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सट्टा सुधार अभियान के चौथे दिन 68,000 आपत्तियां हल — 45 जिलों में शाम 7 बजे तक खुले रहेंगे काउंटर

Randhir Patil Randhir Patil Sep 4, 2026 3 min read
सट्टा सुधार अभियान के चौथे दिन 68,000 आपत्तियां हल — 45 जिलों में शाम 7 बजे तक खुले रहेंगे काउंटर
अंतिम अपडेट: September 4, 2026 9:15 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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लखनऊ / मेरठ: उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए संचालित 15 दिवसीय विशेष गन्ना सट्टा एवं सर्वे आपत्ति निस्तारण अभियान ने अपने चौथे दिन एक नया रिकॉर्ड बनाया है। गन्ना आयुक्त कार्यालय द्वारा आज 4 सितंबर की सुबह जारी राज्यस्तरीय बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश भर की 168 सहकारी गन्ना विकास समितियों में अब तक कुल 68,520 किसानों की आपत्तियों का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण किया जा चुका है। समितियों पर उमड़ रही किसानों की भारी भीड़ और लंबी कतारों को ध्यान में रखते हुए गन्ना आयुक्त ने आज एक आपातकालीन आदेश जारी कर सभी 45 गन्ना उत्पादक जिलों में समिति काउंटरों का समय बढ़ाकर शाम 7:00 बजे तक कर दिया है।

गन्ना आयुक्त ने सभी जिला गन्ना अधिकारियों (DCO) को सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक काउंटर के बाहर कतार में एक भी किसान खड़ा है, तब तक कर्मचारी काउंटर बंद नहीं करेंगे। साथ ही शनिवार और रविवार के अवकाश के दिन भी सभी गन्ना समितियां सामान्य कार्यदिवस की तरह पूरी क्षमता से खुली रहेंगी।

चौथे दिन निस्तारित प्रमुख आपत्तियों का वर्गीकरण

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, चौथे दिन हल की गई शिकायतों में सर्वाधिक मामले निम्नलिखित श्रेणियों से संबंधित थे:

  1. गाटा संख्या व रकबा संशोधन (42%): खतौनी के अनुसार वास्तविक भूमि से कम रकबा दर्ज होने के मामले।
  2. प्रजाति वर्गीकरण सुधार (28%): खेतों में लगी अगेती किस्म Co-15023, Co-0118 को लिपिकीय भूल से सामान्य किस्म में दर्ज कर दिया गया था, जिसे संशोधित कर अगेती श्रेणी में चढ़ाया गया।
  3. बेसिक कोटा पुनरुद्धार (18%): पुराने सालों में रोग या पारिवारिक बंटवारे के कारण कटे हुए बेसिक कोटे को दोबारा बहाल किया गया।
  4. बैंक खाता व आधार सीडिंग (12%): डीबीटी भुगतान के लिए आईएफएससी कोड और एनपीसीआई मैपिंग की त्रुटियां सुधारी गईं।

30 सितंबर तक ऑनलाइन घोषणा पत्र अनिवार्य

गन्ना विकास विभाग ने किसानों को पुनः सचेत किया है कि 15 सितंबर को सट्टा आपत्ति अभियान समाप्त हो जाएगा, लेकिन विभागीय पोर्टल enquiry.caneup.in पर अनिवार्य ऑनलाइन घोषणा पत्र (Declaration Form) भरने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 है।

अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो किसान 30 सितंबर तक अपना घोषणा पत्र नहीं भरेंगे, उनका सट्टा आगामी पेराई सत्र के लिए सॉफ्टवेयर द्वारा स्वतः लॉक (निष्क्रिय) कर दिया जाएगा और उन्हें एक भी पर्ची जारी नहीं होगी। बुजुर्ग और अशिक्षित किसानों की सहायता के लिए सभी समितियों पर निःशुल्क ई-मित्र हेल्पडेस्क चालू कर दिए गए हैं।

महिला और वृद्ध किसानों के लिए अलग कतार

समितियों में भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक समिति पर महिला किसानों, दिव्यांगों और 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ किसानों के लिए अलग काउंटर बनाया गया है ताकि उन्हें घंटों धूप में खड़ा न रहना पड़े। शुद्ध पेयजल और बैठने के लिए छायादार टेंट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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