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यूपी की 28 सहकारी चीनी मिलों के आधुनिकीकरण के लिए 650 करोड़ रुपये मंजूर, 15 अक्टूबर से पहले अपग्रेड होंगी मशीनें

Randhir Patil Randhir Patil Aug 31, 2026 3 min read
यूपी की 28 सहकारी चीनी मिलों के आधुनिकीकरण के लिए 650 करोड़ रुपये मंजूर, 15 अक्टूबर से पहले अपग्रेड होंगी मशीनें
अंतिम अपडेट: August 31, 2026 2:30 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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यूपी की 28 सहकारी चीनी मिलों के आधुनिकीकरण के लिए 650 करोड़ रुपये मंजूर, 15 अक्टूबर से पहले अपग्रेड होंगी मशीनें

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Randhir Patil - 2026-08-31

लखनऊ (विशेष संवाददाता)। उत्तर प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों की पेराई क्षमता बढ़ाने, रिकवरी में सुधार करने और पेराई सत्र के दौरान होने वाले बार-बार के तकनीकी ब्रेकडाउन (ब्रेकडाउन/नो-केन) को पूरी तरह समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा वित्तीय कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ (UP Cooperative Sugar Factories Federation) ने प्रदेश की 28 सहकारी चीनी मिलों के आधुनिकीकरण और ओवरहॉलिंग के लिए ₹650 करोड़ का विशेष रिवॉल्विंग फंड मंजूर किया है।

इस बजट से मिलों में पुराने बॉयलर, टरबाइन, जूस क्लेरिफायर और वैक्यूम पैन को बदलकर पूरी तरह से ऑटोमेटेड और ऊर्जा दक्ष (Energy Efficient) प्रणालियां स्थापित की जा रही हैं।

आधुनिकीकरण से किसानों को क्या-क्या लाभ मिलेंगे?

सहकारी चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक ने बताया कि सहकारी मिलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनमें सुधार से सीधे छोटे किसानों को लाभ मिलेगा:

  1. दैनिक पेराई क्षमता में 20% वृद्धि: मशीनों के आधुनिकीकरण से मिलों की दैनिक पेराई क्षमता 2,500 टीसीडी (टन प्रतिदिन) से बढ़कर 3,000 से 3,500 टीसीडी हो जाएगी।
  2. चीनी रिकवरी में 0.5% की बढ़ोतरी: आधुनिक सेंट्रीफ्यूगल मशीनों और कंटीन्यूअस पैन सिस्टम से रस की बर्बादी रुकेगी और चीनी रिकवरी 10.5% से बढ़कर 11% तक पहुंचेगी।
  3. नो-केन और ब्रेकडाउन से मुक्ति: मेंटेनेंस का काम 5 अक्टूबर 2026 तक पूरा हो जाएगा, जिससे सत्र के दौरान मिल बंद होने की समस्या नहीं होगी और किसानों को तौल के लिए घंटों कतार में नहीं खड़ा रहना पड़ेगा।
  4. एथेनॉल और को-जनरेशन बिजली से अतिरिक्त आय: मिलों में बगास आधारित को-जनरेशन पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे उत्पादित बिजली ग्रिड को बेचकर किसानों के भुगतान का फंड मजबूत होगा।
सहकारी चीनी मिल का नामजिलास्वीकृत आधुनिकीकरण बजटमुख्य तकनीकी अपग्रेडेशन
अनूपशहर सहकारी चीनी मिलबुलंदशहर₹32 करोड़ऑटोमेटेड जूस हीटर व नई टरबाइन
बागपत सहकारी चीनी मिलबागपत₹28 करोड़बॉयलर आधुनिकीकरण व डिजिटल तौल कांटा
सरसावा सहकारी चीनी मिलसहारनपुर₹30 करोड़कंटीन्यूअस पैन व सेंट्रीफ्यूगल अपग्रेड
गजरौला सहकारी मिलअमरोहा मंडल₹25 करोड़मिलिंग टेंडम व कंडेंसर ऑटोमेशन
बीसलपुर सहकारी मिलपीलीभीत₹26 करोड़पावर को-जनरेशन सिस्टम रिपेयर

5 अक्टूबर तक पूरा होगा सभी मिलों का मेंटेनेंस और ट्रायल

प्रमुख सचिव (चीनी उद्योग) ने सभी 28 मिलों के मुख्य अभियंताओं (Chief Engineers) और महाप्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वे 30 सितंबर तक मशीनों की मरम्मत पूरी कर 5 अक्टूबर से ट्रायल रन (स्टीम ट्रायल) शुरू कर दें, ताकि 15 से 20 अक्टूबर के बीच विधिवत पेराई सत्र शुरू किया जा सके।

प्रदूषण नियंत्रण और ग्रीन एनर्जी का नया मानक

आधुनिकीकरण परियोजना के तहत सभी 28 सहकारी मिलों में ‘वेट स्क्रबर’ (Wet Scrubber) और इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) लगाए जा रहे हैं, जिससे मिल की चिमनियों से निकलने वाले धुएं में धूल और राख के कण 90 प्रतिशत तक कम हो जाएंगे।

साथ ही मिलों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) सिस्टम स्थापित किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक गंदे पानी का 100 प्रतिशत रिसाइकिल कर उसे मिलिंग प्रक्रिया में दोबारा उपयोग किया जा सकेगा।

पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले की चीनी मिलों के अंतर्गत आने वाली सहकारी और निजी मिलों में ट्रायल की तैयारियां जोरों पर हैं।

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Randhir Patil
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Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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