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यूपी में सट्टा सुधार अभियान के पहले दिन 18,400 आपत्तियां निस्तारित — समितियों में उमड़ी किसानों की भीड़

Randhir Patil Randhir Patil Sep 1, 2026 3 min read
यूपी में सट्टा सुधार अभियान के पहले दिन 18,400 आपत्तियां निस्तारित — समितियों में उमड़ी किसानों की भीड़
अंतिम अपडेट: September 1, 2026 6:45 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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लखनऊ / मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए आज 1 सितंबर 2026 से शुरू हुए 15 दिवसीय राज्यव्यापी ‘गन्ना सट्टा आपत्ति निस्तारण एवं संशोधन विशेष अभियान’ के पहले दिन प्रदेश भर की 168 सहकारी गन्ना विकास समितियों में किसानों का भारी उत्साह देखने को मिला। गन्ना आयुक्त कार्यालय द्वारा आज देर शाम जारी आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, पहले ही दिन पूरे प्रदेश में कुल 18,462 किसानों की आपत्तियों की मौके पर ही सुनवाई कर उनके सर्वे व सट्टा रिकॉर्ड को ऑनलाइन संशोधित कर दिया गया है।

गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश ने लखनऊ मुख्यालय से राज्य के सभी 9 परिक्षेत्रों (सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, अयोध्या, देवीपाटन, गोरखपुर और वाराणसी) के उप गन्ना आयुक्तों के साथ समीक्षा बैठक कर अभियान की स्थिति का जायजा लिया। पहले दिन सबसे अधिक आपत्तियां मुजफ्फरनगर (2,840), बिजनौर (2,410), लखीमपुर खीरी (2,180) और शामली (1,920) जिलों में निस्तारित की गईं।

मौके पर ही 3-सदस्यीय कमेटी ने किया सत्यापन

गन्ना विकास समितियों में आयोजित इन विशेष कैंपों में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (SCIO), समिति सचिव और चीनी मिल के मुख्य गन्ना प्रबंधक की 3-सदस्यीय कमेटी ने किसानों के दस्तावेजों का प्रत्यक्ष सत्यापन किया। जिन किसानों के खेतों के जीपीएस सर्वे में रकबा कम दर्ज हुआ था, या जिनकी अगेती प्रजाति (Co-0118, Co-15023) गलती से सामान्य प्रजाति में दर्ज हो गई थी, उनके खतौनी और घोषणा पत्र का मिलान कर ई-गन्ना डेटाबेस में तत्काल सुधार किया गया।

मुजफ्फरनगर सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव ने बताया, “सुबह 10:00 बजे से ही काउंटर पर किसानों की कतारें लग गई थीं। हमने राजस्व लेखपालों और जीपीएस सर्वेयरों को साथ बैठाया ताकि किसान को दोबारा चक्कर न काटना पड़े। जिन किसानों के बैंक खातों के आईएफएससी कोड बैंकों के विलय के कारण अमान्य हो गए थे, उन्हें भी एनपीसीआई डीबीटी के लिए अपडेट किया गया है।”

15 सितंबर तक प्रतिदिन लगेंगे सुधार कैंप

गन्ना विभाग ने किसानों को आश्वस्त किया है कि यह अभियान 15 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन (रविवार सहित) निरंतर जारी रहेगा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 30 अगस्त तक पूरे प्रदेश में लगभग 1.15 लाख किसानों ने प्री-कैलेंडर सत्यापन के दौरान लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। विभाग का लक्ष्य आगामी 10 दिनों के भीतर इन सभी आपत्तियों का 100% निस्तारण करना है।

अधिकारियों ने किसानों से पुनः अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपनी क्षेत्रीय समिति में पहुंचकर अपना रिकॉर्ड दुरुस्त करा लें। 15 सितंबर की शाम को पोर्टल लॉक होने के बाद 12 पखवाड़ों का मुख्य पर्ची कैलेंडर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसके आधार पर अक्टूबर से डिजिटल पर्चियां निर्गत होंगी।

समिति में जाने वाले किसानों के लिए जरूरी दस्तावेज चेकलिस्ट

गन्ना पर्यवेक्षकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने साथ राजस्व खतौनी की नई प्रमाणित नकल, आधार कार्ड की छायाप्रति, घोषणा पत्र की रसीद और यदि संयुक्त खातेदार हैं तो परिवार के सभी सदस्यों का अनापत्ति सहमति पत्र अनिवार्य रूप से साथ लेकर आएं ताकि किसी भी संशोधन में कानूनी अड़चन न आए।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों के सट्टे में पेड़ी (Ratoon) रकबा गलती से पौधा (Plant) दर्ज हो गया था, उनके लिए प्रथम 3 पखवाड़ों में पर्चियां जारी करने की विशेष व्यवस्था की जा रही है ताकि खेत समय पर खाली होकर गेहूं की बुवाई संभव हो सके।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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