- सीधा किसान भुगतान: इस एस्क्रो खाते पर बैंक और जिला गन्ना अधिकारी (DCO) का संयुक्त नियंत्रण होता है। इस खाते से मिल मालिक कोई दूसरा खर्च नहीं कर सकते; यह पैसा सीधे आरटीजीएस (RTGS) के जरिए गन्ना किसानों के बैंक खातों में जाता है।
- क्रेडिट नोट का खेल: कुछ मिलें चीनी की बिक्री की मूल कीमत को कम दिखाकर या क्रेडिट नोट के जरिए पैसे को मिल के गैर-एस्क्रो चालू खातों (Current Accounts) में डाइवर्ट कर रही थीं।
⚠️ गन्ना आयुक्त के 4 कड़े निर्देश
| क्र. सं. | दिशा-निर्देश | उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई |
|---|---|---|
| 1. | पारदर्शी इनवॉइस बिलिंग | चीनी की हर एक बोरी की बिक्री वास्तविक बाजार मूल्य पर होगी; कोई भी बैक-डेटेड क्रेडिट नोट मान्य नहीं होगा। |
| 2. | दैनिक बिक्री रिपोर्टिंग | मिलों को प्रतिदिन शाम 5 बजे तक अपने गेट से निकलने वाले ट्रकों और बिक्री चालान की कॉपी विभागीय पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। |
| 3. | स्पेशल सीए (CA) ऑडिट | देवीपाटन मंडल की सभी मिलों के पिछले 6 महीने के एस्क्रो खातों और कमर्शियल इनवॉइस का विशेष फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाएगा। |
| 4. | ईसी एक्ट (EC Act) के तहत मुकदमा | गड़बड़ी पाए जाने पर मिल के प्रबंध निदेशक (MD) और वित्त अधिकारी (CFO) के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज होगी। |
🏭 पूर्वी यूपी के किसानों को समय पर भुगतान की गारंटी
गोंडा, मनकापुर, नवाबगंज, बलरामपुर, तुलसीपुर और बहराइच क्षेत्र के लाखों किसान अपनी आजीविका के लिए इन्हीं मिलों पर निर्भर हैं। पिछले सत्रों में गोंडा की कुछ मिलों द्वारा भुगतान में 6 से 8 महीने का अनावश्यक विलंब किया गया था। गन्ना आयुक्त के इस सख्त कदम से यह सुनिश्चित होगा कि चीनी की बिक्री से आने वाला पैसा किसी भी हालत में बाहर न जाकर सीधे किसानों की जेब में पहुंचेगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन चीनी मिलों का एस्क्रो खाता शत-प्रतिशत पारदर्शी नहीं पाया जाएगा, उन्हें 2026-27 पेराई सत्र के लिए ‘केन रिजर्वेशन ऑर्डर’ (Cane Reservation Order) और क्रय केंद्रों का आवंटन रोक दिया जाएगा।
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