गन्ना सट्टा व सर्वे आपत्ति दर्ज कराने के अंतिम 48 घंटे — 15 सितंबर 2026 के बाद फ्रीज होगा डेटा, समितियों में लगे विशेष हेल्प डेस्क काउंटर

लखनऊ / मेरठ / बरेली (CaneUp विशेष ब्यूरो — 13 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए आगामी पेराई सत्र 2026-27 के संबंध में सबसे महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया गया है। सट्टा प्रदर्शन मेले के तहत अपने गन्ना सर्वे, रकबा, पेड़ी-पौधा वर्ग, वारिसान का नाम और बैंक खाता शुद्धिकरण के लिए अब केवल 48 घंटे का समय शेष बचा है। गन्ना आयुक्त कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 सितंबर 2026 की शाम 5:00 बजे के बाद राज्य स्तरीय ई-गन्ना पोर्टल का संशोधन विंडो पूरी तरह लॉक (Freeze) कर दिया जाएगा।
गन्ना आयुक्त ने सभी जिला गन्ना अधिकारियों (DCOs) और सहकारी गन्ना विकास समितियों के सचिवों को आदेश दिया है कि 13, 14 और 15 सितंबर को सभी समितियों में ‘विशेष हेल्प डेस्क काउंटर’ लगातार खुले रहेंगे, ताकि कोई भी पात्र किसान समय सीमा समाप्त होने के कारण अपनी पर्चियों से वंचित न रह जाए।
🚨 यदि 15 सितंबर तक आपत्ति दर्ज नहीं कराई तो क्या नुकसान होगा?
- पर्चियों की संख्या कम होना: यदि आपके खेत का वास्तविक रकबा सर्वे में कम दर्ज है और आपने 15 सितंबर तक आपत्ति दर्ज नहीं की, तो आपकी कुल आपूर्ति पर्चियां (Indents) घट जाएंगी और आपका बचा हुआ गन्ना खेतों में सूख जाएगा।
- पेड़ी और पौधा का गलत वर्गीकरण: यदि पेड़ी (Ratoon) को पौधा (Plant) दर्ज कर दिया गया है, तो आपको सीजन के शुरुआती दिनों (अक्टूबर-नवंबर) में पर्ची नहीं मिलेगी, जिससे खेत खाली करके गेहूं बोने का मौका हाथ से निकल जाएगा।
- पेमेंट अटक जाना: यदि आपका बैंक खाता नंबर, आईएफएससी (IFSC) कोड या आधार एनपीसीआई (NPCI) से मैप नहीं है, तो गन्ना तौलने के बाद भी भुगतान सीधे खाते में नहीं पहुंच पाएगा।
- सट्टा ब्लॉक होना: एक ही आधार कार्ड पर दो सट्टे चलने या वारिसान का नाम समय पर दर्ज न कराने पर आपका सट्टा ‘संदिग्ध’ (Suspicious) सूची में डालकर ब्लॉक कर दिया जाएगा।
📋 15 सितंबर तक अनिवार्य रूप से जांचें ये 5 प्रमुख विवरण
| जांच बिंदु | क्या जांचना है? | यदि त्रुटि हो तो क्या करें? |
|---|---|---|
| 1. कुल सर्वे रकबा | आपके पास वास्तविक गन्ना कितना है और सर्वे पर्ची में कितना दर्ज है। | फर्द (खतौनी) की फोटोकॉपी लगाकर रकबा वृद्धि का प्रार्थना पत्र दें। |
| 2. पौधा / पेड़ी प्रतिशत | कुल रकबे में पेड़ी कितनी है और पौधा कितना है। | क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षक (Supervisor) से मौका मुआयना रिपोर्ट लगाकर ठीक कराएं। |
| 3. प्रजाति (Variety) | अगेती (Early) या सामान्य (General) सही दर्ज है या नहीं। | यदि Co-0238 या Co-0118 को सामान्य लिख दिया गया है तो संशोधन कराएं। |
| 4. बैंक खाता व आधार | नाम की स्पेलिंग, बैंक खाता संख्या और आधार का मिलान। | बैंक पासबुक व आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति हेल्प डेस्क पर जमा करें। |
| 5. मोबाइल नंबर | वर्तमान में चालू मोबाइल नंबर दर्ज है या नहीं। | हेल्प डेस्क पर तुरंत अपना सही मोबाइल नंबर अपडेट करवाएं ताकि एसएमएस पर्ची मिले। |
📍 संशोधन कराने के 2 आसान तरीके
तरीका 1: संबंधित गन्ना समिति के ‘विशेष हेल्प डेस्क’ पर जाएं (सबसे सुरक्षित)
- अपने नजदीकी ब्लॉक या तहसील स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय पहुंचें।
- वहां ‘सट्टा आपत्ति काउंटर’ पर निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र भरें।
- आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें: खतौनी की नकल, आधार कार्ड की फोटोकॉपी, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर।
- काउंटर पर बाबू से ‘पावती रसीद’ (Receiving Slip) अवश्य प्राप्त करें।
तरीका 2: ऑनलाइन caneup.in पोर्टल द्वारा
- आधिकारिक पोर्टल caneup.in पर जाएं।
- ‘किसान लॉगिन’ में जाकर अपना जिला, फैक्ट्री, समिति और किसान कोड दर्ज करें।
- ‘घोषणा पत्र’ (Declaration Form) कॉलम में जाकर संशोधन हेतु विवरण चेक करें। यदि पोर्टल पर लॉक का विकल्प आ रहा है, तो तुरंत समिति जाकर ऑफलाइन फॉर्म जमा करें।
⏱️ समय सीमा का पालन करें: 15 सितंबर शाम 5 बजे पोर्टल फ्रीज
प्रदेश भर के जिला गन्ना अधिकारियों ने मुनादी करवाकर किसानों को सचेत कर दिया है। 15 सितंबर की मध्यरात्रि से सॉफ्टवेयर ऑटोमैटिक कैलेंडरिंग प्रक्रिया शुरू कर देगा। इसके बाद किसी भी स्तर पर (चाहे समिति सचिव हों या डीसीओ) डेटा बदलने का अधिकार समाप्त हो जाएगा। अतः सभी किसान भाई आज ही अपनी पर्चियों और सट्टे की जांच अवश्य कर लें।
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गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
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