सट्टा सुधार अभियान के तीसरे दिन 52,000 आपत्तियां हल — मुजफ्फरनगर व बिजनौर प्रदेश में सबसे आगे

लखनऊ / मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए संचालित 15 दिवसीय विशेष गन्ना सट्टा एवं सर्वे आपत्ति निस्तारण अभियान ने अपने तीसरे दिन गति पकड़ ली है। गन्ना आयुक्त कार्यालय द्वारा आज 3 सितंबर की सुबह जारी 48 घंटे के समेकित कार्य प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार, प्रदेश भर की 168 सहकारी गन्ना विकास समितियों में अब तक कुल 52,418 किसानों की आपत्तियों का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण कर उनके आंकड़ों को ई-गन्ना सर्वर पर अपडेट कर दिया गया है। जिलावार कार्य प्रदर्शन में मुजफ्फरनगर, बिजनौर और लखीमपुर खीरी जिले प्रदेश भर में अव्वल रहे हैं।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरनगर जिले में अब तक 7,420 आपत्तियां, बिजनौर में 6,850 आपत्तियां और शामली में 5,140 आपत्तियां हल की गई हैं। अधिकांश प्रकरण जीपीएस सर्वे में रकबा कम दर्ज होने, सह-खातेदारों के हिस्से का बेसिक कोटा कटने और अगेती प्रजाति Co-15023 के स्थान पर गलती से सामान्य प्रजाति दर्ज होने से संबंधित थे।
30 सितंबर तक ऑनलाइन घोषणा पत्र अनिवार्य
गन्ना आयुक्त कार्यालय के संयुक्त सचिव ने लखनऊ में बताया कि सभी जिला गन्ना अधिकारियों (DCO) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर किसानों को जागरूक करें। उन्होंने स्पष्ट किया, “15 सितंबर को सट्टा आपत्ति निस्तारण अभियान समाप्त होने के तुरंत बाद 12 पखवाड़ों के मुख्य पर्ची कैलेंडर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जो किसान 30 सितंबर 2026 तक विभागीय पोर्टल enquiry.caneup.in पर अपना वार्षिक घोषणा पत्र (Declaration Form) नहीं भरेंगे, उनका सट्टा आगामी पेराई सत्र के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा। घोषणा पत्र के बिना किसी भी दशा में डिजिटल पर्ची जारी नहीं होगी।”
सहारनपुर परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना समितियों में किसानों की सुविधा के लिए अतिरिक्त हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं। जिन वृद्ध और महिला किसानों को ऑनलाइन पोर्टल चलाने में असुविधा हो रही है, समिति के कर्मचारी स्वयं उनका घोषणा पत्र मुफ्त में भरवा रहे हैं।
समितियों में इन 4 दस्तावेजों की जांच अनिवार्य
विभागीय अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे समिति में आते समय निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ लेकर आएं:
- अद्यतन राजस्व खतौनी की प्रमाणित प्रति: जिसमें गाटा संख्या और खातेदार का स्पष्ट विवरण हो।
- आधार कार्ड व बैंक पासबुक की छायाप्रति: बैंक खाता एनपीसीआई (NPCI) से लिंक होना जरूरी है।
- घोषणा पत्र की पावती: पोर्टल से डाउनलोड की गई ऑनलाइन रसीद।
- सह-खातेदारों का अनापत्ति सहमति पत्र: यदि एक ही खतौनी पर परिवार के कई सदस्यों का नाम दर्ज है।
विभाग ने सभी किसान सेवा केंद्रों (CSC) को पाबंद किया है कि वे घोषणा पत्र भरने के लिए निर्धारित ₹30 से अधिक की फीस न लें। ओवर-चार्जिंग की शिकायत मिलने पर संबंधित सीएससी संचालक का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
पेड़ी रकबे के त्वरित निस्तारण से किसानों को राहत
गन्ना विकास निरीक्षकों ने बताया कि जिन किसानों ने पेड़ी (Ratoon) गन्ने की कटाई जल्दी कराकर गेहूं बोने की योजना बनाई है, उनके पेड़ी रकबे को पहले तीन पखवाड़ों में पर्ची आवंटन के लिए प्राथमिक सूची में शामिल किया जा रहा है। इससे किसानों को अक्टूबर और नवंबर के प्रथम सप्ताह में ही पर्चियां मिल सकेंगी और रबी फसलों की बुवाई समय पर हो सकेगी।
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