यूपी सहकारी बैंकों का 10 दिवसीय विशेष KCC नवीनीकरण अभियान शुरू — 4% ब्याज दर का लाभ उठाएं किसान

लखनऊ / बिजनौर: उत्तर प्रदेश सहकारिता विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (UPSCB) ने राज्य के 45 प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों में किसानों को सस्ती कृषि ऋण सुविधा उपलब्ध कराने और पुराने खातों को सक्रिय करने के उद्देश्य से आज 1 सितंबर 2026 से ‘10 दिवसीय विशेष किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) नवीनीकरण एवं वितरण महा-अभियान’ शुरू कर दिया है। यह विशेष अभियान 1 सितंबर से 10 सितंबर 2026 तक प्रदेश की सभी 50 जिला सहकारी बैंक (DCCB) शाखाओं और 7,500 प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (PACS) में संचालित होगा।
सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव ने बताया कि भारत सरकार और नाबार्ड की 3% शीघ्र पुनर्भुगतान ब्याज सबवेंशन योजना के तहत जो किसान 12 महीने के भीतर अपने केसीसी खाते का नवीनीकरण (ऋण चुकता कर पुनः आहरण) करा लेते हैं, उन्हें ₹3 लाख तक के ऋण पर प्रभावी रूप से मात्र 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होता है।
कैंप में मौके पर ही होगा 1.60 लाख तक का नया KCC स्वीकृत
अभियान के तहत केवल पुराने खातों का नवीनीकरण ही नहीं, बल्कि नए पात्र गन्ना किसानों को बिना किसी गारंटी और भूमि बंधक के ₹1.60 लाख तक का तत्काल ऋण स्वीकृत किया जाएगा।
जिला सहकारी बैंक बिजनौर के महाप्रबंधक ने बताया, “गन्ना किसानों को पेराई सीजन से पहले खाद, बीज और कटाई मजदूरी के लिए नकदी की सख्त जरूरत होती है। पैक्स समितियों में लगने वाले इन कैंपों में किसान केवल अपनी खतौनी, आधार कार्ड, 2 फोटो और CaneUp पोर्टल से डाउनलोड की गई सट्टा पर्ची लेकर आएं। बैंक अधिकारी 24 घंटे के भीतर उनके आवेदन का सत्यापन कर RuPay Kisan Credit Card जारी कर देंगे।”
10 सितंबर के बाद समाप्त हो जाएगी 3% ब्याज छूट
सहकारिता विभाग ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों के केसीसी ऋण को 1 वर्ष का समय पूरा हो चुका है, वे 10 सितंबर से पहले अपनी संबंधित समिति या बैंक शाखा में जाकर खाते का नवीनीकरण अवश्य करा लें। 12 महीने की समयसीमा बीत जाने के बाद नाबार्ड द्वारा मिलने वाली 3% ब्याज सबवेंशन समाप्त हो जाती है और किसान पर सामान्य 9% से 11% का व्यावसायिक ब्याज लागू हो जाता है।
मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, बरेली, सीतापुर और लखीमपुर खीरी के सहकारी बैंकों में हेल्पडेस्क स्थापित की गई हैं। किसानों की सुविधा के लिए बैंक कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समितियों में जाकर किसानों से सीधे फॉर्म भरवाएं ताकि किसी भी किसान को बिचौलियों का सहारा न लेना पड़े।
प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) का डिजिटलीकरण
सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश की सभी पैक्स समितियों को कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (CBS) से जोड़ा जा चुका है। इसके तहत किसान का केसीसी खाता सीधे उसके आधार और जमीन के रिकॉर्ड से ऑनलाइन लिंक रहता है।
कैंप के दौरान किसान को अपनी ऋण सीमा बढ़ाने (Limit Enhancement) की सुविधा भी दी जा रही है। यदि किसी किसान ने अपने गन्ने का रकबा बढ़ाया है, तो वह प्रति एकड़ ₹52,000 की दर से अपनी कुल केसीसी सीमा में अतिरिक्त वृद्धि करा सकता है।
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