सट्टा सुधार अभियान के दूसरे दिन 36,000 आपत्तियां हल — 30 सितंबर तक घोषणा पत्र भरना अनिवार्य

लखनऊ / मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए संचालित 15 दिवसीय विशेष गन्ना सट्टा आपत्ति निस्तारण अभियान के दूसरे दिन प्रदेश भर की 168 सहकारी गन्ना विकास समितियों में किसानों की भारी आमद दर्ज की गई। गन्ना आयुक्त कार्यालय द्वारा आज 2 सितंबर की देर शाम जारी राज्यस्तरीय प्रगति बुलेटिन के अनुसार, अभियान के दूसरे दिन 17,740 नई आपत्तियों का मौके पर समाधान किया गया, जिसके साथ ही दो दिनों में निस्तारित प्रकरणों की कुल संख्या 36,202 तक पहुंच गई है।
गन्ना आयुक्त एवं चीनी उद्योग प्रमुख सचिव ने आज लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिला गन्ना अधिकारियों (DCO) और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों (SCIO) के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जो किसान अभी तक अपना अनिवार्य ऑनलाइन घोषणा पत्र (Online Ghosna Patra) नहीं भर पाए हैं, वे 30 सितंबर 2026 से पूर्व विभागीय पोर्टल enquiry.caneup.in पर जाकर इसे अवश्य पूरा कर लें। 30 सितंबर की समयसीमा बीत जाने के बाद बिना घोषणा पत्र वाले किसानों का सट्टा आगामी पेराई सत्र के लिए स्वतः निष्क्रिय (Block) कर दिया जाएगा।
सर्वे रकबा और अगेती किस्म सुधार को प्राथमिकता
समितियों में दूसरे दिन दर्ज हुई शिकायतों में सर्वाधिक मामले जीपीएस सर्वे में दर्ज रकबे और प्रजाति वर्गीकरण से जुड़े रहे। पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ और सहारनपुर जिलों में कई किसानों के खेतों में लगी अगेती प्रजाति Co-15023 और Co-0118 लिपिकीय त्रुटि के कारण सामान्य प्रजाति में दर्ज हो गई थी, जिसे मौके पर ही उपस्थित चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक और लेखपाल की संस्तुति से ठीक किया गया।
मुजफ्फरनगर गन्ना समिति के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ने बताया, “यदि किसी किसान का रकबा खतौनी के अनुसार 2 हेक्टेयर है लेकिन सर्वेयर द्वारा 1.5 हेक्टेयर ही दर्ज किया गया है, तो किसान अपनी राजस्व खतौनी और घोषणा पत्र की प्रति काउंटर पर जमा करें। समिति की 3-सदस्यीय कमेटी उसी समय पोर्टल पर संशोधन को मंजूरी दे रही है। किसी भी किसान को बेवजह भटकने नहीं दिया जा रहा है।”
15 सितंबर के बाद मुख्य कैलेंडर की तैयारी होगी शुरू
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 15 सितंबर 2026 की शाम को सट्टा संशोधन पोर्टल को फ्रीज कर दिया जाएगा। इसके बाद सभी समितियों में 12 पखवाड़ों के मुख्य पर्ची कैलेंडर का निर्माण आरंभ होगा। जिन किसानों के सट्टे में संशोधन हो चुका है, वे अगले दिन सुबह अपने ई-गन्ना ऐप या पोर्टल पर जाकर संशोधित स्थिति देख सकते हैं।
गन्ना विकास विभाग ने सभी गन्ना विकास परिषदों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कराएं और किसान सेवा केंद्रों (CSC) को पाबंद करें कि वे घोषणा पत्र भरने के नाम पर किसानों से निर्धारित सरकारी शुल्क से अधिक न वसूलें। किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी या अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसान भाइयों के लिए 4 जरूरी सावधानियां
- राजस्व खतौनी का मिलान: अपनी नई प्रमाणित खतौनी साथ रखें और सुनिश्चित करें कि गाटा संख्या सही दर्ज हो।
- आधार व बैंक एनपीसीआई सीडिंग: बैंक खाता आधार से लिंक हो ताकि डीबीटी भुगतान में कोई रुकावट न आए।
- पेड़ी और पौधे का अनुपात: 12 पखवाड़ों में समय से पर्ची पाने के लिए पेड़ी (Ratoon) रकबे का सही अंकन कराएं।
- हेल्पलाइन नंबर: समिति में कर्मचारी अनुपस्थित होने पर टोल-फ्री 1800-121-3203 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
यह आर्टिकल कैसा लगा?



