यूपी की 168 गन्ना समितियों में 'सट्टा प्रदर्शन मेला' शुरू — 30 सितंबर तक भरें ऑनलाइन घोषणा-पत्र, मौके पर हो रहा समस्याओं का निस्तारण

लखनऊ / शामली / मेरठ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 16 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के 48 लाख से अधिक गन्ना किसानों के लिए नए पेराई सत्र 2026-27 के कैलेंडरिंग और पर्ची निर्धारण की सबसे अहम प्रक्रिया शुरू हो गई है। गन्ना विकास विभाग के निर्देशानुसार प्रदेश की सभी 168 सहकारी गन्ना विकास समितियों और विकास परिषदों में 15 सितंबर 2026 से ‘सट्टा एवं सर्वे प्रदर्शन मेला’ आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है, जो 30 सितंबर 2026 तक निरंतर चलेगा।
शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बरेली के समिति परिसरों में किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है। विभाग ने प्रत्येक समिति में 10 से 15 विशेष हेल्प डेस्क काउंटर स्थापित किए हैं, जहां किसानों के गन्ना सर्वे रकबे, पेड़ी-पौधा वर्ग, शेयर सट्टा, आधार सीडिंग और बैंक खाता सुधार का काम ‘ऑन-द-स्पॉट’ (मौके पर ही) किया जा रहा है।
📊 पहले दिन का रिपोर्ट कार्ड: शामली व जेबीगंज में त्वरित निस्तारण
प्रदेश के विभिन्न जिलों से सट्टा मेले के पहले दो दिनों के उत्साहजनक आंकड़े सामने आए हैं:
- शामली गन्ना समिति: जिला गन्ना अधिकारी के निरीक्षण में पहले दिन 52 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 33 औपचारिक आपत्तियों में से 30 का मौके पर ही निस्तारण कर संशोधित पर्ची जारी की गई।
- जेबीगंज गन्ना समिति (लखीमपुर): 13 विशेष स्टॉल लगाए गए, जहां 154 से अधिक किसान अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे और 65 मामलों का मौके पर समाधान कराया गया।
- मेरठ व सहारनपुर: प्राथमिक कैलेंडरिंग में सॉफ्टवेयर जनरेटेड विसंगतियों को दूर करने के लिए समिति सचिवों को प्रतिदिन रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
📋 सट्टा मेले में किसान भाई अनिवार्य रूप से जांचें ये 5 प्रमुख विवरण
| जांच का बिंदु | क्या देखना है? | यदि गलती मिले तो क्या दस्तावेज दें? |
|---|---|---|
| 1. कुल गन्ना रकबा (Area) | जीपीएस सर्वे में दर्ज कुल जमीन और वास्तविक गन्ने का रकबा समान है या नहीं। | खतौनी (फर्द) की छायाप्रति और प्रार्थना पत्र दें। |
| 2. पेड़ी / पौधा वर्ग | अगेती पेड़ी (Ratoon) को पौधा तो नहीं लिख दिया गया। | गन्ना पर्यवेक्षक (Supervisor) से सत्यापन कराएं। |
| 3. बेसिक कोटा (Basic Quota) | पिछले दो वर्षों की औसत आपूर्ति के अनुसार बेसिक कोटा सही दर्ज है या नहीं। | पुरानी आपूर्ति पर्चियों की नकल संलग्न करें। |
| 4. बैंक खाता व आधार लिंकिंग | बैंक खाता एक्टिव है और एनपीसीआई (NPCI) से डीबीटी लिंक है या नहीं। | बैंक पासबुक व आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करें। |
| 5. मोबाइल नंबर | वर्तमान में चालू 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज है या नहीं। | काउंटर पर नया मोबाइल नंबर तुरंत फीड कराएं। |
💻 30 सितंबर 2026: ऑनलाइन घोषणा-पत्र भरने की अंतिम तिथि
गन्ना आयुक्त कार्यालय ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि ऑनलाइन घोषणा-पत्र (Online Declaration Form) भरना प्रत्येक सट्टाधारक किसान के लिए अनिवार्य है:
- घोषणा-पत्र न भरने पर परिणाम: यदि किसी किसान ने 30 सितंबर 2026 तक घोषणा-पत्र नहीं भरा, तो सॉफ्टवेयर उसके सट्टे को ‘अनवेरिफाइड’ मानकर ब्लॉक कर देगा और उसे आगामी सत्र में एक भी पर्ची जारी नहीं होगी।
- कैसे भरें?
- आधिकारिक वेबसाइट caneup.in पर जाएं।
- ‘किसान लॉगिन’ में अपना जिला, फैक्ट्री, समिति और किसान कोड दर्ज करें।
- ‘घोषणा पत्र’ (Declaration) टैब पर क्लिक करें।
- अपनी भूमि का गाटा संख्या, कुल रकबा, पेड़ी व पौधा प्रजाति का विवरण भरें।
- आधार नंबर व मोबाइल ओटीपी के जरिए फॉर्म को फाइनल सबमिट करें।
📞 किसान सहायता एवं शिकायत निवारण
यदि किसी समिति के कर्मचारी या बाबू द्वारा किसानों की आपत्ति दर्ज करने में आनाकानी की जाती है, तो किसान सीधे विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-121-3203 या 1800-180-1551 पर सुबह 10 से शाम 6 बजे तक कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
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