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मुजफ्फरनगर-मेरठ के किसान ध्यान दें — 15 सितंबर से पहले सट्टे में सुधार लें ये 2 गलतियां, वरना अटक जाएगी पर्ची!

Randhir Patil Randhir Patil Sep 5, 2026 3 min read
मुजफ्फरनगर-मेरठ के किसान ध्यान दें — 15 सितंबर से पहले सट्टे में सुधार लें ये 2 गलतियां, वरना अटक जाएगी पर्ची!
अंतिम अपडेट: September 5, 2026 9:15 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

इस आर्टिकल में: CaneUp पर इस पोस्ट में गन्ना किसानों के लिए उपयोगी जानकारी दी गई है — गन्ना पर्ची कैलेंडर, MSP/FRP रेट, भुगतान स्थिति, सरकारी योजनाएं, eGanna App, खेती के टिप्स, और बिज़नेस आइडियाज। यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मुख्य बिंदु (Quick Summary): उत्तर प्रदेश के 50 लाख गन्ना किसानों के लिए 15 सितंबर 2026 सट्टा व सर्वे आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख है। यदि आपके सट्टे में गाटा संख्या, रकबा या अगेती प्रजाति की कोई भी गलती है, तो अपनी गन्ना समिति में शाम 7:00 बजे से पहले पहुंचकर तुरंत सुधार कराएं।

लखनऊ / मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए संचालित विशेष गन्ना सट्टा एवं सर्वे आपत्ति निस्तारण अभियान आज अपने 5वें दिन में प्रवेश कर चुका है और अंतिम तारीख (15 सितंबर 2026) में अब मात्र 10 दिन शेष बचे हैं। गन्ना विकास विभाग के राज्यस्तरीय बुलेटिन के अनुसार, पिछले 4 दिनों में प्रदेश भर की 168 सहकारी गन्ना समितियों में 84,200 से अधिक किसानों की आपत्तियों का त्वरित निस्तारण किया गया है।

मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, बिजनौर और लखीमपुर खीरी की समितियों में किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए गन्ना आयुक्त ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि सभी 168 समितियों के काउंटर प्रतिदिन शाम 7:00 बजे तक अनिवार्य रूप से खुले रहेंगे

Department of Sugar Industry and Cane Dev, UP
Department of Sugar Industry and Cane Dev, UP
@UPCaneDept
📢 गन्ना किसान भाई ध्यान दें: पेराई सत्र 2026-27 के लिए सट्टा संशोधन व आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर है। किसान भाई eGanna App अथवा enquiry.caneup.in पर जाकर अपना रकबा, बैंक खाता और बेसिक कोटा समय रहते दुरुस्त करा लें। #UPCane #eGanna #FarmerFirst

सट्टे में सबसे ज्यादा होने वाली 2 गलतियां और उनका समाधान

  1. अगेती किस्म का सामान्य श्रेणी में दर्ज होना: कई किसानों के खेतों में नई किस्म Co-15023 या Co-0118 लगी है, लेकिन सर्वेयर की भूल से वह सामान्य श्रेणी में दर्ज हो गई है। यदि इसे 15 सितंबर तक ठीक नहीं कराया गया, तो आपकी पहली पर्ची नवंबर के बजाय जनवरी में कटेगी और भारी आर्थिक नुकसान होगा।
    • समाधान: अपने क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षक (Supervisor) से दोबारा स्थलीय सत्यापन कराकर अगेती प्रमाण पत्र समिति में जमा करें।
  2. खतौनी के अनुसार गाटा संख्या व रकबे में कटौती: संयुक्त खाते या चकबंदी के कारण कई किसानों का रकबा कम दर्ज हुआ है, जिससे बेसिक कोटा घट गया है।
    • समाधान: नई प्रमाणित राजस्व खतौनी और आधार कार्ड की प्रति संलग्न कर समिति सचिव को प्रपत्र-3 पर प्रार्थना पत्र दें।

सट्टा संशोधन के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • अद्यतन राजस्व खतौनी (प्रमाणित प्रति)
  • आधार कार्ड व बैंक पासबुक की छायाप्रति
  • किसान कोड व मोबाइल नंबर
  • पुराना पर्ची कैलेंडर या पिछले सत्र की तौल रसीद

30 सितंबर तक ऑनलाइन घोषणा पत्र अनिवार्य

गन्ना आयुक्त ने किसानों को पुनः सचेत किया है कि 15 सितंबर को समिति स्तर पर आपत्तियों का काम बंद हो जाएगा। इसके बाद किसानों को 30 सितंबर 2026 तक विभागीय पोर्टल enquiry.caneup.in पर अनिवार्य ऑनलाइन घोषणा पत्र भरना होगा। जो किसान घोषणा पत्र नहीं भरेंगे, उनका सट्टा सॉफ्टवेयर द्वारा स्वतः लॉक कर दिया जाएगा। बुजुर्ग किसानों के लिए समिति परिसर में निःशुल्क ई-मित्र काउंटर चालू हैं।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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