सहकारी बैंकों के KCC महा-अभियान में दूसरे दिन ₹140 करोड़ का ऋण वितरित — 4% ब्याज पर भारी रुझान

लखनऊ / बिजनौर: उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (UPSCB) और 50 जिला सहकारी बैंकों (DCCB) द्वारा प्रदेश के 45 गन्ना बाहुल्य जिलों में संचालित 10 दिवसीय विशेष किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) नवीनीकरण एवं वितरण महा-अभियान के दूसरे दिन किसानों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सहकारिता विभाग द्वारा आज 2 सितंबर की शाम जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे दिन प्रदेश की 7,500 प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (PACS) और बैंक शाखाओं में कुल 28,450 गन्ना किसानों को ₹140.80 करोड़ के फसली ऋण का नवीनीकरण एवं नए ऋण स्वीकृत किए गए। दो दिनों में कुल संचयी वितरण ₹255 करोड़ पार कर चुका है।
सहकारिता आयुक्त उत्तर प्रदेश ने बताया कि भारत सरकार और नाबार्ड की 3% शीघ्र पुनर्भुगतान ब्याज सबवेंशन योजना के तहत जो किसान 12 महीने के भीतर अपने केसीसी खाते का नवीनीकरण करा लेते हैं, उन्हें ₹3 लाख तक के फसली ऋण पर मात्र 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की रियायती दर का लाभ मिलता है। साहूकारों के 24 से 36% महंगे ब्याज के मुकाबले यह योजना गन्ना किसानों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।
₹1.60 लाख तक बिना बंधक ऋण और तुरंत RuPay कार्ड
कैंपों की मुख्य विशेषता यह रही कि छोटे और सीमांत किसानों को बिना किसी भूमि बंधक (Hypothecation) के ₹1.60 लाख तक का तात्कालिक ऋण केवल आधार कार्ड और खतौनी के आधार पर स्वीकृत किया गया। साथ ही किसानों को मौके पर ही एटीएम से नकदी निकासी और खाद-बीज दुकानों पर स्वाइप करने के लिए सक्रिय RuPay Kisan Card वितरित किए गए।
जिला सहकारी बैंक बिजनौर के महाप्रबंधक ने बताया, “पेराई सीजन से पहले किसानों को कटाई मजदूरी, खाद और बच्चों की पढ़ाई के लिए नकदी की भारी जरूरत होती है। पैक्स समितियों में बैठे बैंक कर्मचारियों ने किसानों के पुराने खातों में जमा-निकासी की प्रक्रिया मात्र 15 मिनट में पूरी की। बिजनौर जिले में आज दूसरे दिन 3,120 किसानों को ₹18.50 करोड़ का ऋण वितरित किया गया।”
10 सितंबर तक जारी रहेगा विशेष रिन्युअल कैंप
सहकारिता विभाग ने किसानों से पुनः अपील की है कि जिन किसानों के केसीसी खाते को 1 वर्ष का समय पूरा हो चुका है, वे 10 सितंबर 2026 से पहले अपनी संबंधित समिति या बैंक शाखा में जाकर खाते का नवीनीकरण अवश्य करा लें। 10 सितंबर की समयसीमा बीत जाने के बाद 3% ब्याज सबवेंशन की छूट समाप्त हो जाएगी और किसान पर सामान्य 9% से 11% का बैंक ब्याज लगना शुरू हो जाएगा।
विभाग ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी किसान से फॉर्म या प्रोसेसिंग के नाम पर कोई अतिरिक्त चार्ज न लिया जाए और सभी औपचारिकताएं उसी दिन पूरी कर किसान के खाते में क्रेडिट सुनिश्चित किया जाए।
महिला स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्राथमिकता
अभियान के अंतर्गत गन्ना विकास में संलग्न महिला किसानों और स्वयं सहायता समूहों को त्वरित ऋण स्वीकृति के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था की गई है, जिससे वे शरदकालीन बुवाई के लिए जैविक खाद और बीज की समय पर व्यवस्था कर सकें।
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