यूपी चीनी मिल पेराई सत्र 2026-27 का आधिकारिक कैलेंडर जारी — 15 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच चलेंगी 120 मिलें: जिलावार तिथियां व इंडेंट रोस्टर घोषित

लखनऊ (CaneUp विशेष रिपोर्ट — 16 सितंबर 2026, प्रातः 05:45 IST): उत्तर प्रदेश के 50 लाख गन्ना किसानों और 120 चीनी मिलों के लिए बहुप्रतीक्षित पेराई सत्र 2026-27 का आधिकारिक संचालन रोस्टर बुधवार तड़के जारी कर दिया गया है। गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में मिलों को तीन भौगोलिक जोनों में बांटकर क्रमिक रूप से मिल गेट और बाह्य क्रय केंद्रों पर गन्ने की तौल शुरू करने की समय-सारणी निर्धारित की गई है।
शासन के आदेशानुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने की समय से कटाई और गेहूं की अगेती बुवाई को दृष्टिगत रखते हुए सबसे पहले शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर और सहारनपुर की चीनी मिलें 15 अक्टूबर से चालू होंगी।
🗓️ जिलावार चीनी मिल संचालन टाइम-टेबल (District-Wise Schedule)
| जोन / क्षेत्र (Region) | प्रमुख चीनी मिलें (Major Mills) | बॉयलर स्टीम ट्रायल (Trial Date) | पेराई आरंभ तिथि (Crushing Start) |
|---|---|---|---|
| पश्चिमी यूपी (Western UP) | शामली, भैंसाना, खतौली, दौराला, टिकौला, मंसूरपुर, देवबंद | 28 सितंबर - 5 अक्टूबर | 15 से 22 अक्टूबर 2026 |
| रुहेलखंड (Rohilkhand) | धामपुर, स्योहारा, असमोली, बरखेड़ा, रोजा, मीरानपुर कटरा | 5 अक्टूबर - 12 अक्टूबर | 22 से 28 अक्टूबर 2026 |
| मध्य यूपी (Central UP) | गोला गोकर्णनाथ, पलिया, ऐरा, हरगांव, रूपापुर, अजबापुर | 10 अक्टूबर - 18 अक्टूबर | 25 से 31 अक्टूबर 2026 |
| पूर्वांचल (Eastern UP) | कप्तानगंज, पिपराइच, रुधौली, मनकापुर, सेवरही, बभनान | 18 अक्टूबर - 25 अक्टूबर | 1 से 5 नवंबर 2026 |
🌾 अगेती प्रजाति और पेड़ी गन्ने को मिलेगा पहला इंडेंट
कैलेंडर के साथ जारी आपूर्ति नीति (Supply Policy) के मुख्य दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं:
- शुरुआती 2 पखवाड़े (15 से 31 अक्टूबर): केवल अगेती प्रजातियों (Co 0118, Co 15023, CoS 17231, CoLk 14201) और पेड़ी गन्ने (Ratoon Crop) की आपूर्ति पर्चियां काटी जाएंगी।
- बीमारीग्रस्त Co 0238 की पेराई: लाल सड़न (Red Rot) प्रभावित Co 0238 को सामान्य श्रेणी में रखकर उसकी भी शीघ्र कटाई कराई जाएगी ताकि खेत खाली कर गेहूं बोया जा सके।
- एसएमएस पर्ची 72 घंटे पहले: मिल गेट पर तौल से ठीक 72 घंटे पहले और बाहरी सेंटर पर 48 घंटे पहले किसान के फोन पर डिजिटल पर्ची एसएमएस के रूप में पहुंच जाएगी।
⚖️ डिजिटल कांटों की सीसीटीवी व जीपीएस मैपिंग अनिवार्य
घटतौली की पुरानी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए इस वर्ष कड़े नियम तय किए गए हैं:
- सभी 1200 बाहरी क्रय केंद्रों के डिजिटल कांटों को विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा 10 अक्टूबर तक डिजिटल सील किया जाएगा।
- प्रत्येक सेंटर पर उच्च क्षमता का नाइट-विजन सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य होगा, जिसका सीधा लाइव फीड संबंधित जिले के डीएम और जिला गन्ना अधिकारी (DCO) के कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा।
- तौल पर्ची कटते ही किसान के मोबाइल पर वजन और कुल देय राशि का तत्काल ऑटोमेटेड मैसेज भेजा जाएगा।
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