उत्तर प्रदेश नई गन्ना आपूर्ति नीति 2026-27 जारी, दिव्यांग और महिला किसानों को पर्चियों में मिलेगी विशेष प्राथमिकता

उत्तर प्रदेश नई गन्ना आपूर्ति नीति 2026-27 जारी, दिव्यांग और महिला किसानों को पर्चियों में मिलेगी विशेष प्राथमिकता
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Aamir Raza - 2026-08-30
लखनऊ (विशेष संवाददाता)। उत्तर प्रदेश शासन ने आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए नई गन्ना आपूर्ति एवं कैलेण्डरिंग नीति (Sugarcane Supply Policy 2026-27) को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस बार की नीति में पहली बार दिव्यांग लघु किसानों और महिला काश्तकारों को लाइन में लगने की झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए विशेष प्राथमिकता वाले प्रावधान किए गए हैं।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, लघु एवं अति लघु महिला गन्ना किसानों की पेड़ी गन्ने की शत-प्रतिशत पर्चियां प्रथम और द्वितीय पखवाड़े में ही जारी कर दी जाएंगी। वहीं उनके पौधा गन्ने की पर्चियां सातवें और आठवें पखवाड़े में आवंटित की जाएंगी, जिससे महिला किसान अधिकतम एक माह के भीतर अपना गन्ना मिल को तौलकर खाली हो सकेंगी।
दिव्यांग किसानों के लिए विशेष व्यवस्था
प्रदेश में पहली बार 90 क्विंटल तक सट्टा रखने वाले दिव्यांग लघु गन्ना किसानों के लिए नियमों में ऐतिहासिक शिथिलता दी गई है।
अपर मुख्य सचिव (गन्ना) ने बताया, “दिव्यांग किसानों को सामान्य अनुपात व्यवस्था से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। उनके पेड़ी गन्ने की समस्त पर्चियां पेराई सत्र के पहले ही पखवाड़े में जारी कर दी जाएंगी। यदि किसी दिव्यांग किसान का सट्टा बड़ा है, तो उसे भी विशेष कोटे के तहत प्राथमिक पखवाड़ों में ही समायोजित किया जाएगा ताकि उन्हें मिल गेट या क्रय केंद्रों पर बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।”
| श्रेणी | सट्टा सीमा | पेड़ी पर्ची आवंटन पखवाड़ा | पौधा पर्ची आवंटन | विशेष लाभ |
|---|---|---|---|---|
| महिला लघु कृषक | 120 क्विंटल तक | प्रथम व द्वितीय पखवाड़ा | सातवां व आठवां पखवाड़ा | 1 माह में पूर्ण आपूर्ति |
| दिव्यांग लघु कृषक | 90 क्विंटल तक | प्रथम पखवाड़ा (शत-प्रतिशत) | छठा पखवाड़ा | कतार व सामान्य अनुपात से छूट |
| पूर्व सैनिक व आश्रित | नियमित सट्टा | प्रारंभिक पखवाड़ों में वरीयता | सामान्य | प्राथमिकता आधार पर तौल |
| ड्रिप व ट्रेंच कृषक | सामान्य सट्टा | अगेती पखवाड़ों में 20% अतिरिक्त | सामान्य | उत्पादन प्रोत्साहन कोटा |
ट्रेंच प्लांटिंग और ड्रिप अपनाने वालों को भी बोनस पर्चियां
नई आपूर्ति नीति में जल संरक्षण और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहन योजना जोड़ी गई है। जो किसान ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई करेंगे और ड्रिप इरिगेशन का उपयोग करेंगे, उन्हें उनकी उपज के आधार पर अगेती पखवाड़ों में 15 से 20 प्रतिशत अतिरिक्त पर्चियां आवंटित की जाएंगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सैनिक परिवारों और शहीदों के आश्रितों को भी क्रय केंद्रों पर प्राथमिकता से तौल कराने की सुविधा दी जाएगी।
महिलाओं और बुजुर्ग किसानों के लिए विशेष सहायता केंद्र
गन्ना विकास परिषद ने प्रत्येक चीनी मिल गेट और बाह्य तौल केंद्रों पर ‘महिला एवं दिव्यांग कृषक सहायता पटल’ स्थापित करने का निर्देश दिया है।
अमरोहा के जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि तौल केंद्रों पर कतार में खड़े होने में असमर्थ बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग से वजन पर्ची काउंटर संचालित होगा। साथ ही यदि किसी महिला कृषक के पास ढुलाई के लिए अपने साधन नहीं हैं, तो समिति के माध्यम से वाहन किराए पर लेने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले की 16 चीनी मिलों के अंतर्गत आने वाली चंदनपुर चीनी मिल, असमौली चीनी मिल, अगवानपुर चीनी मिल और बेलवाड़ा चीनी मिल के दिव्यांग व महिला किसान अपनी समिति में प्रार्थना पत्र देकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
किसान अपने सट्टे और पखवाड़ों का विवरण enquiry.caneup.in पोर्टल पर देख सकते हैं। नए कैलेंडर की जानकारी के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 कैसे देखें पढ़ें और ई-गन्ना ऐप डाउनलोड करें। किसी भी समस्या के लिए हमारे गन्ना विभाग हेल्पलाइन डायरेक्टरी के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर संपर्क करें।
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