होम › 70.64 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक, फिर भी …

70.64 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक, फिर भी अफवाहें क्यों? सीएम योगी बोले — त्योहारों में कोई कमी नहीं

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 15, 2026 • 6 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
70.64 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक, फिर भी अफवाहें क्यों? सीएम योगी बोले — त्योहारों में कोई कमी नहीं
अंतिम अपडेट: October 15, 2026 3:32 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

उत्तर प्रदेश में चीनी की कमी की अफवाहें फैलने के बीच सरकार ने साफ कर दिया है कि राज्य में चीनी का भारी स्टॉक मौजूद है और त्योहारों के सीजन में उपभोक्ताओं को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद चीनी की उपलब्धता को लेकर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली, जिसके बाद गन्ना आयुक्त ने आंकड़े जारी कर कहा — प्रदेश के गोदामों में इस समय 70.64 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि राज्य की मासिक खपत करीब 40 लाख क्विंटल है। यानी मौजूदा स्टॉक लगभग पौने दो महीने की खपत के बराबर है।

अफवाहों का खंडन करने के लिए मुरादाबाद मंडल के उप गन्ना आयुक्त ने 14 अक्टूबर को प्रेस वार्ता कर आंकड़े साझा किए — मंडल की चीनी मिलों में 12.91 लाख क्विंटल स्टॉक था, जो त्योहारी मांग के लिहाज से पर्याप्त है। आइए समझते हैं कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और इसका गन्ना किसानों के लिए क्या मतलब है।

मुरादाबाद: 12.91 लाख क्विंटल स्टॉक, अफवाहें “असत्य और निराधार”

मुरादाबाद मंडल में उप गन्ना आयुक्त ने 14 अक्टूबर 2026 को वार्ता के दौरान बताया कि क्षेत्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित कतिपय बयानों में चीनी मिलों से चीनी उपलब्ध न हो पाने की अपुष्ट खबरें आ रही थीं, जो बिल्कुल असत्य और निराधार हैं। चीनी मिलों द्वारा भारत सरकार से आवंटित कोटे के अनुसार 4500 से 4600 रुपये प्रति कुंतल की दर से चीनी की बिक्री की जा रही है।

आंकड़ों की बात करें तो 1 अक्टूबर 2026 को मंडल की चीनी मिलों में कुल उपलब्ध स्टॉक 21.75 लाख कुंतल था। 1 से 15 अक्टूबर 2026 की अवधि के लिए शुगर कोटा 8,61,130 कुंतल निर्धारित था, जबकि 1 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2026 की शाम तक चीनी की कुल बिक्री 8,83,621 कुंतल रही — यानी कोटे से 22,491 कुंतल अधिक। 14 अक्टूबर 2026 को मंडल की चीनी मिलों में 12.91 लाख कुंतल चीनी का स्टॉक उपलब्ध था, जो त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं की मांग के सापेक्ष पर्याप्त है।

प्रदेशभर में 70.64 लाख क्विंटल स्टॉक, खपत से कहीं अधिक

गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस के मुताबिक राज्य के गोदामों में वर्तमान में 70.64 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक है। इसका ब्यौरा इस प्रकार है — सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों के पास 13.40 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों के पास 2.93 लाख क्विंटल और निजी क्षेत्र की चीनी मिलों के पास 54.3 लाख क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक है।

प्रदेश में चीनी की मासिक खपत लगभग 40 लाख कुंतल है, यानी मौजूदा स्टॉक डेढ़ महीने से भी ज्यादा की खपत पूरी करने के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा चीनी मिलों का संचालन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से शुरू हो जाएगा, जिससे नवंबर में नए पेराई सत्र 2026-27 के अंतर्गत नई उत्पादित चीनी भी बहुत जल्द उपभोक्ताओं के लिए सुलभ हो जाएगी।

स्टॉक का होगा भौतिक सत्यापन, डीएम को पत्र भेजे गए

अफवाहों को रोकने और दामों पर नजर रखने के लिए सरकार ने तीन स्तरों पर कार्रवाई शुरू की है। पहले केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने 13 अक्टूबर को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें चीनी के मूल्यों पर प्रभावी नियंत्रण रखने और देश भर में इसकी सुचारु उपलब्धता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

इसके बाद 14 अक्टूबर को गन्ना आयुक्त ने क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें चीनी के स्टॉक के भौतिक सत्यापन और मूल्य नियंत्रण की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर उनके जिलों में चीनी मिलों से चीनी निकासी, बाजार में उपलब्धता और एक्स-मिल, थोक एवं खुदरा मूल्यों की सतत निगरानी का अनुरोध किया गया है। इसके लिए विशेष विभागीय टीमों का गठन कर भौतिक सत्यापन और प्रवर्तन की कार्रवाई सख्ती से करने को कहा गया है। जिला गन्ना अधिकारियों को अपने जिलाधिकारी से समन्वय कर खाद्य सुरक्षा और जीएसटी अधिकारियों के साथ मिलों व बाजार में चीनी के स्टॉक का औचक निरीक्षण करने के भी निर्देश हैं।

गन्ना किसानों के लिए इसका क्या मतलब है?

गन्ना किसानों के लिए यह खबर दो वजहों से अहम है। पहली, चीनी की सुचारु उपलब्धता और स्थिर दाम का मतलब है कि चीनी मिलों की अर्थव्यवस्था स्थिर रहेगी — और मिलों के पास पैसा होगा तभी किसानों का भुगतान समय पर होगा। त्योहारी मांग के कारण मिलों की बिक्री अच्छी रहेगी, जिससे गन्ना भुगतान की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

दूसरी, पेराई सत्र की तारीखें अब साफ होती दिख रही हैं। उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि मुरादाबाद परिक्षेत्र में पेराई सत्र 2026-27 के अंतर्गत अक्टूबर 2026 के अंत में अथवा नवंबर 2026 के पहले सप्ताह में चीनी मिलों का संचालन शुरू हो जाएगा। प्रदेश स्तर पर भी मिलों का संचालन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होने की बात कही गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मिलें सामान्य से करीब 10 दिन पहले यानी 20 अक्टूबर के आसपास पेराई शुरू करने की तैयारी में हैं।

किसानों को सलाह है कि पेराई शुरू होने से पहले अपने गन्ना सर्वे का रिकॉर्ड, रकबा और किस्म की जानकारी की जांच कर लें और यह सुनिश्चित करें कि बैंक खाता सक्रिय हो और आवश्यक पहचान दस्तावेजों से जुड़ा हो, ताकि भुगतान में कोई देरी न हो। जल्दी पेराई का एक फायदा यह भी होगा कि किसान समय पर खेत खाली करके गेहूं की बुवाई के लिए उपयुक्त समय का लाभ उठा सकेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: उत्तर प्रदेश में इस समय कितनी चीनी का स्टॉक उपलब्ध है? उत्तर: गन्ना आयुक्त के मुताबिक राज्य के गोदामों में 70.64 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक है — सहकारी मिलों में 13.40 लाख, निगम की मिलों में 2.93 लाख और निजी मिलों में 54.3 लाख क्विंटल से अधिक। प्रदेश की मासिक खपत करीब 40 लाख कुंतल है।

प्रश्न: क्या त्योहारों में चीनी की कमी या दाम बढ़ने का खतरा है? उत्तर: सरकार के मुताबिक फिलहाल ऐसी कोई आशंका नहीं है। मुख्यमंत्री ने खुद जानकारी लेकर स्पष्ट किया कि चीनी का पर्याप्त स्टॉक है और अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। मिलों का संचालन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होगा और नवंबर से नई चीनी भी बाजार में आ जाएगी।

प्रश्न: मुरादाबाद मंडल में चीनी के स्टॉक की स्थिति क्या है? उत्तर: उप गन्ना आयुक्त के मुताबिक 14 अक्टूबर को मंडल की मिलों में 12.91 लाख कुंतल स्टॉक था। 1 से 13 अक्टूबर तक कोटे से 22,491 कुंतल अधिक बिक्री हुई, यानी आपूर्ति सामान्य से बेहतर चल रही है।

प्रश्न: चीनी के स्टॉक की निगरानी के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं? उत्तर: केंद्र के खाद्य सचिव की 13 अक्टूबर की समीक्षा बैठक के बाद गन्ना आयुक्त ने 14 अक्टूबर को क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बैठक की। सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर मिलों से निकासी, बाजार उपलब्धता और एक्स-मिल/थोक/खुदरा दामों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। विशेष टीमें भौतिक सत्यापन और औचक निरीक्षण करेंगी।

प्रश्न: पेराई सत्र 2026-27 कब शुरू होगा? उत्तर: प्रदेश में चीनी मिलों का संचालन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है। मुरादाबाद परिक्षेत्र में अक्टूबर अंत या नवंबर के पहले सप्ताह में मिलें शुरू होंगी, जबकि पश्चिमी यूपी की कुछ मिलें 20 अक्टूबर के आसपास पेराई शुरू कर सकती हैं।

स्रोत: लाइव हिंदुस्तान (14 अक्टूबर 2026), किसान तक (15 अक्टूबर 2026), वेबवर्ता न्यूज एजेंसी (14 अक्टूबर 2026)

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में