गन्ना कृषि यंत्र बैंक पर FPO और समितियों को 80 प्रतिशत अनुदान, 15 लाख तक के आधुनिक उपकरण मिलेंगे

गन्ना कृषि यंत्र बैंक पर FPO और समितियों को 80 प्रतिशत अनुदान, 15 लाख तक के आधुनिक उपकरण मिलेंगे
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Aamir Raza - 2026-08-30
लखनऊ/सहारनपुर (विशेष संवाददाता)। उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को महंगे कृषि उपकरणों की खरीद के आर्थिक बोझ से बचाने और ग्रामीण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार के कृषि विभाग ने ‘फार्म मशीनरी बैंक’ (Custom Hiring Center - CHC) योजना के तहत 80 प्रतिशत तक का भारी अनुदान जारी किया है।
इस योजना के तहत पंजीकृत किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), ग्राम पंचायतों और प्राथमिक गन्ना विकास समितियों को 15 लाख रुपये तक के कृषि यंत्रों का पूरा बैंक स्थापित करने के लिए अधिकतम 12 लाख रुपये की सरकारी सब्सिडी दी जाएगी।
फार्म मशीनरी बैंक में शामिल होंगे गन्ने के ये 6 आधुनिक यंत्र
कृषि यांत्रिकीकरण के संयुक्त निदेशक ने बताया कि फार्म मशीनरी बैंक में विशेष रूप से गन्ना कटाई, छिलाई और अवशेष प्रबंधन से जुड़े निम्नलिखित आधुनिक यंत्र शामिल किए जा सकेंगे:
- ट्रैश कटर व मल्चर (Sugarcane Trash Cutter): गन्ने की पत्ती (सूखी खोई) को खेत में ही बारीक काटकर खाद बनाने वाला यंत्र, जिससे पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
- आरबीडब्ल्यूडी रोटावेटर (Ratoon Management Device): पेड़ी गन्ने की जड़ों की छंटाई और खाद डालने वाला स्वचालित यंत्र।
- ट्रेंच शुगरकेन प्लांटर: गन्ने के टुकड़े काटने, खाद डालने और नाली बनाने का काम एक साथ करने वाली मशीन।
- लेजर लैंड लेवलर (Laser Land Leveler): खेत को पूरी तरह समतल कर 30% पानी बचाने वाला कंप्यूटर नियंत्रित यंत्र।
- हाई-कैपेसिटी गन्ना थ्रेशर व लोडर: ट्रॉली में गन्ने की लोडिंग को तेज करने वाले हाइड्रोलिक उपकरण।
| इकाई का प्रकार | अधिकतम परियोजना लागत | सरकारी अनुदान % | अधिकतम सब्सिडी राशि | लाभार्थी का अंशदान |
|---|---|---|---|---|
| एफपीओ / सहकारी समिति फार्म मशीनरी बैंक | ₹15,00,000 | 80% | ₹12,00,000 | ₹3,00,000 मात्र |
| व्यक्तिगत किसान कस्टम हायरिंग सेंटर | ₹10,00,000 | 40% से 50% | ₹5,00,000 | ₹5,00,000 |
| सिंगल कृषि यंत्र (रोटावेटर/कटर) | ₹1,50,000 | 50% | ₹75,000 | ₹75,000 |
छोटे किसानों को नाममात्र किराये पर मिलेंगे यंत्र
योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि 1 या 2 बीघे के लघु किसान, जो लाखों रुपये के ट्रैक्टर और मशीनें नहीं खरीद सकते, वे अपने गांव के एफपीओ फार्म मशीनरी बैंक से मात्र 200 से 300 रुपये प्रति घंटे के नाममात्र किराये पर आधुनिक उपकरण ले सकें। इससे खेती की लागत 40 प्रतिशत तक कम हो जाएगी।
ग्राम स्तर पर कस्टम हायरिंग केंद्रों का जाल
कृषि विभाग का लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष में पश्चिमी यूपी के प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर कम से कम दो फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने का है।
इससे गन्ना छिलाई और ढुलाई के पीक सीजन में मजदूरों की किल्लत से जूझने वाले किसानों को समय पर मशीनें मिल सकेंगी और पेराई सत्र के दौरान मिल गेट पर गन्ने की निर्बाध आपूर्ति बनी रहेगी।
पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले की चीनी मिलों से जुड़े एफपीओ और ग्राम समितियां विभागीय पोर्टल upagriculture.com पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
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